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अलगाववादियों पर बरसे राजनाथ, कहा- हुर्रियत को जम्हूरियत, कश्मीरियत और इंसानियत में नहीं यकीन

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 September 2016, 16:37 IST
(एएनआई)

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों को दो टूक शब्दों में खरी-खरी सुनाई है. श्रीनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजनाथ ने हुर्रियत नेताओं के अड़ियल रवैए पर सख्त टिप्पणी की.

इस दौरान गृह मंत्री ने कहा कि जिस तरह हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेताओं ने सर्वदलीय प्रतिनिधि‍मंडल से बातचीत करने से इनकार किया है, उससे साफ जाहिर है कि उनके दिल में कश्मीरी आवाम के लिए न तो इंसानियत है और न ही कश्मीरियत. 

राजनाथ ने कहा कि हुर्रियत नेताओं के रवैए से साफ है कि उन्हें न तो इंसानियत में यकीन है, न जम्हूरियत में और न ही कश्मीरियत में.

दरवाजे ही नहीं रोशनदान भी खुले

राजनाथ सिंह ने इसके साथ ही कहा कि केंद्र और राज्य सरकार घाटी में शांति का माहौल तैयार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा, "मैं हुर्रियत नेताओं से कहना चाहता हूं कि बातचीत के लिए हमारे दरवाजे ही नहीं, हमारे रोशनदान भी खुले हैं."

गृह मंत्री ने कहा, "हम घाटी में शांति बहाली के लिए हर मुमकिन कोशिश करने के लिए तैयार हैं. हम राज्य सरकार के साथ हर कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहे हैं. हम शांति चाहने वालों से बात करने के लिए तैयार हैं."

छात्रों की समस्याओं के लिए कमेटी

हुर्रियत नेताओं की पाकिस्तान से बातचीत की शर्त पर गृह मंत्री ने कहा कि हम पहले देश में रहने वाले अपने लोगों से बात करेंगे.

गृह मंत्री ने बताया कि प्रदर्शनकारियों पर अब पैलेट गन की जगह पावा शेल का इस्‍तेमाल होगा. उन्होंने कहा कि कश्‍मीरी छात्रों की समस्‍याओं के लिए एक कमेटी बनाई गई है, जिसे डॉक्टर संजय राय हेड कर रहे हैं.

गृह मंत्री के नेतृत्व में शांति बहाली के प्रयास के लिए कश्मीर गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने कई लोगों और समुदायों से बातचीत की है, जिसके बाद उम्मीद जताई जा रही है कि वहां के हालात में तेजी से सुधार होगा.

राजनाथ सिंह ने साथ ही कहा, "शांति के लिए लोगों से बात हुई. जम्मू कश्मीर के गर्वनर और मुख्यमंत्री से बातचीत हुई. राज्य के सभी मंत्रियों से बात हुई. सभी चाहते हैं कि हालात सुधरे."

'कश्मीर अभि‍न्न अंग था, है और रहेगा'

राजनाथ सिंह ने कहा, "एक बात मैं तथ्यात्मक रूप से स्पष्ट कर दूं कि जम्मू-कश्मीर हिंदुस्तान का अभिन्न अंग था, भारत का अंग है और हमेशा रहेगा. इसमें कोई दोमत नहीं है.

अगर कोई बातचीत के लिए जाता है और हुर्रियत के नेता बात नहीं करते हैं तो साफ जाहिर है कि उनका इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत में कोई भरोसा नहीं है."

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजनाथ ने बताया कि सर्वदलीय प्रतिनिधि‍मंडल ने अब तक 300 लोगों से बात की है. सब चाहते हैं कि कश्मीर के हालात सुधरें.

गृहमंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल रविवार को श्रीनगर पहुंचा था. वहां राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती के साथ बैठक की. हालांकि हुर्रियत नेता गिलानी से मिलने जब सीताराम येचुरी और शरद यादव समेत कुछ सांसद गए, तो उन्होंने दरवाजे तक नहीं खोले.

First published: 5 September 2016, 16:37 IST
 
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