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मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की इफ्तार पार्टी में अब्दुल बासित को नो एंट्री

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 June 2016, 14:38 IST

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े माने जाने वाले संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित को दिया इफ्तार पार्टी का न्योता वापस ले लिया है.

दरअसल अब्दुल बासित ने पंपोर आतंकी हमले को लेकर बेतुका बयान दिया था. अपने बयान में बासित ने हमले में शहीद हुए जवानों का मजाक उड़ाया था.

2 जुलाई को इफ्तार पार्टी

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की तरफ से संसद भवन परिसर में 2 जुलाई को इफ्तार पार्टी आयोजित की जाएगी. इसके लिए अब्दुल बासित को भी न्योता दिया गया था.

पंपोर हमले को लेकर मीडिया के सवालों पर अब्दुल बासित ने कहा था कि ये रमजान का महीना है, अभी इफ्तार की पार्टी है, उस पर बात कीजिए और पार्टी का आनंद लीजिए.

फैसले के बारे में जानकारी देते हुए मुस्लिम मंच के राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद अफजल ने कहा, "पंपोर हमले को लेकर अब्दुल बासित के बयान की प्रतिक्रिया में हमने उनको दिया इफ्तार पार्टी का न्योता वापस ले लिया है."

दिसंबर 2002 में मंच का गठन

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से मान्यता प्राप्त संगठन माना जाता है. इसका गठन दिसंबर 2002 में आरएसएस प्रमुख केएस सुदर्शन की पहल के बाद किया गया था.

संगठन का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा मुस्लिमों तक पहुंच बनाना है. वरिष्ठ आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार इसके मार्गदर्शक हैं. अब्दुल बासित को इफ्तार पार्टी का न्योता दिए जाने का संघ विचारक राकेश सिन्हा ने भी विरोध किया था. 

राकेश सिन्हा ने ट्वीट करते हुए मांग की थी कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच को बासित को दिया न्योता वापस ले लेना चाहिए.

हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया था कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच आरएसएस से मान्यता प्राप्ता नहीं है. ट्विटर पर राकेश सिन्हा ने लिखा था, "मुस्लिम राष्ट्रीय मंच एक स्वतंत्र संस्था है, जो आतंकवाद के खिलाफ जनमत बनाता है, इसके द्वारा आयोजित इफ्तार का आरएसएस से कोई लेना-देना नहीं है."

First published: 28 June 2016, 14:38 IST
 
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