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अयोध्या में राम मंदिर के नीचे सरयू की धारा, मंदिर ट्रस्ट ने IIT संस्थानों से मांगी मजबूत नींव के लिए मदद

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 December 2020, 14:27 IST

अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट (Ram temple trust) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान Indian Institutes of Technology (IITs) को मंदिर की नींव के लिए बेहतर मॉडल सुझाने को कहा है क्योंकि सरयू नदी की एक धारा इसके नीचे पाई गई है. मंदिर की निर्माण समिति, प्रधानमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां मामले पर विचार-विमर्श किया.

एक सूत्र ने कहा कि विचार-विमर्श के दौरान, यह महसूस किया गया कि मंदिर की नींव के लिए मौजूदा मॉडल संभव नहीं था, क्योंकि सरयू नदी की एक धारा मंदिर से नीचे बह रही है. 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र' ट्रस्ट के सूत्रों ने कहा कि आईआईटी से मंदिर की मजबूत नींव के लिए बेहतर मॉडल का सुझाव देने का अनुरोध किया गया है. गौरतलब है राम मंदिर 2023 में पूरा होने वाला है. मंदिर ट्रस्ट की निर्माण समिति दो विकल्पों पर विचार-विमर्श कर रही है.


हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार विश्व हिंदू परिषद (VPP) के प्रमुख आलोक कुमार ने कहा कि IIT-Delhi और IIT-Mumbai सहित भारत के शीर्ष संस्थानों के इंजीनियर, अयोध्या में राम मंदिर की संरचनात्मक स्थिरता (structural stability) को बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे. कुमार ने कहा कि संरचना के आधार स्तंभों को डिजाइन करने की प्रक्रिया अटक गई थी क्योंकि सरयू नदी की एक धारा इमारत के एक हिस्से के नीचे बह रही थी. उन्होंने कहा “जब खंभे का परीक्षण किया गया, तो यह पाया गया कि जब दबाव लगाया गया था, वे लगभग चार इंच तक डूब गए. चूंकि क्षेत्र पहले से ही भूकंपीय क्षेत्र में है, हमने संरचनात्मक रूप से सुरक्षित विकल्प के साथ आने का फैसला किया है.

राम जन्मभूमि तीरथक्षेत्र ट्रस्ट एक संग्रहालय, एक सभा स्थल और एक प्रार्थना कक्ष को समायोजित करने के लिए परिसर की वर्तमान भूमि को 70 एकड़ से बढ़ाकर 108 एकड़ करने के लिए भी बातचीत कर रहा है. कुमार ने कहा “हम उन लोगों के साथ बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं जो मंदिर के आसपास की जमीन के मालिक हैं. अयोध्या शहर के बाहर एक प्रस्तावित मस्जिद परिसर भी है जिसमें एक अस्पताल, और एक संग्रहालय है. खंभे के लिए एक सुरक्षित डिजाइन के साथ आने के लिए, IIT दिल्ली, IIT मुंबई, IIT रुड़की, राष्ट्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (NBRI), टाटा कंसल्टेंसी और लार्सन एंड टुब्रो के सदस्य एक साथ काम करेंगे.

मंदिर के लिए दान इकट्ठा करने के लिए ट्रस्ट द्वारा अधिकृत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक सहयोगी वीएचपी ने कहा कि वह 15 जनवरी को मंदिर के निर्माण के लिए धन संग्रह की प्रक्रिया शुरू करेगा. कुमार ने कहा कि 525,000 गांवों का दौरा किया जाएगा. उन्होंने कहा, "पारदर्शी तरीके से फंड इकट्ठा किया जाएगा ... बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक की शाखाओं में जमा किया जाएगा."

मैं भी कृषि मंत्री रह चुका हूं इसलिए मैं कहता हूं कि ये कानून किसानों के हित में है - राजनाथ सिंह

 

First published: 30 December 2020, 14:00 IST
 
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