Home » इंडिया » #RemoveMughalsFromBooks is still trending, but Twitterati have turned the campaign on its head
 

ट्विटर पर पस्त हुआ मुगलों को किताबों से हटाने का ट्रेंड

चारू कार्तिकेय | Updated on: 3 March 2016, 8:06 IST
QUICK PILL
  • ट्विटर पर पिछली रात से भारतीय इतिहास के किताबों से मुगल शासकों के रेफरेंस को हटाने की मुहिम चल रही है. \'रिमूव मुगल्स फ्रॉम बुक्स\' घंटों तक ट्विटर पर ट्रेंड करता रहा. अलग-अलग ट्विटर हैंडल से यह करीब 28 हजार से अधिक बार रीट्वीट हुआ.
  • हालांकि अब यह ट्रेंड नहीं कर रहा है क्योंकि कई लोगों ने इसी हैशटैग का इस्तेमाल कर इसके खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया. कुछ लोगों ने जहां इस कैंपने को बेहूदा करार दिया वहीं कई लोगों ने इसे फनी बताया. 

सोशल मीडिया पर भगवा ब्रिगेड एक बार फिर से सक्रिय हो चुका है. ट्विटर पर पिछली रात से भारतीय इतिहास के किताबों से मुगल शासकों के रेफरेंस को हटाने की मुहिम चल रही है. 'रिमूव मुगल्स फ्रॉम बुक्स' घंटों तक ट्विटर पर ट्रेंड करता रहा. अलग-अलग ट्विटर हैंडल से यह करीब 28 हजार से अधिक बार रीट्वीट हुआ.

सबकी शुरुआत विवेक बंसल के ट्वीट से हुई जो अपने आप को सोशल मीडिया विशेषज्ञ, लेखक और शोधकर्ता बताते हैं. बंसल का मानना है कि कमजोर प्रेरणा वाले लोग बेहतर संगठन को बर्बाद कर सकते हैं. 

ट्विटर पर उनके 14.4 हजार फॉलोअर हैं. बंसल मामूली आदमी नहीं हैं. सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, बीजेपी सांसद कीर्ति आजाद, दिल्ली बीजेपी प्रमुख सतीश उपाध्याय और इन सबसे कहीं बढ़कर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें फॉलो करते हैं.

कैंपेन की शुरुआत करते हुए बंसल ने 1 मार्च की शाम आठ बजकर 46 मिनट पर लिखा, 'हम आज 9 बजे रात से रिमूव मुगल्स फ्रॉम बुक्स ट्रेंड करा रहे हैं. यह हिंदुत्व को समर्थन देने का सही समय है. चलिए इसे टॉप ट्रेंड कराते हैं.'

@Vivek

इसके बाद कुछ अगले ट्वीट ने बंसल की मंशा साफ कर दी. #RemoveMughalsFromBooks अकबर, बाबर, हुमायूं, से लेकर तैमूर तक सब भारत में लूट,बलात्कार, धर्म परिवर्तन, मंदिर विध्वंस, आदि कामो मे लगे रहे.

@vivek1.

फिर इसके बाद एक और ट्वीट आया. 

@vivek2.

जिसमें कहा गया, 'मुस्लिमों को ऐसे गुंडगर्दी और क्रूर अतीत से अपने को अलग कर  लेना चाहिए.' इसके बाद नमो सेना, अमित शाह फैंस, प्रधान सेवक और प्रधान सेवा, ट्रस्ट नरेंद्र मोदी, ट्रस्ट नमो, नरेंद्र मोदी फैन, नरेंद्रमोदी अंडरस्कोर जी, नो वीएचपी, ट्रस्ट बीजेपी, आरएसएस, आरएसएस अंडरस्कोर ओआरजी और फ्रेंड्स ऑफ आरएसएस समेत अनगिनत हैंडल से ट्वीट हुए.

सभी ट्विटर हैंडल का सत्ताधारी बीजेपी और संघ परिवार के अन्य संगठनों से सीधा संबंध दिखता है. हालांकि अभी तक तक इन संगठनों का कोई आधिकारिक ट्विटर हैंडल नहीं है.

हालांकि अभी यह कहना मुश्किल है कि इस कैंपेन का मकसद क्या एनडीए सरकार को देश के इतिहास की किताबों से मुगलों का रेफरेंस हटाने के लिए प्रेरित करना था या नहीं. हालांकि अब यह ट्रेंड नहीं कर रहा है क्योंकि कई लोगों ने इसी हैशटैग का इस्तेमाल कर इसके खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया.

कुछ लोगों ने जहां इस कैंपने को बेहूदा करार दिया वहीं कई लोगों ने इसे फनी बताया. 

@saurabh.

हैंकीपैंटी हैंडल से कहा गया, 'किताबों से मुगलों को हटाओ? क्योंकि आप वह देखना पसंद नहीं करते जो आपने किया है. इतिहास ऐसे ही काम करता है. क्या आप गोधरा या गांधी जी की हत्या के बारे में जानते हैं.'

@bhaksala.

वहीं राहुल राज ने भक साला हैंडल से कहा, 'किताबों से मुगलों को हटाते हुए डीएलएफ, पार्श्वनाथ, लोढ़ा ग्रुप और आम्रपाली ग्रुप को इतिहास में जगह दी जानी चाहिए क्योंकि इन्होंने मुगलों से ज्यादा बनाया है.'

एक अन्य हैंडल से कहा गया कि स्कूलों से किताबों को ही हटा दो. मेरी बेटी को कम से कम हर दिन पूरे बैग किताब ढोने से राहत मिल जाएगी.

@daughter.

वहीं एक अन्य हैंडल से कहा गया, 'क्या हमें उन सभी स्मारकों को भी नहीं हटा देना चाहिए जिसे मुगलों ने बनाया था. ताजमहल के बारे में क्या ख्याल है?'

@rofl

वहीं रॉफ्लगाांधी हैंडल से कहा गया, 'एचआरडी मिनिस्टर किताबों को मुगलों को हटाने की कोशिश कर रही हैं.'

 

First published: 3 March 2016, 8:06 IST
 
चारू कार्तिकेय @CharuKeya

Assistant Editor at Catch, Charu enjoys covering politics and uncovering politicians. Of nine years in journalism, he spent six happily covering Parliament and parliamentarians at Lok Sabha TV and the other three as news anchor at Doordarshan News. A Royal Enfield enthusiast, he dreams of having enough time to roar away towards Ladakh, but for the moment the only miles he's covering are the 20-km stretch between home and work.

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