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राशन घोटाला: CAG की रिपोर्ट पर केजरीवाल का बयान, दोषियों को नहीं बख्शा जायेगा

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 April 2018, 9:15 IST

दिल्ली सरकार के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने CAG की रिपोर्ट पेश की. कैग की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली सरकार के कई विभागों में अनिमियतता की बातें सामने आयी है. सिसोदिया ने कहा कि अगर CAG रिपोर्ट के अनुसार किसी मंत्री या अधिकारी से गड़बड़ी हुई है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी.

वहीं केजरीवाल ने कहा है कि इन रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर कोई भी मंत्री की गड़बड़ी सामने आती है तो उस पर सख्त कार्यवाही की जाएगी.  केजरीवाल ने कैग की रिपोर्ट का टुकड़ा ट्वीट करते हुए लिखा, 'डोर स्टेप राशन डिलीवरी की फ़ाइल रद्द कर एलजी राशन माफियाओं को बचाने की कोशिश कर रहे हैं! पूरा राशन सिस्टम माफियाओं के कब्जे में है जिन्हें राजनीतिक सरंक्षण प्राप्त है.'

 

कैग रिपोर्ट में सामने आया राशन घोटाला
दिल्ली में कैग (कम्पट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) की रिपोर्ट में राशन घोटाला सामने आया है. देश में कई बड़े-बड़े घोटाले सामने वाले वाले कैग की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन गाड़ियों से राशन की ढुलाई का जिक्र है वो जांच में स्कूटर और बाइक निकले. रिपोर्ट में कहा गया है कि ये संदेह है कि राशन बांटा ही नहीं गया और फर्जी ढुलाई दिखाई गई.

 

राशन घोटाले नौ गाड़ियों का इस्तेमाल
दिल्ली सरकार के कामकाज को लेकर वित्तीय वर्ष 2016-17 की कैग की ऑडिट रिपोर्ट में केजरीवाल सरकार के कामकाज पर गम्भीर सवाल उठाए गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, राशन वितरण केंद्रों पर 1589 क्विंटल ढुलाई के लिए नौ ऐसी गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया जिनका रजिस्ट्रेशन नम्बर बस, तिपहिया वाहन, मोटर साइकिल और स्कूटर का था.


कैग ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि, 'इससे सन्देह पैदा होता है कि राशन का वितरण हुआ ही नही और अनाज चोरी की आशंका से नकारा नही जा सकता.' घोटाले की खबर सामने आते ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मामले पर ट्वीट करते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी नही बख्शा जाएगा.

क्या है कैग की रिपोर्ट

कैग की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में राशन की ढुलाई के 2016-17 में कुल 207 गाड़ियों को इस्तेमाल में लाया गया. ऑडिट में ये सामने आया कि इनमें से 42 गाड़ियां दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग में पंजीकृत नही थी. दस गाड़ियां अन्य विभागों के नाम पर थीं. इसके अलावा आठ ऐसी गाड़ियां थी जिनका रजिस्ट्रेशन किसी बस, तिपहिया वाहन, स्कूटर या बाइक के नाम पर थी. जिस पर तकरीबन 1589 कुंतल अनाज एफसीआई के गोदामों से फेयर प्राइस शॉप तक ले जाया गया.

कांग्रेस ने साधा निशाना
रिपोर्ट आने के बाद कांग्रेस ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है. दिल्ली कांग्रेस के नेता जेपी अग्रवाल ने कहा, ‘’स्कूटर और मोटरसाइकिल पर अनाज की ढुलाई इस बात का इशारा करती है कि अनाज लोगों तक पहुंचा ही नहीं. इस घोटाले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए.’’

First published: 4 April 2018, 8:31 IST
 
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