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50 करोड़ के घोटाले में फंसा जज, CJI गोगोई ने दिया सस्पेंड करने का आदेश

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 October 2018, 13:34 IST

भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने पटना में रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल के न्यायधीश आरके मित्तल पर 50 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगने के बाद उन्हें निलंबित करने की मंजूरी दे दी है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार इससे सम्बंधित फाइल पिछले सीजेआई के कार्यालयों के महीनों से लंबित थी. सूत्रों ने पुष्टि की कि CJI  गोगोई के कार्यालय ने इस सप्ताह इसे मंजूरी दे दी और रेलवे बोर्ड को अपनी मंजूरी भेज दी है.

यह पहली बार है कि जब एक आरसीटी न्यायाधीश को भ्रष्टाचार के आरोपों पर निलंबन का सामना करना पड़ रहा है. इस केस की जांच न्यायमूर्ति यूयू ललित को सौंपी गई थी. आरके मित्तल पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं.
आरसीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति के कन्नन ने कुछ महीने पहले मित्तल के निलंबन की मांग कर रेलवे बोर्ड को लिखा था. घोटाले के प्रकाश में आने के बाद मित्तल को इस वर्ष की शुरुआत में रांची से आरसीटी के त्रिवेंद्रम खंडपीठ में स्थानांतरित कर दिया गया था.

रेलवे बोर्ड ने कानूनी राय मानी थी कि एक ट्रिब्यूनल के एक मौजूदा न्यायाधीश को सीजेआई की मंजूरी के बिना निलंबित नहीं किया जा सकता है. फाइल को तब सीजेआई के कार्यालय में भेजा गया था. हालांकि नए सीजेआई जस्टिस रंजन गोगोई ने जल्द की इस मामले को संज्ञान में लिया है. इसे पहले सीजीआई ने देश की अदालतों में लंबित कई मामलों को जल्द निपटाने की रणनीति बनाने की दिशा में काम करने के संकेत दिए थे.

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First published: 19 October 2018, 13:31 IST
 
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