Home » इंडिया » Revealed: NSA Ajit Doval's phone number was placed on surveillance?
 

खुलासा : NSA अजित डोभाल का फोन नंबर रखा गया था सर्विलांस पर ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 November 2018, 9:40 IST

सीबीआई विवाद में लगातार नए मोड़ आते जा रहे हैं. सोमवार को सीबीआई के एक संयुक्त निदशक ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल का नाम लेकर सबको चौंका दिया था. वहीं अब एक रिपोर्ट की माने तो इस बात की आशंका जताई जा रही है कि कई हाई प्रोफाइल लोगों के फोन नंबर को गैरकानूनी तरीके से सर्विलांस पर रखा गया था. यही नहीं सरकार को यह आशंका है कि नंबरों को सर्विलांस पर रखा गया था. जिन लोगों के नंबर को सर्विलांस पर रखने की संभावना जताई जा रही है उनमे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना का नाम शामिल है.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि कोई भी जांच एजेंसी गृह सचिव की इजाजत के बगैर फोन सर्विलांस पर नहीं रख सकती. इससे पहले सीबीआई के संयुक्त निदेशक एमके सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दायर एक याचिका में सीबीआई के ने दावा किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ चल रही जांच में हस्तक्षेप किया.

सिन्हा ने अपनी याचिका में कहा है कि अस्थाना के घर पर सर्च करने से NSA डोभाल ने उन्हें रोका था. सिन्हा सीबीआई के उन अफसरों में शामिल थे जो सीबीआई के विशेष निदेशक अस्थाना के खिलाफ जांच कर रहे थे और बाद में उनका अन्य अफसरों के साथ तबादला कर दिया गया था.

याचिका में यह भी कहा गया है कि आर एंड एडब्ल्यू अधिकारी सामंत गोयल से जुड़े वार्तालाप पर निगरानी से छेड़छाड़ की गई थी. जिसमे उन्हें यह कहते हुए सुना गया था कि पीएमओ ने सीबीआई मामले का प्रबंधन किया था और उसी रात अस्थाना मामले की जांच करने वाली पूरी सीबीआई टीम हटा दी गई थी. सिन्हा ने यह भी दावा किया है कि सना सतीश बाबू, मोइन कुरेशी मामले में केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त के.वी. चौधरी से मिले थे और केंद्रीय कानून सचिव सुरेश चन्द्र ने 11 नवंबर को उनसे (साना) से संपर्क किया था.

ये भी पढ़ें : CBI विवाद: भड़के CJI- सीलबंद लिफाफे से कैसे लीक हो गया आलोक वर्मा का जवाब?

First published: 21 November 2018, 9:38 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी