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अयोध्या में शुरु किया गया राम मंदिर निर्माण? ट्रकों में भरकर अयोध्या जा रहा पत्थर

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 October 2018, 13:16 IST

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मुद्दा देश में गर्माता जा रहा है. मंदिर निर्माण को लेकर सियासी गलियारों में भी सरगर्मी तेज हो गई है. चुनावों के माहौल के बीच विश्व हिंदू परिषद ने एक बड़ा ऐलान किया है. वीहिप का दावा है कि राम मंदिर के निर्माण के लिए जितने पत्थरों की जरूरत है उसी हिसाब से अयोध्या में पत्थरों को मंगवाया जा रहा है. राम मंदिर बनाने के लिए जिस मात्रा में पत्थरों की जरूरत है, उन्हें राजस्थान से मंगवाया जा रहा है. विहिप की मानें तो राम मंदिर के लिए पत्थर ट्रकों में भर कर लाया जा रहा है.

आजतक  में छपी खबर के अनुसार  मंदिर की पहली मंजिल में लगाए जाने वाले पत्थरों को तराशा भी जा चुका है. इसके बाद मंदिर के सुंदरीकरण के लिए पत्थरों को डिजाइन करने का काम भी चल रहा है. यहां तक की खबर ये भी है कि पहली मंजिल के साथ ही मंदिर की दूसरी मंजिल में लगने वाले पत्थरों को भी तराशा जा रहा है.

मंदिर में लगने वाले इन पत्थरों की डिजाइन पुरातन शैली की है. जिस तरह से पुरातन शिल्प शैली में बिना सीमेंट के पत्थरों को जोड़ा जाता था. उसी तर्ज पर इस मंदिर के लिए पत्थरों को डिजाइन किया जा रहा है. ऐसा इस लिए किया जा रहा है ताकि जैसे ही मंदिर में पत्थर लगाने के काम शुरू हो तुरंत ही पत्थरों को बकेवल उठा कर एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जाए. इससे समय और मेहनत दोनों को ही बचाया जा सकेगा.

विहिप के प्रवक्ता शरद शर्मा ने इस बारे में बताया कि पूरा हिंदू समाज और साधु संत यही चाहते हैं कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो. इतना ही नहीं इसके लिए साधु संतों ने दिल्ली में हुई उच्च अधिकार समिति की एक बैठक में राम अमंदिर निर्माण का शंखनाद भी किया था.

संतों ने ये भी मनाग की थी कि संसद में कानून लाकर राम मंदिर बनाया जाए. लगातार साधू समाज कानून बनाकर राम मंदिर का निर्माण की मांग कर रहे हैं. विहिप के प्रवक्ता शर्मा ने कहा, ''जहां तक राम मंदिर निर्माण की सामग्री की बात है तो पत्थर तराशे जा रहे हैं. इसके अलावा राजस्थान से पत्थर मंगवाए जा रहे हैं. हमारे संगठन लोग उनके संपर्क में है. उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार में पत्थर लाने पर रोक लग गई थी, लेकिन सरकार जाने के बाद से पत्थर आने शुरू हो गए थे. हालांकि बारिश के कारण पत्थर नहीं आ पा रहे थे.''

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शर्मा ने कहा कि राम मंदिर के लिए पत्थरों की कुल खपत 70000 घन फुट बताई है. उन्होने कहा हमारे संगठन के शीर्ष पदाधिकारी राम अमंदिर के लिए लगने वाले पत्थरों की बिक्री को लेकर राजस्थान के खदान मालिकों के संपर्क में है. जिस भी पत्थर की जरूरत होगी उसे राजस्थान से धीरे धीरे लाया जाएगा. इसके अलावा राम मंदिर निर्माण के लिए जो बाकि की प्रक्रिया है वह उसी तरह से चलती रहेगी.

First published: 25 October 2018, 10:17 IST
 
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