Home » इंडिया » ramdev bid to set up vedic board it is a hurdle by sch. edu. sec.
 

बाबा रामदेव के वैदिक शिक्षा बोर्ड के सपने को झटका

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 April 2016, 13:44 IST

योगगुरु रामदेव का देश का पहला वैदिक शिक्षा बोर्ड बनाने का प्रस्‍ताव खटाई में पड़ता नजर आ रहा है.

इस मामले में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में एक बैठक हुई. इस दौरान स्कूल शिक्षा सचिव एससी खूटिंया ने पीएम के सामने इस प्रस्‍ताव को लागू करने को लेकर अपनी चिंताओं के बारे में जानकारी दी.

एससी खूटिंया ने पीएम मोदी के सामने अपनी दलील देते हुए बाबा रामदेव के वैदिक शिक्षा बोर्ड के प्रस्ताव को खारिज कर दिया.

खूंटिया के मुताबिक अगर सरकार प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो फिर कई गैर मान्‍यता प्राप्‍त दूसरे स्कूली बोर्ड भी मंत्रालय से अपने-अपने प्रस्‍तावों को लागू करने की मांग करने लगेंगे.

पढ़ें:बाबा रामदेव बने देश के सबसे बड़े विज्ञापनदाता, बहाए 300 करोड़ रुपये

अभी केंद्र सरकार ने किसी भी प्राइवेट बोर्ड के किसी भी तरह के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं है. बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने रामदेव के प्रस्‍ताव पर विचार करने के लिए उच्‍च शिक्षा और स्कूल शिक्षा के सचिवों के साथ बैठक की.

पतंजलि योगपीठ के वैदिक संस्थान का था प्रस्ताव

वैदिक शिक्षा बोर्ड के प्रस्‍ताव को बाबा रामदेव के पतंजलि योगपीठ के वैदिक शिक्षा अनुसंधान संस्‍थान ने रखा था. प्रस्ताव के मुताबिक वैदिक शिक्षा बोर्ड मान्‍यता प्राप्‍त स्कूलो को परंपरागत गुरुकुल और आधुनिक पाठ्यक्रम की शिक्षा की इजाजत देगा.

वहीं स्कूल शिक्षा सचिव एससी खूटिंया ने पीएम के सामने इस बात पर आपत्ति जताई कि पतंजलि योगपीठ का वैदिक शिक्षा बोर्ड सिलेबस बनाने के साथ ही परीक्षाएं भी आयोजित करना चाहता है. जिससे छात्रों को दूसरे बोर्ड में जाने पर परेशानी का सामना करना पड़ेगा.

पढ़ें:बाबा रामदेव : अरबों के साम्राज्य में शून्य की हिस्सेदारी

एनसीटीई के अधिकार क्षेत्र में अतिक्रमण !

सूत्रों के मुताबिक मान्‍यता प्राप्‍त स्कूलों में अध्‍यापकों को नियुक्‍त करने का दिशा-निर्देश भी पतंजलि योगपीठ का वैदिक शिक्षा अनुसंधान संस्‍थान जारी करना चाहता था. अभी ये अधिकार नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन यानी एनसीटीई के पास है.

रामदेव के पाठ्यक्रम और परीक्षा आयोजन के सुझाव पर शिक्षा विभाग का कहना है कि इसके लिए केंद्र सरकार उज्‍जैन के महर्षि संदीपनि राष्‍ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्‍ठान को वैदिक और संस्कृत स्कूलों में परीक्षा कराने और मान्‍यता देने का अधिकार दे सकती है.

उज्‍जैन का महर्षि संदीपनि राष्‍ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्‍ठान, मानव संसाधन विकास मंत्रालय से मान्यता प्राप्त है.

पढ़ें:सिर कलम वाले बयान पर बाबा रामदेव के खिलाफ केस दर्ज

First published: 15 April 2016, 13:44 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी