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हरियाणा सरकार से पहलवान साक्षी मलिक का सवालः मैंने पूरा किया वादा, आप कब करोगे

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 March 2017, 14:54 IST

हरियाणा की पहलवान साक्षी मलिक ने बीते साल रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था. लेकिन देश को पदक जीतकर देने वाली इस महिला पहलवान के दिल में अभी भी एक टीस है कि सरकार ने उससे वादा-खिलाफी की.

साक्षी मलिक ने ओलंपिक पदक जीतने के बाद केंद्र और राज्य सरकार द्वारा इनाम देने का वादा पूरा न किए जाने पर दोनों की कड़ी आलोचना की है. गौरतलब है कि रियो ओलंपिक में बीते वर्ष 24 वर्षीय साक्षी मलिक ने 58 किलोग्राम भारवर्ग फ्रीस्टाइल में कांस्य पदक जीता था.

साक्षी की इस जीत के बाद हरियाणा सरकार द्वारा घोषणा की गई थी कि वे राज्य का नाम रोशन करने वाली इस पहलवान को 2.50 करोड़ रुपये का पुरस्कार समेत कुछ अन्य इनाम देंगे. हालांकि साक्षी मलिक का दावा है कि राज्य सरकार ने वादा तो कर दिया था, लेकिन अभी तक इसे पूरा नहीं किया है.

 

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने साक्षी को 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान का ब्रांड एंबैसडर बनाने की भी घोषणा की थी. इस सिलसिले में दुखी साक्षी मलिक ने शनिवार को एक ट्वीट कर कहा, "मेडल का मैनें तो अपना वादा पूरा किया, हरियाणा सरकार अपना वादा कब पूरा करेगी?"

इतना ही नहीं साक्षी ने एक अन्य ट्वीट कर पूछा, "क्या मेरे ओलंपिक पदक जीतने के बाद हरियाणा सरकार द्वारा की गई घोषणा केवल मीडिया के लिए ही थी?"

 

हालांकि साक्षी ने अपने सबसे आखिरी ट्वीट में इनामी राशि देने के वादे को पूरा करने पर तो आभार जताया लेकिन यह भी कहा कि अभी भी सरकार के सारे वादे पूरे नहीं हुए हैं.

गौरतलब है कि रियो ओलंपिक से पूर्व हरियाणा सरकार द्वारा घोषणा की गई थी कि वे राज्य के उन खिलाड़ियों को इनाम स्वरूप रुपये देगी जो ओलंपिक में पदक जीतकर आएंगे. सरकार ने स्वर्ण पदक विजेता को 6 करोड़, रजत पदक जीतने वाले को 4 करोड़ और कांस्य पदक विजेता को 2.5 करोड़ देने का वादा किया था.

 

कुछ वक्त पहले कई अन्य विजेताओं द्वारा भी पूरी इनामी राशि न मिलने के आरोप लगाए गए थे.

हालांकि खेल मंत्री अनिल विज के मुताबिक जिस दिन साक्षी मेडल जीतकर वापस हिंदुस्तान आईं थी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उसी दिन 2.50 करोड़ रुपये का चेक दे दिया था.

साक्षी ने विश्वविद्यालय में नौकरी की मांग की थी लेकिन वहां पर उसके योग्य पद खाली नहीं था. लेकिन नया पद बनाने के लिए हमनें सभी मंजूरियां देकर विश्वविद्यालय के अधिकारियों को लिख कर कह दिया था कि सर्विस रूल तैयार कर उसे नौकरी दे दी जाए.

First published: 5 March 2017, 14:57 IST
 
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