Home » इंडिया » Catch Hindi: Rape case of Delhi after Nirbhaya
 

निर्भया के बाद क्या बदला? दिल्ली बलात्कार की 'राजधानी' बनी हुई है

सौम्या शंकर | Updated on: 16 December 2015, 20:31 IST
QUICK PILL
  • दिसंबर, 2012 में दिल्ली में चलती हुई बस में हुए सामूहिक बलात्कार ने पूरे देश को हिला दिया था. घटना के खिलाफ तीखे विरोध प्रदर्शन किए हुए थे. केंद्र सरकार ने महिलाओं के संग हिंसा को लेकर एक कड़ा कानून बनाया था.
  • आंकड़े बताते हैं कि नए कानून के बावजूद दिल्ली में बलात्कार और महिला उत्पीड़न की घटनाएं कम नहीं हुई हैं. पिछले तीन सालों में बलात्कार के मामले पहले की तुलना में ज्यादा दर्ज हुए हैं.

16 दिसंबर, 2012 को दिल्ली में चलती बस में हुए सामूहिक बलात्कार ने पूरे देश को हिला दिया था. भारत की राजधानी दिल्ली की आबादी करीब एक करोड़ 60 लाख है. राजधानी में होने वाले बलात्कारों की संख्या को देखते हुए इसे रेप कैपिटल (बलात्कार की राजधानी) भी कहा जाने लगा है.

निर्भया मामले के रूप में चर्चित इस घटना के बाद सरकार ने बलात्कार से जुड़ा नया, कड़ा कानून बनाया. लेकिन इस मामले और नए कानून के बावजूद दिल्ली में बलात्कार के मामलों में कमी नहीं हुई है. 

आंकड़ों गंभीरता को बयां करते हैं

  • दिल्ली में हर रोज औसतन महिलाओं के संग होने वाले अपराधों से जुड़े 40 मामले दर्ज होते हैं. इनमें से चार मामले बलात्कार के होते हैं.
  • थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन के एक हालिया सर्वे के अनुसार सार्वजनिक यातायात में असुरक्षा के लिहाज से दिल्ली महिलाओं के लिए चौथा सबसे असुरक्षित शहर है, रात में सुरक्षा और आने-जाने के दौरान छींटाकशी के मामले में दिल्ली दूसरा सबसे असुरक्षित शहर है.
  • साल 2014 में दिल्ली में बलात्कार के कुल 1813 मामले दर्ज हुए. इसके पिछले साल कुल 1441 मामले दर्ज हुए थे.
  • पुलिस के आंकड़ों के अनुसार राजधानी में साल 2015 के शुरुआती नौ महीनों में हर रोज छह बलात्कार और 14 यौन शोषण के मामले दर्ज हुए. इस साल 15 सितंबर तक बलात्कार के 1557 मामले और छेड़छाड़ के 3876 मामले दर्ज हुए थे.

ये आंकड़े उन घटनाओं के हैं जिनकी सूचना दर्ज करायी गयी. निर्भया मामले के बाद दिल्ली में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए थे. उसके बाद से बलात्कार के मामले दर्ज करानेे में तेजी आयी है.

हालांकि जानकारों के अनुसार अब भी बड़ी संख्या में ऐसे मामले दर्ज नहीं हो पाते हैं. राष्ट्रीय क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो और दिल्ली पुलिस के अनुसार बलात्कार के कुल दर्ज मामलों में 95.94 प्रतिशत अभियुक्त पीड़ित या उसके परिवार के जानने वाले होते हैं. महज 0.4 प्रतिशत बलात्कार के मामलों में ही अभियुक्त पीड़ित से अपरिचित थे.

पुलिस, राज्य सरकार और केंद्र सरकार बलात्कार के मामले में एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर अपना पिंड छुड़ाते नजर आते हैं. दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा पूर्ण राज्य की मांग के व्यापक मुद्दे से जोड़ दिया गया है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल महिला सुरक्षा के मुद्दे पर दिल्ली पुलिस और पुलिस कमिश्ननर बीएस बस्सी पर सवाल उठाते रहे हैं. वहीं पिछले साल महिलाओं की सुरक्षा को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बताते हुए दिल्ली पुलिस ने कुछ कदम उठाए थे:

  • चौबीस घंटे के लिए विशेष नंबर वाली महिला हेल्पलाइन
  • दुर्घटना संभावित मार्गों पर नजर रखने के लिए थाना स्तरीय कमेटी
  • महिला संचालित पीसीआर वैन
पुलिस का दावा है कि साल 2014 में दर्ज कराए गए 78 प्रतिशत मामलों को 15 दिन के अंदर सुलझा लिया गया था. पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी समेत कई पुलिस अधिकारियों ने बार-बार ये कहा कि पुलिस इससे ज्यादा कुछ नहीं कर सकती क्योंकि 90 प्रतिशत से अधिक मामलों में अभियुक्त पीड़ित के परिचित ही होते हैं.

पुलिस से असहमत


वहीं कई लोग दिल्ली पुलिस की राय से सहमत नहीं हैं. दिल्ली महिला कमिशन फॉर वूमेन (डीसीडब्ल्यू) की चेयरपर्सन स्वाति मालिवाल के एक प्रश्न के जवाब में दिल्ली पुलिस ने बताया था कि साल 2015 में अगस्त तक दर्ज हुई 7124 एफआईआर में  केवल एक मामला पूरी तरह हल हुआ है. इसी तरह साल 2014 में कुल 11209 एफआईआर दर्ज हुईं. जिनमें केवल नौ लोगों की सजा हुई थी.

मालिवाल कहती हैं, "महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा में अगर पुलिस समय से और सही चार्जशीट दायर करे दोषियों को सजा दिलाने की दर बढ़ जाएगी. सच यही है कि ज्यादातर अभियुक्त बरी हो जाते हैं जिससे गलत संदेश जाता है."

मालिवाल कहती हैं, "आज बलात्कारी खुले घूम रहे हैं. महिलाओं को घर में रहने के लिए कहा जा रहा है. यहां तक संसद की स्टैंडिंग कमेटी की रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस के तर्क को खोखला बताया गया है. दरअसल ये मामला पूर्ण राज्य के दर्जे से जुड़ा हुआ है." वहीं पुलिस ने अपनी एक विस्तृत रिपोर्ट में बलात्कार पर रोकथाम में विफलता के कई कारण गिनाए हैं.

  • समाज में व्याप्त सामाजिक आर्थिक असमानता.
  • शहर में अनजान होने की भावना से ऐसे बरताव की आशंका बढ़ जाती है.
  • अमीर और गरीब तबके के इलाकों का आसपास होना.
  • ऐसी किसी घटना के बाद पड़ोसी राज्यों में भाग जाने में आसानी.

अरविंद केजरीवाल दिल्ली में बेहतर पुलिस व्यवस्था की मांग करते रहे हैं. दिल्ली पुलिस यहां के मुख्यमंत्री के अधीन नहीं है. वो भारत के गृह मंत्रालय के अधीन है. केजरीवाल पुलिस को दिल्ली सरकार के अधीन किए जाने की भी मांग करते रहे हैं.

दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार के दावों-प्रतिदावों के इतर कड़वी सच्चाई यही है कि निर्भया मामले के बाद भी दिल्ली में बलात्कार के कुख्यात मामले सामने आए.

डेनमार्क की 52 वर्षीय महिला


डेनमार्क की रहने वाली एक महिला राष्ट्रीय संग्रहालय देखने के बाद पहाड़गंज स्थित अपने होटल में लौटते समय रास्ता भटक गयी. उन्होंने एक किशोर से मदद मांगी. उस किशोर ने आठ अन्य लोगों के साथ मिलकर चाकू की नोक पर उनके संग बलात्कार किया. महिला ने ये कहकर उन लोगों से बचना चाहा कि उसे एड्स है फिर भी वो नहीं बच सकी. अभियुक्तों में दो किशोर थे. उनपर किशोर न्याय बोर्ड में मामला चल रहा है. बालिग अभियुक्त न्यायिक हिरासत में हैं और उनपर मुकदमा चल रहा है.

अक्टूबर, 2015 में हुए बलात्कार

राजधानी की एक रेल पटरी पर चार साल की एक बच्ची मिली जिसके संग कथित तौर पर बलात्कार किया गया था. बच्ची के शरीर पर चाकू से बने जख्म भी थे. इस घटना से करीब एक हफ्ते पहले दो साल की और पांच साल की बच्चियों के संग बलात्कार की घटना सामने आयी थी.

दो साल की बच्ची अपने घर से करीब तीन घंटे से गायब थी. बाद में वो परिवार वालों को पार्क में खून में लथपथ मिली. पांच साल की बच्ची को उसका पड़ोसी फुसलाकर अपने साथ ले गया. फिर उसके साथ तीन लोगों ने बलात्कार किया.

मीनाक्षी हत्याकांड

मीनाक्षी के ऊपर उसके घर के पास ही दो लड़के हर दिन आते-जाते छींटाकशी करते थे. एक दिन इससे आजिज आकर जब मीनाक्षी उनका विरोध किया तो उसकी मां के सामने ही उसकी हत्या कर दी गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर 35 बार चाकू मारने के निशान पाए गए.

मुख्य आरोपी जय प्रकाश को तत्काल ही गिरफ्तार कर लिया गया जबकि उसके भाई अजय को पुलिस ने कुछ दिन बाद गिरफ्तार किया.

25 वर्षीय महिला का बलात्कार का विरोध करने पर हत्या

दक्षिण पश्चिम दिल्ली के दादरी इलाके में एक 25 साल की महिला की लाश नाले से बरामद हुई. पुलिस का कहना था कि उसे जहर का इंजेक्शन देकर मारा गया क्योंकि उसने बलात्कार का विरोध किया था. इसमें तीन लोग शामिल थे जिनमें एक  नाइजीरियाई युवक भी था.

महिला एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी में काम करती थी. एक शुक्रवार वो अपने दोस्तों के साथ दक्षिण दिल्ली के एक क्लब में पार्टी करने गई थी. वहां उनकी मुलाकात कुछ नाइजीरियाई लोगों से हुई. कथित तौर पर उन्होंने नाइजीरियन से ड्रग लिया. 

महिला ने उन लोगों को अपने उत्तम नगर स्थित घर चलकर पार्टी करने का प्रस्ताव दिया. उसके घर तीन लोगों ने (ऊशे चुक्वू, दुर्गा प्रसाद और गुलशन) उसके साथ बलात्कार की कोशिश की. जब उसने विरोध किया तो ऊशे ने उसके गले में सीरिंज से कोई जहरीला इंजेक्शन लगा दिया. कुछ घंटे बाद उसकी मौत हो गई.

पूर्वी दिल्ली का मामला

13 साल की एक नाबालिग बच्ची के साथ पूर्वी दिल्ली के नंद नगरी इलाके में तीन ऑटोरिक्शा चालकों ने बलात्कार किया. घर में किसी बात पर हुई अनबन के चलते लड़की अपने घर से निकल गई थी. घूमत-घूमते वह पूर्वी दिल्ली के भोपुरा बॉर्डर पर पहुंच गई. यहां तीन ऑटोरिक्शा चालकों की नजर उस पर पड़ गई. तीनों लड़की को एक सुनसान जगह पर ले गए और बारी-बारी से उसके साथ बलात्कार किया. जाते-जाते उन्होंने लड़की को मुंह बंद रखने की धमकी भी दी. तीनों आरोपियों के नाम रेहान (22 वर्ष), सोनू (23वर्ष), सलीम (24 वर्ष) हैं.

जनवरी, 2014

उत्तरी दिल्ली के बाड़ा हिंदूराव इलाके में एक नौ साल की बच्ची के साथ बलात्कार और उत्पीड़न की घटना सामने आई. इसमें एक 25 साल के युवक की भूमिका सामने आई.

पीड़िता को बुरी तरह जख्मी हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया. आरोपी गोपी नाथ माल्हा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. 6:30 बजे के आस पास तीसरी कक्षा की छात्रा अपने घर के पास ही दो सहेलियों के साथ खेल रही थी. माल्हा ने उन्हें कुछ दिखाने का लालच देकर अपने साथ चलने को कहा. दो लड़कियां वहां से भाग गईं. पीड़िता उसके चंगुल में फंस गई. माल्हा ने लड़की का मुंह बांध दिया और उसे एक सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया.

फरवरी, 2014

17 साल की एक लड़की के साथ उसके एक साथी ने बलात्कार किया, उसके साथ मारपीट की और फिर जख्मी हालत में उसे एक अस्पताल में छोड़कर चला गया. लड़की को उसका दोस्त वैलेंटाइन डे की पार्टी के बहाने कहीं ले गया था.

12वीं में पढ़ने वाली पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह स्कूल जा रही थी तभी रास्ते में 24 वर्षीय उसका दोस्त मिल गया. उसने पीड़िता से कहा कि वो वैलेंटाइन डे और उसके जन्मदिन की पार्टी अपने एक दोस्त के घर पर सेलीब्रेट करने जा रहे हैं.

पीड़िता जल्द ही 18 साल की होने वाली थी. वह उसे एक फ्लैट में ले गया और वहां लड़की के साथ छेडछाड़ करने लगा. उसने धमकी दी कि वह किसी से भी इस घटना का जिक्र न करे. उसने उसके साथ हिंसक तरीके से व्यवहार करना जारी रखा. बाद में उसके शरीर के अलग-अलग हिस्सों से खून बहने लगा. उसकी हालत बिगड़ने लगी तो उसने अपने दोस्तों से कहा कि उसे अस्पताल में छोड़कर भाग चलते हैं. पीड़िता को सफदरजंग अस्पताल परिसर में पुलिस वालों ने बुरी तरह जख्मी हालत में पाया. आरोपी गिरफ्तार हो गया है.

अक्टूबर, 2013

एक नाबालिग लड़की के साथ सफदरजंग एनक्लेव इलाके में तीन लोगों ने बलात्कार किया. 17 वर्षीय पीड़िता ग्यारहवीं की छात्रा है. उसने खुद पुलिस से संपर्क करके अपने साथ हुई अमानवीयता की जानकारी दी.

जिन लोगों ने लड़की के साथ बलात्कार किया था वे पीड़िता की जान-पहचान के लोग थे. उन्होंने उसे कुछ पीने के लिए दिया था जिसमें नशीला पदार्थ मिला था. जब लड़की अचेत हो गई तो तीनों ने बारी-बारी से उसके साथ बलात्कार किया. इसके बाद वे उसे उसी हालत में उसके घर के पास छोड़कर भाग गए. फिलहाल तीनों पुलिस की गिरफ्त में हैं.

अगस्त, 2013

उत्तर-पश्चिम दिल्ली के करावल नगर इलाके से बेहद शर्मनाक घटना सुनने को मिली. एक 42 साल का व्यक्ति बीते चार सालों से अपनी युवा बेटियों का शोषण कर रहा था. पेशे से टैक्सी ड्राइवर राम अवतार करावल नगर में अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ रहता था.

पुलिस को की गई शिकायत में आरोपी की बड़ी बेटी ने कहा है कि उसके पिता जब भी घर में वह अकेली होती थी तो उसके साथ बलात्कार की कोशिश करते थे. इसकी जानकारी जब उनकी मां को हुई तब वो अपनी दोनों बेटियों को लेकर थाने गई और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई.

बड़ी बेटी ने आरोप लगाया कि उसके पिता अक्सर बलात्कार की कोशिश करते थे जबकि छोटी बेटी का आरोप है कि उसके पिता ने उसके साथ बलात्कार किया. उसका आरोप है कि जब भी वो अअपने पिता के इस कृत्य का विरोध करती थी, उसे बुरी तरह पीटा जाता था. आरोपी गिरफ्तार हो चुका है.

अप्रैल, 2013

एक पांच साल की लड़की को उसके पड़ोसी ने बंधक बनाकर उसके साथ चार दिनों तक बलात्कार किया. उसके शरीर में कोई बाहरी चीज डालने की कोशिश भी की गई जिससे उसके शरीर में संक्रमण फैल गया. पीड़िता की मां का कहना है कि उनकी बेटी खेलने गई थी जहां से उसे अगवा कर लिया गया.

लड़की को पूर्वी दिल्ली के गांधीनगर इलाके के एक घर में बंधक बनाकर रखा गया था. लड़की का परिवार वहीं रहता है. आरोपी घर छोड़कर फरार हो गया. इसके बाद वहां जबर्दस्त विरोध शुरू हो गया. इसी प्रदर्शन के दौरान एसीपी बीएस अहलावत ने एक लड़की को थप्पड़ मार दिया जिससे कारण उसके कान से खून रिसने लगा. बलात्कार की राजधानी बन गई दिल्ली में ठीक ही किसी ने एक लेख का शीर्षक दिया है, 'द न्यू देल्ही रेप फेस्टिवल इन इंडिया बिगिन्स दिस वीक' यानी "नई दिल्ली बलात्कार उत्सव का प्रारंभ इस हफ्ते से होगा”.

First published: 16 December 2015, 20:31 IST
 
सौम्या शंकर @shankarmya

A correspondent with Catch, Soumya covers politics, social issues, education, art, culture and cinema. A lamenter and celebrator of the human condition, she hopes to live long enough to witness the next big leap in human evolution or the ultimate alien takeover of the world.

पिछली कहानी
अगली कहानी