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शिवपाल के बेटे की शादी में भाजपा सांसद ने दावत दी थी: रामगोपाल

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 October 2016, 20:25 IST
(फाइल फोटो)
QUICK PILL
  • समाजवादी पार्टी में वर्चस्व के लिए जारी संघर्ष अब उस मोड़ पर पहुंच गया है कि शिवपाल और रामगोपाल पहली बार नाम लेकर एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं. 
  • पहले शिवपाल ने रामगोपाल पर भाजपा से रिश्ते होने का आरोप लगाया था. इसके जवाब में रामगोपाल ने भी यही कहा है कि उनके बेटे की शादी की दावत बीजेपी के सांसद ने दी थी. 

समाजवादी कुनबे में मचे घमासान की शुरुआत रविवार सुबह से तेज़ हो गई थी. पहला हमला सुबह छह बजे रामगोपाल ने एक चिट्ठी जारीकर बोला था. इसमें उन्होंने विरोधी गुट को हज़ारों करोड़ रुपया कमाने वाला, व्यभिचारी और सत्ता का दुरुपयोग करने वाला बताया.  

इसके बाद 11 बजे विधायकों की बैठक में अखिलेश ने शिवपाल यादव समेत छह मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बर्ख़ास्त कर दिया.  

फ़िर प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने तीन पन्ने की जवाबी चिट्ठी में रामगोपाल पर हमला बोला. उन्होंने रामगोपाल के बेटे अक्षय सिंह और बहू पर यादव सिंह घोटाले में फंसे होने का आरोप लगाया. यह भी कि रामगोपाल पूरी तरह भाजपा से मिले हुए हैं और उसी के इशारे पर षडयंत्र कर रहे हैं. 

इसपर पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने रामगोपाल को छह साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया. मगर शिवपाल की मंत्रिमंडल और रामगोपाल की पार्टी से विदाई के बावजूद विवाद नहीं थमा. शाम होने तक रामगोपाल ने फिर एक चिट्ठी जारी कर दी. 

रामगोपाल की दूसरी चिट्ठी

यह चिट्ठी दरअसल शिवपाल यादव के उस बयान का जवाब है जिसमें उन्होंने रामगोपाल पर भाजपा के साथ रिश्ते और उनके बहू-बेटे पर यादव सिंह घोटाले में फंसे होना का आरोप लगया था. हालांकि इस चिट्ठी में रामगोपाल ने शिवपाल पर भी बीजेपी के रिश्ते होने का आरोप लगाया. 

उन्होंने लिखा है, 'नेता जी आसुरी शक्तियों से घिरे हुए हैं. जब वह उन ताक़तों से मुक्त होंगे, तब उन्हें सच्चाई का एहसास होगा. मैं समाजवादी पार्टी में रहूं या ना रहूं पर इस धर्मयुद्ध में अखिलेश यादव के साथ हूं और उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाने तक रहूंगा'. 

रामगोपाल ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को घटिया करार देते हुए लिखा है, 'सैफ़ई में एक पारिवारिक समारोह में प्रधानमंत्री को बुलाने के लिए ज़रूर मैं नेताजी के साथ मोदी जी से मिला था. पिछले दिनों बीजेपी के एक सांसद ने पहले शिवपाल सिंह के पुत्र की शादी के उपलक्ष्य में भोज दिया था. फिर पार्टी के ही एक एमपी ने बीजेपी के उस सांसद के स्वागत में भोज दिया था. माननीय नेता जी और शिवपा जी दोनों उसमें बराबर रहे थे'. 

अंत में उन्होंने लिखा, ' मैं फिर समाजवादी साथियों से अपील करूंगा कि वे किसी धोखे या भ्रम में ना रहें. पूरी ताक़त से अखिलेश के साथ जुटें ताकि राजनीति के दलाल अखिलेश को हराने की अपनी कोशिश में कामयाब न हों'.  

First published: 23 October 2016, 20:25 IST
 
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