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रिया चक्रवर्ती की हैसियत नहीं है कि बिहार के मुख्यमंत्री के बारे में कोई प्रतिकूल टिप्पणी करें- DGP, बिहार

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 August 2020, 13:09 IST

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत डेथ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज सीबीआई जांच की अनुमति दे दी है. अदालत ने मुंबई पुलिस को कहा है कि वह जांच एजेंसी को मामले में अब तक एकत्र किए गए सभी सबूत सौंप दे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पटना में दर्ज एफआईआर कानूनन सही थी. फैसला न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया.  यह आदेश रिया चक्रवर्ती द्वारा दायर की गई एक याचिका पर थी, जिसमें पटना में दर्ज एफआईआर के बाद जांच मुंबई ट्रांसफर करने के लिए कहा गया था. शीर्ष अदालत ने 11 अगस्त को याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

चक्रवर्ती ने अपनी याचिका में कहा था कि बिहार पुलिस का इस मामले में कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है और सुशांत सिंह राजपूत की मौत का इस्तेमाल राज्य में चुनाव से पहले राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है. चक्रवर्ती के वकील ने शीर्ष अदालत से कहा था कि मुंबई पुलिस द्वारा की गई जांच काफी हद तक आगे बढ़ चुकी है, इसमें 56 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं. 


सुशांत सिंह राजपूत मौत के मामले पर SC द्वारा CBI जांच का आदेश देने पर बिहार DGP ने कहा ''मैं बहुत खुश हूं ये अन्याय के विरुद्ध न्याय की जीत है. सर्वोच्च न्यायालय ने जो फैसला दिया है उससे 130 करोड़ जनता के दिल में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के लिए जो आस्था थी वो और ज्यादा दृढ़ हुई है.''

इस मामले में मुखर रहे बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने कहा ''किसी भी राजनीतिक व्यक्ति के आरोप का जबाव देना मेरे लिए उचित नहीं है. माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने प्रमाणित कर दिया कि हम लोगों ने जो स्टैंड लिया वो सही था. कुछ लोगों को बेचैनी थी और छटपटाहट रही होगी कि कहीं उनकी पोल न खुल जाए.

ANI के अनुसार गुप्तेश्वर पांडे ने कहा "रिया चक्रवर्ती की हैसियत नहीं है कि बिहार के मुख्यमंत्री के बारे में कोई प्रतिकूल टिप्पणी करें. आज पूरे देश में उनको लोग शक की नजर से देख रहे हैं. नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री का कद, चरित्र बहुत ऊपर है.''

राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं 

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिवसेना नेता संजय राउत का भी बयान आया है. उन्होंने कहा ''महाराष्ट्र एक ऐसा राज्य है जहां हमेशा कानून की व्यवस्था सबसे ऊपर रही है, ये कानून का राज्य है यहां सत्य और न्याय की जीत हमेशा होती है. यहां की पुलिस, न्याय व्यवस्था, शासन हमेशा ये देखता आया है कि कितना भी बड़ा या छोटा व्यक्ति हो कानून से ऊपर कोई नहीं है.

 

ANI के अनुसार उन्होंने कहा ''कानूनी कार्रवाई के बारे सरकार में जो कानून के जानकार हैं या मुंबई पुलिस के कमिश्नर या एडवोकेट जनरल ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बात कर सकते हैं, मेरे लिए इस पर बात करना सही नहीं है.'' राहत ने कहा ''सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में अपना फैसला दिया है और पूरी जानकारी जब हमारे पास आएगी तो सरकार की तरफ से प्रवक्ता इस मामले में बात करेगा''.

सुशांत सिंह राजपूत मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बिहार के मंत्री संजय झा ने कहा ''इसका मतलब है कि बिहार में जो FIR दर्ज हुई थी वो सही थी. CBI को जांच देने की जो सिफारिश की गई थी वो सही थी और मुंबई पुलिस जैसे मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रही थी वो उजागर हुआ है.''

JDU प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा 'देश के जनमानस की आवाज पर SC ने मोहर लगाई है. मैं धन्यवाद देता हूं CM नीतीश कुमार को जिन्होंने सुशांत के पिता की गुहार सुन दस्तावेज केंद्र को भेजा. हम इस पर क्यों राजनीति करेंगे. महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस ने 2 महीने से कुछ नहीं किया सिर्फ टाल मटोल की.''

लोक जनशक्ति पार्टी सांसद चिराग पासवान ने कहा ''मैं उच्चतम न्यायालय का धन्यवाद करूंगा कि उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत मामले में CBI जांच के आदेश दिए. उम्मीद है कि अब इस मामले में सच्चाई सामने आएगी और वो नाम भी सामने आएंगे जिन्होंने इस मामले को भटकाने का प्रयास किया''.

राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा ''मैं मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश करने वाले सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करता हूं. यह न्याय के लिए जीत है. 30 जून को हमने सीबीआई जांच की मांग की थी. लेकिन, बिहार सरकार को जागने में 42 दिन लग गए.  

 सुशांत सिंह राजपूत केस: सुप्रीम कोर्ट ने दिया CBI जांच का आदेश, कहा- सही थी पटना में दर्ज FIR

First published: 19 August 2020, 12:59 IST
 
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