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गिर नेशनल पार्क में 2 दर्जन से अधिक शेरों की मौत पर राज्य सभा सांसद अहमद पटेल ने लिखा PM मोदी को खत

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 October 2018, 13:17 IST

गुजरात के गिर नेशनल पार्क में दो दर्जन से अधिक शेरों की मौत पर राजयसभा सांसद अहमद पटेल ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा है. इस पात्र में उन्होंने शेरों की मौत के लिए राज्य के प्रबंधन की लापरवाही को जम्मेदार बताया है. उन्होंने कहा, 'उनकी मौत रातों रात नहीं हुई है, बल्कि राज्य सरकार का लंबे समय से खराब प्रबंधन और खराब निगरानी इसका नतीजा है.' पिछले 20 दिनों में गिर में 23 शेरों की मौत हो गई है.

एशियाई शेरों की मौत पर देश की सर्वोच्च अदालत ने भी केंद्र व राज्य सरकार को तालाब करते हुए शेरों की मौत का कारण पता लगाने के आदेश दिए हैं. शेरों की मौत पर केंद्र और गुजरात सरकार से सवाल करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह बेहद गंभीर मुद्दा है और सरकार को शेरों की मौत का कारण पता होना चाहिए, शेरों को संरक्षित किया जाना चाहिए.

गौरतलब है कि शेरोन की इस अप्रत्याशित मौत के लिए खतरनाक कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) और प्रोटोजोवा संक्रमण को जिम्मेदार माना जा रहा है. गिर वन्यजीव अभयारण्य, एशिया में शेरों का एकमात्र निवास स्थान होने के कारण जाना जाता है. विश्व में अफ्रीका के बाद शेरों की सबसे अधिक संख्या यहीं है.

 

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शेरों की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि शेरों की मौत का मामला बहुत ही गंभीर मुद्दा है. सरकार शेरों की मौत के कारण का पता लगाए. शेरों संरक्षित किया जाना जरूरी है.

आपको बता दें गुजरात का गिर वन्यजीव अभ्यारण्य सबसे पुराना अभ्यारण्य हैं. इस अभ्यारण्य में पैदा होने वाले शेरों को एशियाई शेर कहते हैं जो पूरी दुनिया में सिर्फ गिर राष्ट्रीय उद्यान में ही पैदा होते हैं. बताया जा रहा है कि शेरों की मौत का कारण कैनाइन डिस्टेंपर वायरस है. जिसके कारण शेरों की मौत हो रही है.

शेरों की देखरेख, स्कैनिंग और ट्रैकिंग के लिए वन विभाग ने 585 कर्मचारियों की टीम लगाया है. गुजरात वन विभाग ने सोमवार को जसाधर ऐनिमल केयर सेंटर में 11 शेरों की मौत की पुष्टि की है. संक्रमित शेरों के सेंपल को पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजे गए हैं. जहां प्रारंभिक रिपोर्ट में वायरस की पुष्टि हुई है.

 

First published: 6 October 2018, 13:17 IST
 
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