Home » इंडिया » GurMehar Kaur FB status I am withdrawing from the campaign
 

गुरमेहर कौर: 20 साल की उम्र में इससे ज़्यादा नहीं झेल सकती, बेस्ट ऑफ लक

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 February 2017, 16:39 IST
(फेसबुक)

दिल्ली यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट गुरमेहर कौर ने एबीवीपी के ख़िलाफ चलाए जा रहे छात्र संगठनों के अभियान से ख़ुद को अलग कर लिया है. अपने ताज़ा फेसबुक स्टेटस में गुरमेहर ने मुहिम को समर्थन देने के लिए सभी का शुक्रिया अदा किया है. 

दरअसल 22 फरवरी को दिल्ली के रामजस कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच एक कार्यक्रम के आयोजन को लेकर झड़प हो गई थी. दोनों संगठनों ने एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने और आपत्तिजनक नारेबाजी करने का आरोप लगाया है. 

DU मार्च में स्टूडेंट्स से जुटने की अपील

इस विवाद के बाद गुरमेहर कौर चर्चा में थीं. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने स्टेटस में लिखा था कि मैं एबीवीपी से डरती नहीं हूं. इसके बाद उनको ट्रोल किया गया. गुरमेहर ने मंगलवार सुबह अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, "मैं इस कैम्पेन से खुद को अलग कर रही हूं. सभी को मुबारकबाद. मुझे जो कुछ कहना था, कह चुकी हूं. मैं काफी कुछ झेल चुकी हूं. 20 साल की उम्र में मैं इससे ज्यादा नहीं झेल सकती."

गुरमेहर ने आगे लिखा, "ये अभियान मेरे बारे में नहीं छात्रों के लिए था. कृपया ज्यादा तादाद में मार्च में हिस्सा लीजिए. बेस्ट ऑफ लक. जो लोग मेरे साहस और बहादुरी पर सवाल उठा रहे हैं, उनसे कहना चाहती हूं कि मैंने ज़रूरत से ज़्यादा ही साबित कर दिया है." 

गुरमेहर ने एबीवीपी के खिलाफ अभियान में ज्यादा से ज्यादा लोगों के पहुंचने की अपील करते हुए कहा, "एक चीज तय है कि हम सभी को धमकी और हिंसा से पहले बार-बार सोचने की जरूरत है और इसीलिए मेरा ये विरोध था. मैं सभी से अपील करती हूं कि मुझे अकेला छोड़ दिया जाए."

फेसबुक

क्यों शुरू हुआ विवाद?

22 फ़रवरी 2016 को गुरमेहर ने अपने पोस्ट में लिखा, "मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा हूं. मैं एबीवीपी से नहीं डरती. मैं अकेली नहीं हूं. भारत का हर छात्र मेरे साथ है. #StudentsAgainstABVP'' उनकी इस मुहिम को जमकर समर्थन मिला.

हालांकि असली विवाद गुरमेहर की उस तस्वीर पर शुरू हुआ, जिसमें वो एक प्लेकार्ड लिए खड़ी हैं. जिस पर लिखा है, ''पाकिस्तान ने मेरे पिता को नहीं मारा, बल्कि जंग ने मारा है.'' गुरमेहर ने यह वीडियो पिछले साल अप्रैल में लोड किया था. लेकिन फेसबुक प्रोफाइल पर तस्वीर बदलने से बवाल मच गया.

गुरमेहर को इसके बाद धमकियां मिलनी शुरू हो गईं. उनके साथ रेप करने तक की धमकी दी गई. सोमवार को गुरमेहर ने दिल्ली महिला आयोग में इसकी शिकायत की थी. सोमवार को ही उन्हें पुलिस सुरक्षा भी मुहैया कराई गई. गुरमेहर का आरोप है कि उनके कई दोस्तों को मारा-पीटा गया था और अपने दोस्तों के समर्थन के लिए उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए ये विरोध शुरू किया था. 

आतंकी हमले में शहीद हुए कैप्टन मंदीप सिंह!

पंजाब के जालंधर की रहने वाली गुरमेहर दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज की छात्रा हैं. गुरमेहर ने दावा किया था कि उनके पिता कैप्टन मनदीप सिंह 1999 में करगिल की जंग में शहीद हो गए थे. उस वक्त गुरमेहर दो साल की थीं.

हालांकि एक समाचार वेबसाइट के मुताबिक कैप्टन मनदीप सिंह राष्ट्रीय रायफल्स के रक्षक नाम की एंटी टेरर टीम का हिस्सा थे. 6 अगस्त 1999 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के चक नुतनुसा गांव में आतंकियों ने उनके कैंप पर हमला किया था. इस दौरान बांह में गोली लगने से वे शहीद हो गए थे. हमले में छह और जवान शहीद हुए थे. जबकि करगिल युद्ध 3 मई 1999 से 25 जुलाई 1999 तक चला था.

फेसबुक
First published: 28 February 2017, 9:50 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी