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रामशंकर कठेरिया: जरूरत पड़ी तो शिक्षा का भी भगवाकरण

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 June 2016, 11:20 IST
(कैच)

केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री और आगरा से बीजेपी सांसद रामशंकर कठेरिया ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है.

कठेरिया ने कहा, "देश के भले के लिए अगर जरूरत पड़ी, तो शिक्षा का भगवाकरण भी किया जाएगा." राम शंकर कठेरिया ने यह विवादित बयान लखनऊ यूनीवर्सिटी के एक कार्यक्रम में दिया.

लखनऊ विश्वविद्यालय में बयान

यह कार्यक्रम छत्रपति शिवाजी के राज्याभिषेक के 342 साल पूरे होने पर ‘हिंदवी स्वराज दिवस समारोह’ के नाम से  रखा गया था. कठेरिया ने कहा कि हम इस मामले में कई शिक्षाविदों, विद्वानों और नेताओं से बात करके नई शिक्षा नीति लाएंगे.

कठेरिया ने साथ ही कहा, "आज के हालात में देश को जिस तरह की शिक्षा नीति की जरूरत है, हम ठीक वैसी ही शिक्षा नीति ला रहे हैं."

उन्होंने आगे कहा कि देश के गौरव को बढाने के लिए जो भी अच्छा होगा, वह हमारे तरफ से किया जाएगा.

'भगवाकरण-संघवाद होकर रहेगा'

मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री कठेरिया ने कहा, "यह देश के भले के लिए हो रहा है और देश के भले के लिए जो भी ठीक होगा, चाहे उसे भगवाकरण कहा जाए या संघवाद वह तो होकर ही रहेगा."

उन्होंने कहा, "महाराणा प्रताप ने देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया. अगर बच्चों को महाराणा प्रताप के बारे में नहीं पढ़ाया जाएगा, तो क्या उन्हें चंगेज खान के बारे में पढ़ाया जाना चाहिए?"

विपक्ष का कठेरिया पर निशाना

कठेरिया के शिक्षा के भगवाकरण के बयान पर कांग्रेस, राजद, सपा और बसपा सहित सभी विपक्षी दलों ने कड़ा एतराज जताया है.

कांग्रेस ने कठेरिया के बयान का विरोध करते हुए कहा कि बीजेपी पूरे देश पर अपनी विचारधारा थोपना चाहती है. वहीं राजद नेता मनोज झा ने कहा कि बीजेपी सारे शिक्षा संस्थान का भगवाकरण करने में लगी हुई है.

बिहार से बीजेपी के सांसद और फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने रामशंकर कठेरिया के बयान पर आश्चर्य जताते हुए पूछा कि ये कठेरिया कौन हैं?

बयान पर कायम कठेरिया

इस बीच रामशंकर कठेरिया अपने बयान पर कायम हैं. कठेरिया के मुताबिक उन्होंने कहा था कि देश के लिए जो अच्छा होगा, उसे हम स्वीकार करेंगे. ये चाहे भगवाकरण हो, हरा हो या लाल रंग.

कठेरिया ने कहा, "भगवा को बदनाम करने की कोशिश जान-बूझकर की जा रही है. ये ठीक नहीं है."

First published: 20 June 2016, 11:20 IST
 
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