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राम बहादुर राय: नेहरू संविधान सभा में अंबेडकर को शामिल नहीं करना चाहते थे

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 June 2016, 14:35 IST
(एजेंसी)

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के अध्यक्ष राम बहादुर राय ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और संविधान निर्माता बाबा साहब भीम राव अंबेडकर के बीच संबंधों की व्याख्या करते हुए कहा कि अगर जवाहर लाल नेहरू की चलती तो वह संविधान सभा से अंबेडकर को बाहर कर देते.

वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय ने शनिवार को अंबेडकर के बारे में मीडिया से बात करते हुए कहा कि, ‘अंबेडकर को भारत का कानून नहीं बल्कि वित्तमंत्री बनना चाहिए था. अगर नेहरू के हाथ में होता तो वह अंबेडकर को संविधान सभा से निकाल देते.'

उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा, अंबेडकर केवल महात्मा गांधी की दखल की वजह से संविधान सभा में बने रहे थे. राम बहादुर राय ने यह बात इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट्स की एग्जीक्यूटिव कमेटी की पहली बैठक के एक दिन बाद कही. बैठक में संस्थान के कार्य और योजनाओं के बारे में चर्चा हुई.

राय ने बताया कि आईजीएनसीए विरासत, पुरातत्व और सांस्कृतिक प्रबंधन पर अगले साल से कोर्स शुरू करने जा रहा है. इसका उद्देश्य इस क्षेत्र में ‘स्किल्ड कल्चरल मैनपावर’ को बनाना है.

इसके अलावा उन्होंने कहा कि संस्कृति को विषय के तौर पर पढ़ाने के लिए हम केंद्रीय शिक्षा बोर्ड सीबीएसई से भी संपर्क कर रहे हैं. इस मामले में आईजीएनसीए के सदस्य और सचिव सच्चिदानंद जोशी ने बताया कि अगले शैक्षणिक साल से इस विषय में डिप्लोमा कोर्स शुरु किया जाएगा.

इसके साथ ही आईजीएनसीए 28 जुलाई से संस्कृति संवाद श्रंखला की शुरुआत करने जा रही है. इसमें कला, संस्कृति, दर्शन और लाइफस्टाइल के बारे में बताया जाएगा. यह कार्यक्रम हिंदी के प्रख्यात आलोचक और लेखक नामवर सिंह के 90वें जन्मदिन पर 28 जुलाई से शुरू किया जाएगा. नामवर सिंह ने पिछले साल असहिष्णुता के नाम पर विभिन्न लेखकों द्वारा चलाए गए ‘अवार्ड वापसी’ मुहिम का कड़ा विरोध किया था.

First published: 13 June 2016, 14:35 IST
 
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