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Rajya Sabha Elections 2018: शिवपाल ने संभाली कमान, इस बड़े विधायक के पाला बदलने से हारेगी भाजपा!

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 March 2018, 16:05 IST

यूपी में राज्यसभा की लड़ाई रोचक होती जा रही है. यहां 10 सीटों के मैदान में कुल 11 उम्मीदवार हैं. हालांकि 9 सीटें तो साफ-साफ दिख रही हैं लेकिन एक सीट पर पेंच फंसता दिख रहा है. 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में बीजेपी की 8 सीट पक्की है, वहीं सपा की नौंवीं सीट पक्की है, जहां से जया बच्चन का जीतना तय है.

मगर महाभारत दसवीं सीट के लिए है. इस सीट पर बीजेपी के अनिल अग्रवाल और बसपा के भीमराव अंबेडकर में खिताबी मुकाबला है. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह इसी सीट के लिए अपना दांव पेंच भिड़ाने में जुटे हैं. दसवीं सीट के लिए बसपा की ओर से भीमराव अंबेडकर को सपा का समर्थन प्राप्त है. 

बुधवार (21 मार्च) तक यह समीकरण बीजेपी के पाले में जाता दिख रहा था. लेकिन जैसे ही सपा की तरफ से कमान अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव ने संभाली है पलड़ा बदलता दिख रहा है.

दरअसल निषाद पार्टी के विधायक विजय मिश्रा कल तक बीजेपी की शान में कसीदे पढ़ रहे थे. उन्होंने बीजेपी के उम्मीदवार अनिल अग्रवाल को वोट देने की बात भी कही थी. लेकिन शिवपाल यादव के सपा में एक्टिव होते ही विजय मिश्रा का इरादा बदलता नजर आ रहा है. विजय मिश्रा आज शिवपाल यादव से मिलने पहुंचे.

इससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि शिवपाल यादव के कहने पर विजय मिश्रा सपा-बसपा के पक्ष में वोटिंग करेंगे. इससे बीजेपी खेमे में बेचैनी बढ़ गई है. सपा के प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने साफ तौर पर कहा है कि सपा और बसपा का गठबंधन राज्यसभा चुनाव में एकजुट है. कहीं कोई टूट नहीं है पार्टी में कोई क्रॉस वोटिंग नहीं होगी.

उन्होंने कहा कि बीती शाम शिवपाल यादव और रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया सपा के डिनर में शामिल हुए उसके बाद सारी दुविधाएं दूर हो गई हैं. अब बीजेपी को अपना कुनबा बचाना चाहिए.

माना जा रहा था कि शिवपाल की अखिलेश से नाराजगी बीजेपी के 9वें उम्मीदवार की जीत का कारण बनेगी. लेकिन अखिलेश ने राज्यसभा चुनाव से दो दिन पहले शिवपाल को अपने साथ लाकर बीजेपी के मंसूबों पर पानी फेर दिया है. अब शिवपाल सपा और बसपा के उम्मीदवार को जिताने में जुट गए हैं.

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दरअसल, अखिलेश यादव की बैठक में उसके 7 विधायक नहीं पहुंचे. इसलिए कायास कुछ भी लगाए जा रहे हैं. इतना ही नहीं, बीजेपी के बढ़त के पीछे एक और अहम पहलू यह भी था कि नरेश अग्रवाल जो हाल ही में सपा को छोड़ बीजेपी में शामिल हुए हैं, उनके बेटे सपा के बदले बीजेपी को वोट कर सकते हैं.

First published: 22 March 2018, 16:04 IST
 
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