Home » इंडिया » RBI Governor Shaktikanta Das appointment is wrong says BJP MP Subramanian Swamy
 

'मोदी सरकार द्वारा चुने गए RBI के नए गवर्नर ने की थी पी चिदंबरम को घोटाले से बचाने की कानूनी कोशिश'

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 December 2018, 14:45 IST

RBI के नए गवर्नर, पूर्व वित्त सचिव व वित्त आयोग के वर्तमान सदस्य शक्तिकांत दास की नियुक्ति पर भाजपा में विवाद पैदा हो गया है. बीजेपी नेता और सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने नए गवर्नर की नियुक्ति पर सवाल खड़े करते हुए पीएम मोदी को खत लिखा है. स्वामी ने शक्तिकांत दास की आरबीआई गवर्नर के रूप में नियुक्ति को गलत बताया है.

सुब्रमण्यन स्वामी ने कहा कि शक्तिकांत दास को आरबीआई के गवर्नर के रूप में नियुक्त करना गलत है. स्वामी ने कहा कि उन्होंने पी चिदंबरम के साथ भ्रष्ट गतिविधियों में करीबी से काम किया है. स्वामी ने कहा कि अदालत के मामलों में उन्हें बचाने की कोशिश भी दास ने की है. उन्होंने बताया कि मुझे नहीं पता कि यह क्यों किया गया है. मैंने इस निर्णय के खिलाफ प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है.

पढ़ें- कांग्रेस पर मेहरबान मायावती, मध्य प्रदेश और राजस्थान में दिलाएंगी 'सत्ता की चाभी'

दरअसल, सोमवार की शाम आरबीआई के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल ने अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था. माना जा रहा था कि सरकार द्वारा आरबीआई एक्ट के सेक्शन-7 में अपने विशेषाधिकार लागू करने का कदम पटेल को रास नहीं आया था. पटेल इसे सरकार द्वारा आरबीआई की स्वायत्तता में हस्तक्षेप मान रहे थे. इसी वजह से उन्होंने इस्तीफा सौंप दिया था. उर्जित पटेल के इस्तीफे के एक दिन बाद शक्तिकांत दास को आरबीआई का नया गवर्नर बनाया गया है.

पढ़ें- क्या RBI गवर्नर के रूप में एक साल पहले से ही तय था शक्तिकांत दास का नाम ?

1980 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व अधिकारी शक्तिकांत दास नोटबंदी के बाद आर्थिक गतिविधियों को सामान्य बनाने में अहम भूमिका निभा चुके हैं. 61 साल के दास की नियुक्ति तीन साल के लिए की गई है. वह 83 साल पुराने RBI के 25वें गवर्नर होंगे. वह मई, 2017 में वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामले विभाग के सचिव पद से सेवानिवृत हुए. वह जी-20 सम्मेलन के लिए भारत के शेरपा और वित्त आयोग के सदस्य भी रहे.

First published: 12 December 2018, 14:10 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी