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राम मंदिर निर्माण पर शिवसेना की सियासत, अपने 18 सांसदों के साथ आज अयोध्या में होंगे उद्धव ठाकरे

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 June 2019, 8:11 IST

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर एक बार फिर से सियासत शुरु हो गई है. शनिवार को साधु-संतों की बैठक के बाद आज शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने सांसदों के साथ अयोध्या पहुंच रहे हैं. इसके जरिए ठाकरे मोदी सरकार पर राजनीतिक दबाव डालकर राम मंदिर निर्माण के लिए जरूरी कदम उठाने की कोशिश करेंगे. इससे पहले उद्धव ठाकरे अपने परिवार के साथ लोकसभा चुनाव के दौरान भी अयोध्या पहुंचे थे.

तब भी ठाकरे ने राम मंदिर निर्माण को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा था. शनिवार को अयोध्या में साधु-संतों के जयकारों के बीच अब उद्धव ठाकरे भी रविवार यानि आज अपने सभी 18 सांसदों के साथ अयोध्या में होंगेलोकसभा चुनाव से पहले जब उद्धव ठाकरे पहली बार अयोध्या आए थे तब उन्होंने कहा था कि राम हमारे लिए राजनीति का विषय नहीं हैं. शिवसेना राम के नाम पर कभी वोट नहीं मांगेगी. ठाकरे ने ये भी कहा था कि लोकसभा चुनाव के बाद हम फिर अयोध्या आएंगे.

इसके अलावा साधु-संत भी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए मोदी और योगी सरकार पर लगातार दबाव बनाए हुए हैं. साधु-संतों मोदी सरकार से सवाल पूछ रही है कि मोदी सरकार एक बार फिर से राम मंदिर निर्माण का वादा करके सत्ता में बहुमत से आ गई है. अब केंद्र में मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश में योगी सरकार है, तो राम मंदिर निर्माण में देरी किस बात की? यही नहीं साधु-संत लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार से राम मंदिर बनाने के लिए अध्यादेश तक लाने की मांग कर चुके हैं.

संतों के अलावा शिवसेना जैसे राजनीतिक दल भी पीएम मोदी से राम मंदिर निर्माण को लेकर उम्मीद जता रहे हैं. शिवसेना का कहना है जब केंद्र में मोदी सरकार को पूर्ण बहुमत है और यूपी में योगी सरकार भी पूरे बहुमत के साथ बैठी है तो राम मंदिर निर्माण के लिए इससे बेहतर हालात और क्या होंगे? बीजेपी हमेशा से ही राम मंदिर निर्माण को लेकर राजनीति करती रही है. कहीं ना कहीं 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में यही वजह रही है कि बहुसंख्यक हिंदू वोटर्स ने मोदी को पूर्ण बहुमत के साथ केंद्र की सत्ता तक पहुंचा.

हालांकि अपने पहले शासन काल में बीजेपी और मोदी सरकार राम मंदिर निर्माण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा पाई. अब देखने वाली बात ये होगी की अपने दूसरे कार्यकाल में मोदी सरकार राम मंदिर निर्माण करा पाती है या फिर एक बार फिर से राम के नाम पर सियासत करती रह जाती है. जिससे आने वाले चुनावों राम मंदिर निर्माण के नाम पर लोगों से वोट हासिल किए जा सकें.

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First published: 16 June 2019, 8:11 IST
 
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