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राजनाथ सिंह: कश्मीर के बगैर बाकी भारत का भविष्य अधूरा

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 February 2017, 8:20 IST

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के श्रीनगर दौरे का आज दूसरा और अंतिम दिन है. राजनाथ सिंह ने कश्मीर घाटी में शांति की अपील करते हुए कहा है कि ज्यादातर लोग हिंसा के विरोध में हैं.

इससे पहले बुधवार को राजनाथ सिंह ने श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर की विपक्षी पार्टियों के नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया था. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला समेत अन्य पार्टियों के नेताओं से राजनाथ की बातचीत हुई.

हालांकि अलगाववादी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस का कोई प्रतिनिधि राजनाथ के पास नहीं पहुंचा. गुरुवार को राजनाथ सिंह ने राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के साथ श्रीनगर में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की.

संवाददाताओं से बातचीत करते हुए राज्य के हालात पर राजनाथ ने कहा, "राज्य के 95 फीसदी लोग नहीं चाहते हैं कि हिंसा हो. वे शांति चाहते हैं. हमें उन तक पहुंचना होगा." 

राजनाथ ने कहा, "मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उन्होंने 20 से ज्यादा प्रतिनिधिमंडलों के साथ मुलाकात की है और सभी चाहते हैं कि कश्मीर में शांति हो. कश्मीर के बगैर बाकी भारत का भविष्य अधूरा है."

राजनाथ-महबूबा की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस

1. जम्मू-कश्मीर के के 95 फीसदी लोग नहीं चाहते हैं कि हिंसा हो.

2. राज्य के ज्यादातर लोग शांति चाहते हैं. हमें उन तक पहुंचना होगा. 

3. मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और मैंने 20 से ज्यादा प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की है.

4. अपने दौरे के दौरान मैंने करीब 300 लोगों से मुलाकात की है.

5. मैंने पहले ही कहा था कि जो भी बात करना चाहता है, उससे मैं मिलूंगा.

6. कश्मीर के युवा के हाथ में पत्थर नहीं होना चाहिए.

7. यहां के युवा के हाथ में पेन, किताबें और कंप्यूटर होने चाहिए.

8. उन तत्वों की पहचान करने की जरूरत है जो कुछ युवाओं को गुमराह कर रहे हैं.

9. कश्मीर के साथ के बिना बाकी भारत का भविष्य अधूरा है.

10. मैंने महबूबा जी से कहा कि सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल लाना चाहते हैं.

11. यहां उसके लिए पूरी तरह से तैयारी की जानी चाहिए.

12. कश्मीर के भविष्य के बिना भारत का भविष्य नहीं बन सकता.

13. 2010 में यह माना गया था कि पैलेट गन कम घातक हथियार है.

14. यह गैर घातक हथियार है जिससे कम नुकसान हो सकता है.

15. लेकिन आज हम महसूस कर रहे हैं कि कोई न कोई इसका विकल्प होना चाहिए. 

16. इंसानियत, कश्मीरियत, और जम्हूरियत के दायरे में किसी से भी बात करने को तैयार.

'कश्मीरी युवाओं को बनाया ढाल'

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा, "हमारे युवकों को कुछ तत्व ढाल की तरह इस्तेमाल करके सेना के कैंपों पर हमला कर रहे हैं. वे हमारे बच्चों को मुश्किल में डालना चाहते हैं."

इस दौरान गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र जल्द ही एक नोडल अफसर की नियुक्ति करेगा, जिससे देश में कहीं भी मुश्किल हालात में जीवन गुजार रहे कश्मीरियों की मदद होगी.

राजनाथ ने साथ ही कहा, "हिंसक घटनाओं में साढ़े चार हजार से ज्यादा सुरक्षा कर्मी घायल हुए हैं. मैं लोगों से अपील करता हूं कि कश्मीर की बाढ़ के दौरान उनके योगदान को याद करें."

कश्मीर घाटी में 8 जुलाई के बाद से हिंसा और तनाव बरकरार है. हिंसक प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाबलों की कार्रवाई में अब तक 70 लोगों की मौत हो चुकी है. घाटी में 48 दिन से कर्फ्यू जारी है. हिंसा की शुरुआत हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की एनकाउंटर में मौत के बाद हुई थी.

First published: 25 August 2016, 2:08 IST
 
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