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जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल लोकसभा से हुआ पास, पक्ष में पड़े 351 वोट विरोध में पड़े 72

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 August 2019, 19:35 IST

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा जम्मू कश्मीर को विशेष अधिकार देने वाले बिल आखिरकार निरस्त हो गया है.लोकसभा में अमित शाह की ओर से लाया गया संकल्प स्वीकार किया गया है. वोटिंग के दौरान सदन में कुल 424 मौजूद थे जिनमें से 351 सांसदो ने बिल के पक्ष में वोट किया जबकि 72 सदस्यो ने बिल के विरोध में वोट किया. बता दें, सोमवार को ही अमित शाह द्वारा अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराओं को खत्म करने और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख को दो केंद्र शासित क्षेत्र बनाने संबंधी सरकार के दो संकल्पों को मंजूरी दे दी थी. वहीं आज लोकसभा से भी यह बिल पास हो गया है.

 

अमित शाह द्वारा लाए गए दो संकल्पों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता अधिर रजन चौधरी के बयान पर काफी हंगामा हुआ. अधिर चौधरी ने कहा,'आपने कहा यह आंतरिक मामला है. लेकिन इसकी निगरानी यूएन द्वारा 1948 से की जा रही है. क्या यह आंतरिक मामला है?हमने शिमला समझौते और लाहौर घोषणा पर हस्ताक्षर किए. यह आंतरिक मामला या द्विपक्षीय क्या है? एस जयशंकर ने कुछ दिनों पहले माइक पॉम्पियो से कहा था कि कश्मीर द्वीपक्षीय मामला है. इसलिए इसमें हस्तक्षेप न करें. क्या जम्मू-कश्मीर अब भी आंतरिक मसला है? हम जानना चाहते हैं. पूरी कांग्रेस पार्टी आपके द्वारा प्रबुद्ध होना चाहती है.'

 

वहीं अमित शाह ने इस दौरान विपक्ष के सभी आरोपों का जवाब दिया. अमित शाह ने कहा कि, पंडित नेहरू ने अगर सेना को पूरी छूट दी होती तो पीओके भारत का हिस्सा होता. पूर्वोत्तर, महाराष्ट्र और कर्नाटक समेत कुछ राज्यों के सदस्यों को मैं आश्वस्त करता हूं कि नरेंद्र मोदी सरकार की अनुच्छेद 371 को हटाने की कोई आकांक्षा नहीं. हम हुर्रियत के साथ चर्चा नहीं करना चाहते, अगर घाटी के लोगों में आशंका है तो जरूर उनसे चर्चा करेंगे, उन्हें गले लगाएंगे.'

साथ ही उन्होंने कहा कि,'परिस्थिति सामान्य होते ही जम्मू कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने में इस सरकार को कोई समस्या नहीं. अनुच्छेद 370 से अल्पसंख्यकों के साथ अन्याय. हम कोई ब्लंडर नहीं करेंगे. रायशुमारी की बात 1965 में ही खत्म हो गई. उचित समय आने में 70 साल लग गए. 70 साल में एक ही लाइन पर चले, क्या हासिल हुआ पाकिस्तान ने अलगाववाद को हवा दी. हम ऐतिहासिक भूल नहीं करने जा रहे हैं, सुधारने जा रहे हैं.'

बता दें, कांग्रेस, सपा समेत कई दलों ने सरकार के इस बिल का विरोध किया. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस बिला का विरोध किया. समाजवादी पार्टी ने बिल का विरोध करते हुए लोकसभा से वॉक आउट किया.

 

अमित शाह द्वारा लाए गए संकल्पो का विरोध करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्विट किया,कभी भी राष्‍ट्रीय एकीकरण एकतरफा कार्रवाई के जरिए जम्मू-कश्मीर को तोड़कर, चुने हुए प्रतिनिधियों को कैद करके और संविधान का उल्लंघन करके नहीं किया गया है. यह देश अपने लोगों द्वारा बनाया गया है, न कि भूमि के टुकड़ों के द्वारा, विधायी शक्ति का इस तरह के दुरुपयोग से राष्‍ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है. देश लोगों से बनता है जमीन के टुकड़े से नहीं. 

जबकि लद्दाख के सांसद जामयांग सेरिंग ने कहा कि अनुच्छेद 370 के खत्‍म होने से केवल दो परिवारों की रोजी रोटी खोएगी और कश्‍मीर का भविष्‍य उज्‍जवल होने वाला है.

First published: 6 August 2019, 19:35 IST
 
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