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राम रहीम की काली दुनिया, जहां साध्वियों से रेप करना कहलाता था 'पिताजी की माफी'

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 August 2017, 9:41 IST

सीबीआई की पंचकुला स्पेशल कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बाबा राम रहीम को बलात्कारी करार दिया है, जिससे उनका सलाखों के पीछे जाना तय हो गया है. लेकिन इस प्रकरण बलात्कार की शिकार उन दो महिलाओं का संघर्ष याद रखना होगा, जिनकी लंबी लड़ाई के कारण रहीम गुनहगार साबित हुए.

बता दें कि बलात्कार होने के करीब दस साल बाद तो इन पीडि़त महिलाओं के बयान 2009 और 2010 में दर्ज किए गए. इन महिलाओं ने अपने बयान में उस असहनीय पीड़ा और अपमान का जिक्र किया है, जिसका उन्हें बाबा के आश्रम में सामना करना पड़ा.

दरअसल, सीबीआई कोर्ट के सामने पीडि़त साध्वियों ने अपने बयान में पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया. उन्होंने बताया कि कैसे पॉवर फुल बाबा उनका और डेरे की अन्य महिलाओं को अपनी गुफा में बुलाकर उनका बलात्कार करता था. बता दें कि आश्रम में बाबा का आवास गुफा के नाम से प्रसिद्ध था.

पीडि़ताओं ने अपने बयानों में बताया कि बाबा किस तरह अपने रसूख का बखान करते हुए खुद को भगवान की श्रेणी में रखता था. साध्वियों ने यह तक भी खुलासा किया कि बाबा के शिष्य बलात्कार के लिए माफी शब्द का इस्तेमाल करते थे. एक बात ओर बाबा की गुफा में केवल महिला अनुयायियों की तैनाती ही हुआ करती थी.

पीडि़त साध्वियों ने अपने बयान में यह भी बताया कि शुरुआत में तो उसे समझ में ही नहीं आया, जब महिला अनुयायियों ने उससे पूछा कि क्या उसे पिताजी से माफी मिली. लेकिन स्थिति स्पष्ट तब हुई जब बाबा ने 28 और 29 अगस्त 1999 की रात उसे अपनी गुफा में बुलाया और उसका बलात्कार किया. 9 सितंबर 2010 को एक दूसरी साध्वी ने अपने बयान में बताया कि वह जून 1998 में डेरे से जुड़ी थी. सिरसा की रहने वाली इस पीडि़ता को गुरमीत राम रहीम ने उसे नजम नाम दिया था. वह भी अपने घरवालों के कहने पर डेरे में आई थी. 1999 में जब उसकी ड्यूटी गुफा में लगी थी, उसे अंदर बुलाया गया। इसके बाद डेरा प्रमुख ने उसका रेप किया.

First published: 26 August 2017, 9:41 IST
 
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