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खुद की बनाई जेल में चैन की नींद नहीं सो पाए लालू

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 December 2017, 13:06 IST

बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाले के मुख्य आरोपी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के मुखिया लालू प्रसाद यादव को शनिवार को सीबीआई के स्पेशल कोर्ट ने दोषी करार दिया है. कोर्ट के इस फैसले के बाद लालू यादव को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया. चारा घोटाला करने वाले लालू प्रसाद यादव को रांची के बिरसा मुंडा जेल में रखा गया है.

जेल में लालू को वीआईपी वार्ड में रखा गया है. कैदी नंबर 3351 के रूप में लालू वीआईपी वार्ड के अपर डिवीजन में रहेंगे. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो जेल में लालू की पहली रात बड़ी बेचैनी में गुजारी. रात को खाने में उनको रोटी और पालक की सब्जी मिली. रात में लालू ने किसी से भी बात नहीं की. जेल में लालू के आने के बाद जेल की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है.

3351 नंबर कैदी जेल में बदतलता रहा करवटें!

आरजेडी सुप्रीमो को जेल में वीआईपी सुविधाएं मिलीं हैं. जेल के जिस कमरे में लालू यादव को रखा गया है, उसमें एक अटैज टॉयलेट भी है. इसके अलावा कमरे में सोने के लिए एक चौकी, कंबल, तकिया, पहनने के लिए कुर्ता-पाजामा, गर्म कपड़े, मच्छरदानी और कूछ जरूरी दवाएं भी मुहैया कराई गई हैं. यहां तक कि मनोरंजन के लिए एक टीवी भी दिया गया है.

शनिवार को आए फैसले के बाद लालू को इस बार 11 दिन बिरसा मुंडा जेल में रहना होगा. बता दें कि ऐसा इसलिए है क्योंकि 24 दिसंबर से 2 जनवरी तक कोर्ट बंद रहेगा, ऐसे में 3 जनवरी 2018 को कोर्ट में लालू को सजा का एलान होगा. वहीं, बिरसा मुंडा जेल में लालू का पड़ोसियों में बीजेपी के झरिया एमएलए संजीव सिंह, पूर्व मंत्री राजा पीटर और पूर्व कांग्रेस विधायक सवाना लकड़ा का नाम शामिल है. ये सभी लालू यादव वाले वार्ड में ही बंद हैं.

दरअसल, 21 साल पुराने चारा घोटाला मामले में शनिवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू यादव समेत 15 आरोपियों को दोषी करार दिया है, जबकि बिहार के पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा समेत सात को क्लीन चिट दे दी है. माना जा रहा है कि लालू को इस केस में कम से कम 7 साल और ज्यादा से ज्यादा 10 साल की सजा का एलान 3 जनवरी को हो सकता है.

आपको बता दें कि बिरसा में इस जेल को लालू प्रसाद यादव ने ही बनवाया था. बदकिस्मती ये रही कि अब लालू इसी जेल के कैदी हैं. ऐसा पहली बार नहीं हैं इससे पहले भी लालू जेल की हवा खा चुके हैं. साथ ही बता दें रांची के बिरसा मुंडा जेल में चारा घोटाले के मामले में दोषी करार दिए गए अन्य नेता और कई पूर्व अधिकारी भी लालू के साथ जेल की आबोहवा से रुबरु होगें.

साल 1997 में पहली बार लालू यादव 135 दिन की न्यायिक हिरासत में रहने के बाद 12 दिसंबर 1997 को रिहा हुए थे. इसके करीब एक साल बाद 28 अक्टूबर 1998 को उन्हें चारा घोटाला केस के ही एक अन्य मामले में गिरफ्तार कर पटना की बेऊर जेल में बंद कर दिया गया. इस केस से जमानत मिली तो 5 अप्रैल सन 2000 को उन्हें आय से अधिक संपत्ति मामले में एक  बार फिर से 11 दिन जेल की रोटियां तोड़नी पड़ीं.

इसके बाद उसी साल 28 नवंबर को लालू ने चारा घोटाला मामले में 1 दिन और जेल में गुजारा. वहीं, साल 2013 में चारा घोटाले से ही जुड़े एक अन्य मामले में 37 करोड़ रुपये के गबन को लेकर लालू यादव को दोषी पाया गया और उन्हें सितंबर 2013 में 131 दिनों के लिये जेल जाना पड़ा. हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी.

First published: 24 December 2017, 13:03 IST
 
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