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ऊना में दलितों की पिटाई के मामले पर संसद में हंगामा

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 July 2016, 14:44 IST
(फाइल फोटो)

गुजरात के सोमनाथ जिले के ऊना में दलितों की पिटाई का मामला एक बार फिर संसद में गूंजा. विपक्ष के हंगामे के बाद राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित की गई.

बुधवार सुबह 11 बजे राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के सदस्य शोर-शराबा करने लगे. राज्यसभा के डिप्टी स्पीकर ने सदस्यों को समझाने की कोशिश की, लेकिन हंगामा लगातार बढ़ता चला गया.

इस दौरान बहुजन समाज पार्टी के अलावा कांग्रेस और जेडीयू के कुछ सदस्य वेल के पास पहुंच गए. जिसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

दोपहर में जब राज्यसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तो एक बार फिर कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा मचाया. जिसके बाद कार्यवाही को लंच तक दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया.

हालांकि लंच के बाद भी ऊना मुद्दे पर हंगामा नहीं थम सका. जिसके बाद दोपहर ढाई बजे तक के लिए राज्यसभा को स्थगित कर दिया गया. राज्यसभा में टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि गुजरात में दलितों का दमन किया जा रहा है और यहां इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हो रही है.

कांग्रेस-बसपा ने उठाया मुद्दा

राज्यसभा में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के सदस्यों ने ऊना पिटाई का मुद्दा उठाया. सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने अपनी बात रखने की अनुमति मांगी.

उपसभापति पीजे कुरियन ने उन्हें बोलने की इजाजत दी, लेकिन बसपा प्रमुख मायावती अपनी बात पहले रखना चाहती थीं. कुरियन ने कहा कि उन्होंने आजाद को बोलने की अनुमति दी है इसीलिए वह अपना पक्ष पहले रखें और फिर मायावती अपनी बात कहें. 

पहले बोलने पर टकराव

हालांकि मायावती नहीं मानीं और उन्होंने व्यवस्था का प्रश्न उठाया. तब कांग्रेस और सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जानना चाहा कि बसपा प्रमुख ने किस नियम के तहत व्यवस्था का प्रश्न उठाया है.

पढ़ें: गुजरात: दलितों के इस प्रदर्शन में लंबे समय की कुंठा और निराशा छिपी है

कांग्रेस सदस्यों ने कहा कि विपक्ष के नेता को पहले बोलने की इजाजत देनी चाहिए. इसी बीच, तृणमूल कांग्रेस, बीजद, कांग्रेस और जेडीयू के सदस्य के सदस्य आसन के समक्ष आकर सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे.

कुरियन ने उनसे अपनी जगहों पर लौट जाने की अपील करते हुए कहा कि मायावती हम सबकी बहन हैं और उन्हें व्यवस्था का प्रश्न उठाने दिया जाए. हंगामा थमता न देखकर उन्होंने 11 बज कर 10 मिनट पर बैठक को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया.

एक बार के स्थगन के बाद बैठक दोबारा शुरू होने पर कांग्रेस, बसपा, तृणमूल, बीजद और जेडीयू के सदस्य आसन के सामने आकर नारेबाजी करने लगे.

सामाजिक न्याय मंत्री के बयान के बीच हंगामा

हंगामे के बीच ही सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत बयान देने के लिए उठे. लेकिन हंगामे के कारण उनकी बात सुनी नहीं जा सकी. संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी उन्हें हंगामे में ही अपनी बात रखने के लिए कहते देखे गए.

गहलोत यह कहते हुए सुने गए कि घटना को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है. राज्य सरकार ने तत्काल कार्रवाई की और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पीड़ितों को आर्थिक मदद दी जा रही है. घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

मायावती का कांग्रेस पर हमला

वहीं बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने संसद के बाहर संवाददाताओं को बताया कि वे कांग्रेस पार्टी की तरह दलित मुद्दे पर राजनीति नहीं करती, बल्कि ठोस कार्रवाई करती हैं.

मायावती ने कहा कि मामले के संज्ञान में आते ही उन्होंने पार्टी के एक प्रतिनिधि मण्डल को गुजरात भेजा. इसके बाद जब से संसद का सत्र शुरू हुआ, तब उन्होंने इस मामले को देश के सामने उठाया. मायावती ने कांग्रेस के विरोध को नाटक करार दिया है.

बसपा सुप्रीमो ने मानसून सत्र के पहले दिन भी दलितों की पिटाई का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया था कि बीजेपी के शासन काल में दलित समुदाय पर हमले और उत्पीड़न के मामले बढ़ गए हैं.

क्या है ऊना पिटाई मामला?

हाल ही में सोमनाथ जिले के वेरावल के ऊना में गाय का चमड़ा उतारने के आरोप में गौरक्षा दल के लोगों ने गुंडागर्दी करते हुए कुछ दलितों की पिटाई कर दी थी. इसका वीडियो वायरल होने के बाद दलित समाज का गुस्सा बढ़ गया.

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पिछले दो दिन के दौरान गुजरात में बड़े पैमाने पर दलित समाज ने विरोध प्रदर्शन किए. इस दौरान कई युवकों ने जहर पीकर खुदकुशी की कोशिश की, जिसमें एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई.

इसके अलावा अमरेली में हिंसक प्रदर्शन के दौरान घायल एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी, जबकि एसपी को भी चोटें आई थीं. वहीं पिटाई के मामले की सीएम आनंदी बेन पटेल ने सीआईडी जांच के अादेश दिए हैं.

First published: 20 July 2016, 14:44 IST
 
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