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बुरहान वानी की दूसरी बरसी पर अलगाववादियों का घाटी बंद, फिर रुकी अमरनाथ यात्रा

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 July 2018, 7:40 IST

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अमरनाथ यात्रा रोक दी है. इससे पहले बीते दिनों मौसम के कहर के कारण अमरनाथ यात्रिओं को असुविधा का सामना करना पड़ा था. जम्मू कश्मीर प्रशासन ने हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की आज दूसरी बरसी पर ये फैसला लिया है.

गौरतलब है कि बुरहान की दूसरी बरसी पर अलगाववादियों ने घाटी बंद का ऐलान किया था. ऐसे में किसी भी अप्रिय स्तिथि से बचने के लिए प्रशासन ने सुरक्षात्मक रवैया अपनाया है. अमरनाथ यात्रा रोकने से करीब 1000 यात्रिओं को कठुआ में ही रुकना पद गया तो वहीं 15000 से ज्यादा यात्री जम्मू, उधमपुर और रामबान जिले में रुके हैं.

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पुलिस महानिदेशक एसपी वैद्य के अनुसार, ''जम्मू कश्मीर में कानून व्यवस्था की स्थिति अच्छी नहीं है, हमारा प्रयास तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है. अलगाववादियों ने रविवार को हड़ताल का आह्वान किया है, ऐसे में हमें यात्रा रोकनी पड़ी.''

पुलिस के अनुसार यात्रियों की सुरक्षा सबसे ज्यादा अहम है. साथ ही में उन्हीने यात्रिओं से अपील करि कि घाटी की (कानून व्यवस्था की) स्थिति को ध्यान में रखकर पुलिस साथ सहयोग करें.

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जारी है रेड अलर्ट

इंटेलिजेंस से मिली जानकारी के हिसाब से प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये हैं. बंद के समय में किसी भी आतंकी हमले से बचने के लिए जम्मू कश्मीर में श्रीनगर नेशनल हाईवे के 300 किलोमीटर के इलाके में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है. वहीं इससे पहले जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के अध्यक्ष यासीन मलिक को हिरासत में ले लिया गया, जबकि हुर्रियत कांफ्रेंस के नरमपंथी धड़े के प्रमुख मीरवायज उमर फारुक को नजरबंद किया गया है.

 

इंटरनेट सेवा ठप्प

सेना और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद स्तिथि तनाव पूर्ण है. ऐसे में कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है. सुरक्षा बालों के साथ हुई मुठभेड़ में 3 स्थानीय नागरिकों की मौत हो गयी थी, जिसमें एक नाबालिक लड़की भी शामिल है. इस घटना के बाद तनाव बना हुआ है. इस स्तिथि को देखते हुए ही इंटरनेट की सेवाओं पर रोक लगाई गई है. इस घटना के बाद दक्षिण कश्मीर के चार जिलों कुलगाम, शोपियां, अनंतनाग और पुलवामा में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई.

सेना से मुठभेड़ में मरा था बुरहान वानी

गौरतलब है कि दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले सेना ने 8 जुलाई 2016 को सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ में बुरहान वानी को मार गिराया था. वाणी त्राल का रहने वाला था. उसकी मौत के बाद घाटी में हिंसक प्रदर्शन हुए .तकरीबन चार महीने तक चले प्रदर्शनों के दौरान करीब 85 लोगों की जान गई थी.

 

First published: 8 July 2018, 7:40 IST
 
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