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राज्यसभा चुनाव: 7 राज्य, 27 सीटें और आज का दिलचस्प मतदान

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:49 IST
(एजेंसी)

राज्यसभा की खाली हुई 27 सीटों के लिए आज सात राज्यों में मतदान हो रहा है. वहीं राज्यसभा की कुल 57 सीटों में से 30 पर निर्विरोध प्रत्याशियों का चयन हो चुका है. आज के मतदान में क्रॉस वोटिंग से कुछ दिग्गज प्रत्याशियों का खेल बिगड़ सकता है.

राज्यसभा के इस चुनाव में उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और हरियाणा की कुछ सीटों पर कांटे के मुकाबले की उम्मीद की जा रही है. वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल और वकील आर के आनंद समेत कई दिग्गज उम्मीदवारों की किस्मत का आज फैसला होने जा रहा है.

इसके साथ ही कर्नाटक में जेडीएस और निर्दलीय विधायकों को वोट के बदले नोट देने के आरोपों से चुनावों पर असर पड़ सकता है, लेकिन चुनाव आयोग ने उन्हें रद्द करने की मांगों को खारिज कर दिया.

कांटे के मुकाबले में सिब्बल!

इस चुनाव में पूरे देश की निगाहें उत्तर प्रदेश पर टिकी हैं, क्योंकि वहां 11 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं. कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल का पलड़ा वैसे तो मजबूत है, लेकिन बीजेपी समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी प्रीति महापात्रा ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है.

कपिल सिब्बल को राज्यसभा सांसद बनने के लिए बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के विधायकों के समर्थन की भी जरूरत होगी. वहीं बीएसपी के पास सतीश चंद्र मिश्रा और अशोक सिद्धार्थ को जिताने से ज्यादा वोट हैं. लेकिन बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने अपना पत्ता नहीं खोला है.

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के 29 विधायक हैं. सिब्बल को राज्यसभा में पहुंचाने के लिए पांच और सदस्यों के वोट की जरूरत होगी. ऐसे में वो बीएसपी के साथ दूसरी पार्टियों के समर्थन की उम्मीद कर रही है.

सपा के साथ आरएलडी

वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) ने अमर सिंह और बेनी प्रसाद वर्मा समेत सात उम्मीदवारों को खड़ा किया है. बेनी प्रसाद वर्मा हाल ही में समाजवादी पार्टी में दोबारा शामिल हुए हैं.

सपा ने रेवती रमण सिंह को भी टिकट दिया है. हालांकि पार्टी के सातवें उम्मीदवार को प्रथम प्राथमिकता वाले नौ वोटों की कमी है. मतदान में अजित सिंह की आरएलडी समाजवादी पार्टी को समर्थन देगी. आरएलडी के उत्तर प्रदेश विधानसभा में आठ विधायक हैं.

बीजेपी ने शिव प्रताप शुक्ला को खड़ा किया है, जिन्हें उसके 41 विधायकों का वोट मिलना तय है. इसके बाद बीजेपी समर्थित प्रीति महापात्र के मात्र सात वोट बचते हैं.


जेडीएस की बगावत

कर्नाटक में राज्यसभा की चार सीटों के लिए वोटिंग हो रही है. मुख्य मुकाबला कांग्रेस और जेडीएस के बीच होने वाला है. बीजेपी की ओर से केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण को पार्टी के 44 विधायकों के अलावा केवल एक वोट और चाहिए.

कर्नाटक से कांग्रेस के जयराम रमेश और ऑस्कर फर्नांडीज का राज्यसभा पहुंचना पहले से तय है. कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस के 122 विधायक हैं. जयराम रमेश और ऑस्कर फर्नांडीज को वोट देने के बाद कांग्रेस के पास 33 विधायकों के वोट बचेंगे.

कांग्रेस को कड़ी टक्कर

कांग्रेस ने तीसरे उम्मीदवार के तौर पर पूर्व आईपीएस अधिकारी के सी रामामूर्ति को उतारा है, जिनको जीत के लिए 12 अतिरिक्त वोट चाहिए होंगे. वहीं नाटकीय घटनाक्रम में जेडीएस के 40 विधायकों में से पांच ने पार्टी के खिलाफ बगावत कर दी है और उनके क्रॉस वोटिंग से कांग्रेस को फायदा होने की उम्मीद है.

वहीं जेडीएस के उम्मीदवार बी एम फारूक को जीत के लिए पांच और वोटों की जरूरत होगी.

आरके आनंद को हाथ का साथ

राज्यसभा चुनाव के तहत आज हरियाणा में भी मतदान हो रहा है. जहां निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर आर के आनंद को कांग्रेस और इडियन नेशनल लोकदल का समर्थन प्राप्त है. वहीं बीजेपी की ओर से केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह का राज्यसभा में जाना पक्का है.

यहां आरके आनंद और बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार और जी मीडिया के मालिक सुभाष चंद्रा के बीच मुकाबला है. हालांकि कांग्रेस के समर्थन के बाद आरके आनंद की राज्यसभा की राह आसान दिख रही है.

सुभाष चंद्रा की डगर कठिन

हरियाणा में एक उम्मीदवार को राज्यसभा में पहुंचाने के लिए 31 विधायकों के वोटों की जरूरत होगी. बीजेपी समर्थित सुभाष चंद्रा को हराने के लिए कांग्रेस ने अपने 17 विधायकों को आनंद को वोट देने का निर्देश दिया गया है.

आरके आनंद को इनेलो के 19 और अकाली दल के इकलौते विधायक का भी समर्थन हासिल है. वहीं सुभाष चंद्रा को बीजेपी के अतिरिक्त 16 वोट मिलना तो तय है, लेकिन इस मुकाबले में उनकी डगर कठिन है.

विवेक तनखा की जीत पक्की

मध्य प्रदेश में भी इस चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी की कांटे की टक्कर होने वाली है. यहां तीन सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं. इसमें बीजेपी के 164 विधायकों को वोट देना है. बीजेपी के उम्मीदवार एम जे अकबर और अनिल दवे का राज्यसभा में जाना तय है.

बीजेपी समर्थित तीसरे उम्मीदवार विनोद गोतिया को कांग्रेस के विवेक तनखा से चुनौती मिल रही है. बीएसपी के चार विधायकों के समर्थन से कांग्रेस के विवेक तनखा की राह आसान है.

कमल मोरारका का क्या होगा?

राजस्थान के राज्यसभा मतदान में भी 24 विधायकों के साथ कांग्रेस निर्दलीय उम्मीदवार कमल मोरारका को अपना समर्थन दे रही है. जिससे यह चुनाव दिलचस्प बन गया है. राज्य से एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 41 विधायकों के वोट चाहिए.

विधानसभा में 160 विधायकों के दम पर बीजेपी केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू, पार्टी उपाध्यक्ष ओमप्रकाश माथुर, पूर्व आरबीआई अधिकारी रामकुमार शर्मा और हषर्वर्धन सिंह को राज्यसभा भेजने में सफल रहेगी. 

उत्तराखंड में एक सीट

झारखंड में पूरा विपक्ष एकजुट होकर सत्तारूढ़ बीजेपी का गणित बिगाड़ सकता है. लेकिन झारखंड से खड़े केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का राज्यसभा सांसद बनना तय है. 

उत्तराखंड में राज्यसभा के एक सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार प्रदीप टमटा की जीत पक्की मानी जा रही है. उन्हें अपनी पार्टी के 26 विधायकों के अलावा सहयोगी पार्टी पीडीएफ से भी समर्थन मिलने की उम्मीद है.

First published: 11 June 2016, 11:01 IST
 
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