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गृह मंत्री: पीएम मोदी का सीना कल भी 56 इंच का था और आज भी है

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 May 2016, 14:08 IST
(पीटीआई)

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सीना कल भी 56 इंच का था और आज भी एक इंच कम नहीं हुआ है. उन्होंने दावा किया कि इस मामले किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए.

उन्होंने यह भी कहा कि यदि पाकिसतान के पास अपनी भूमि में आतंकवादी गतिविधियों पर लगाम कसने की क्षमता नहीं है तो उसे भारत की मदद लेनी चाहिए.

इंडिया टीवी में रजत शर्मा के आप की अदालत कार्यक्रम में राजनाथ सिंह से मोदी के लोकसभा प्रचार के बारे में सवाल पूछा गया था जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान से निपटने के लिए 56 इंच के सीने की जरूरत है. 

हिंदी चैनल इंडिया टीवी ने एक विज्ञप्ति में राजनाथ सिंह के हवाले से कहा है कि, ‘मै गृहमंत्री हूं. मैं गोपनीय मामले जानता हूं. मेरे साथ आईबी है. यह कम नहीं हुआ है. इस मामले में कोई संदेह नहीं होना चाहिए. मैं केवल यही कह सकता हूं कि पीएम का 56 इंच का सीना आज भी बरकरार है.’

गृहमंत्री ने कहा कि वह पाकिस्तान को संदेश देना चाहते हैं कि उसे अपने देश में आतंकियों पर लगाम कसनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘यदि पाकिस्तान को लगता है कि आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाने की क्षमता उसमें नहीं है, तो उसे हमसे सहायता मांगनी चाहिए. यदि वह चाहे तो हम उनकी मदद कर सकते हैं. पाकिस्तान हमारे अलावा विश्व समुदाय से भी सहायता मांग सकता है.’

सिंह ने कहा कि पिछले दो सालों में पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ में 52 फीसदी की कमी आई है. नक्सली हमले में मारे जाने वाले सुरक्षाकर्मियों की संख्या में भी कमी आई है. पठानकोट पर आतंकवादी हमलों के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार की रणनीति के कारण अमेरिका ने पाकिस्तान से हमले की जांच में सहयोग करने को कहा है.

गृहमंत्री ने कहा कि इशरत जहां मामले के कुछ दस्तावेज गायब हैं. राजनाथ सिंह ने कहा कि, ‘गृह मंत्रालय की फाइलों में कुछ कागजात होने चाहिए, लेकिन वो उपलब्ध नहीं हैं. मैंने इस मामले में जांच के लिए एक समिति का गठन किया है. यह समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट दे देगी. समिति की रिपोर्ट में खुलासा होगा कि दस्तावेज के गायब होने में कौन दोषी है.’ 

उन्होंने यह भी कहा कि फाइलों में कांग्रेस से संबंधित लोगों ने राजनीतिक फायदों के लिए बदलाव भी किए. यह पूछे जाने पर कि मालेगांव विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने प्रज्ञा ठाकुर को क्लीन चिट क्यों दी, उन्होंने कहा कि जब जांच एजेंसी ने इस बारे में पता किया तो चीजें स्पष्ट हो गईं.

उन्होंने कहा कि एनआईए को अधिकतम स्वायत्तता दी गई है कि उसे कानूनी राय के लिए फाइलों को गृह मंत्रालय भेजने की आवश्यकता नहीं है. वह फाइलों को सीधे कानून मंत्रालय के पास भेज सकती है. यह पूछे जाने पर कि मालेगांव मामले में सभी गवाहों ने दो सालों के भीतर अपना रुख कैसे बदल दिया, इस सवाल के जवाब में गृहमंत्री ने कहा कि ‘एनआईए से पूछिए कि पुराना रुख क्यों था और अब बदला हुआ क्यों है.’

कालेधन के मुद्दे पर राजनाथ ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान कोई वादा नहीं किया गया था कि प्रतिव्यक्ति के बैंक खाते में 15 लाख रुपये जमा करवाए जाएंगे. 

उन्होंने कहा कि, ‘मैं उस समय भाजपा का अध्यक्ष था. मेरे नेतृत्व में पार्टी ने घोषणापत्र तैयार किया था. मैंने कभी ऐसा बयान नहीं दिया. इस बात को लेकर यह धारणा थी कि विदेशों में मौजूदा कालेधन की भारी राशि को देखते हुए 15 लाख रुपये प्रतिव्यक्ति औसत आएगा किंतु वह महज एक उदाहरण था, कुछ और नहीं.’

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की इस टिप्पणी कि गोमांस खाने वाले मुसलमानों के लिए भारत में कोई जगह नहीं है, सिंह ने कहा कि, ‘नहीं. मैं इससे पूरी तरह से असहमत हूं.’ राजनाथ सिंह ने कहा कि, ‘भारत के गर्भ से उत्पन्न हुए सभी हिंदू, सिख, मुस्लिम, पारसी भारत माता की संतानें हैं. हम सब को मिलकर रहना एवं काम करना है.’

First published: 29 May 2016, 14:08 IST
 
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