Home » इंडिया » Rajnath singh On LAC in lok sabha saying - China has gathered a large number of troops
 

चीन ने सीमा पर बड़ी संख्या में फौज इकट्ठा की है- लोकसभा में रक्षा मंत्री ने बताई LAC की स्थिति

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 September 2020, 16:30 IST

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि भारत लद्दाख में चीन के साथ वर्तमान विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन पड़ोसी देश द्वारा यथास्थिति में एकतरफा बदलाव का कोई भी प्रयास अस्वीकार्य है. लोकसभा में बयान देते हुए राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि भारतीय सेना ने 15 जून को गालवान घाटी में पीएलए के साथ संघर्ष के दौरान चीनी पक्ष को भारी नुकसान पहुंचाया. रक्षा मंत्री ने कहा कि अप्रैल के बाद से पूर्वी लद्दाख से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में चीनी पक्ष द्वारा सैनिकों की बढ़ोतरी देखी गई है. उन्होंने कहा कि मई की शुरुआत में चीनी पक्ष ने गालवान घाटी क्षेत्र में भारतीय सैनिकों की सामान्य, पारंपरिक गश्त पैटर्न में बाधा डालने के लिए कार्रवाई की थी. उन्होंने कहा, "हमने कूटनीतिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से चीन को स्पष्ट कर दिया कि चीन इस तरह की कार्रवाइयों से, यथास्थिति को एकतरफा बदलने का प्रयास कर रहा है. यह स्पष्ट रूप से बता दिया गया था कि यह अस्वीकार्य है."

रक्षा मंत्री ने कहा ''यह सदन अवगत है चाईना, भारत की लगभग 38,000 स्क्वायर किलोमीटर भूमि का अनधिकृत कब्जा लद्दाख में किए हुए है. इसके अलावा 1963 में एक तथाकथित बाउंडरी एग्रीमेंट के तहत पाकिस्तान ने PoK की 5180 स्क्वायर किलोमीटर भारतीय जमीन अवैध रूप से चाईना को सौंप दी है''. रक्षा मंत्री ने कहा ''यह भी बताना चाहता हूं कि अभी तक भारत-चीन के बॉर्डर इलाके में कॉमनली डेलीनिएटिड LAC नहीं है और LAC को लेकर दोनों की धारणा अलग-अलग है.'' उन्होंने कहा ''भारत और चीन दोनों शांति बनाये रखने के लिए सहमत हैं लेकिन सीमा मुद्दा अभी अनसुलझा है. अब तक पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान नहीं हुआ है और चीन सीमा पर असहमत है.


राजनाथ ने कहा ''चीन ने एलएसी और आंतरिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सेना की बटालियन और सेनाएं जुटाई हैं. पूर्वी लद्दाख, गोगरा, कोंगका ला, पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिण में कई फ्रिक्शन पॉइंट हैं. भारतीय सेना ने भी इन क्षेत्रों में जवाब में तैनाती की है. रक्षा मंत्री ने कहा ''चीनी रक्षा मंत्री के साथ बैठक में मैंने स्पष्ट रूप से कहा कि हमारे सैनिकों ने हमेशा बॉर्डर मैनेजमेंट के लिए एक जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाया था लेकिन साथ ही भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हमारे दृढ़ संकल्प के बारे में कोई संदेह नहीं होना चाहिए''.

 

रक्षा मंत्री ने कहा चीनी सैनिकों का हिंसक आचरण पिछले सभी समझौतों का उल्लंघन है. उन्होंने कहा ''मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारी सेना का मनोबल ऊंचा है, इसमें किसी को शक नहीं होना चाहिए.पीएम की लद्दाख यात्रा ने संदेश दिया है कि भारत के लोग भारतीय सेना बलों के पीछे खड़े हैं''. रक्षा मंत्री ने कहा ''मैं इस सदन से अनुरोध करता हूं कि हम सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हों जो भारत की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए हमारी सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं.''

रवि किशन के बयान पर राज्य सभा बोलीं जया बच्चन- जिस थाली में खाते हैं उसमें छेद करते हैं

First published: 15 September 2020, 16:00 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी