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कर्नाटक के गवर्नर ने खुलेआम भ्रष्टाचार का दिया न्योता- राम जेठमलानी

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 May 2018, 16:51 IST

कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला द्वारा भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा को नई सरकार के गठन के लिए आमंत्रित करने से नाराज वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व भाजपा सांसद राम जेठमलानी ने गुरुवार को सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है.

जेठमलानी ने राज्यपाल के फैसले को "संवैधानिक शक्ति का घोर दुरुपयोग" बताया. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, राम जेठमलानी ने कहा कि राज्यपाल का आदेश संवैाधानिक शक्तियों का घोर दुरुपयोग है, इससे वह जिस पर विराजमान हैं उसकी मर्यादा को ठेस पहुंचा है. उन्होंने कहा कि वह किसी पार्टी के समर्थन या विरोध में सुप्रीम कोर्ट नहीं आए हैं. बल्कि राज्यपाल ने जिस तरह से फैसला लिया है उससे वह आहत हुए हैं.

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमृर्ति ए.एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति डी.वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने जेठमलानी को शुक्रवार को संबंधित पीठ के समक्ष अपनी याचिका का उल्लेख करने के लिए कहा.

इससे पहले बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने सुप्रीम कोर्ट से संविधान बचाने की अपील की. मायावती ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट अपनी भूमिका निभाए. उन्होंने कहा कि बीजेपी जबसे सत्ता में आई है बाबासाहेब द्वारा बनाए संविधान को बदलने का प्रयास कर रही है. मायावती ने कहा कि बीजेपी सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके लोकतंत्र पर हमला कर रही है. 

गौरतलब है कि कर्नाटक में येदियुरप्पा ने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इसके साथ ही बीजेपी की 22 राज्यों में सरकार हो गई है. यानि कि साल 2014 के बाद बीजेपी ने 17 राज्यों में सरकार बनाई है.

पढ़ें- कर्नाटक: येदियुरप्पा की कुर्सी पर लटकी तलवार, 24 घंटे में छोड़नी पड़ सकती है CM की कुर्सी!

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राज्यपाल के फैसले में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता. इसलिए येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण समारोह को नहीं रोका जा सकता. लेकिन येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद 24 घंटों के भीतर 112 विधायकों की समर्थन सूची कोर्ट में पेश करनी होगी.

First published: 17 May 2018, 15:06 IST
 
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