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इशरत जहां मामले से जुड़े अहम दस्तावेज गायब: गृह मंत्री राजनाथ सिंह

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 March 2016, 18:43 IST

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को लोकसभा में कहा है कि लश्कर-ए-तैयबा की कथित आतंकवादी इशरत जहां मामले से जुड़े अहम दस्तावेज गृह मंत्रालय से गायब हो गए हैं. इसकी जांच शुरू कर दी गई है.

राजनाथ सिंह ने इशरत जहां मामले में जवाब देते हुए कहा, 'साल 2009 में तत्कालीन गृह सचिव की ओर से अटॉर्नी जनरल को लिखे दो पत्र गुम हो गए हैं. तत्कालीन अटॉर्नी जनरल ने मामले से जुड़े दो हलफनामों की जांच करवाई थी, वह भी उपलब्ध नहीं है.'

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इसके अलावा राजनाथ ने कहा कि गृह मंत्रालय इस बात की जांच कर रहा है कि इशरत को पहले आतंकी बताने और बाद में उससे पीछे हट जाने संबंधी दो हलफनामे किन परिस्थितियों में दाखिल किए गए.

उन्होंने तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि उन हलफनामों में तत्कालीन गृहमंत्री के हस्तक्षेप पर सुधार करवाया गया था.

राजनाथ ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच कहा, 'मैं यह कहते हुए दुखी हूं कि इशरत जहां मामले पर पिछली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार का रुख बदलता रहा है.'

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राजनाथ ने यूपीए सरकार पर गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए एक साजिश रचने का भी आरोप लगाया.

उन्होंने कहा, 'तत्कालीन गुजरात सरकार और मुख्यमंत्री को कलंकित करने के लिए हलफनामे को बदल दिया गया. उन्हें मामले में घसीटने के लिए एक षड्यंत्र रचा गया.'

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राजनाथ ने कहा कि मुंबई आतंकी हमले के षडयंत्रकारी डेविड कोलमैन हेडली की गवाही से साबित हो गया है कि इशरत के लश्कर ए तैयबा से संबंध थे जैसा कि संप्रग सरकार के समय के पहले हलफनामे में भी स्वीकार किया गया था.

गौरतलब है कि इशरत जहां को 15 जून, 2004 को एक 'फर्जी' पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था.

First published: 10 March 2016, 18:43 IST
 
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