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आरके पचौरीः यौन उत्पीड़न के आरोप के बाद टेरी से निकाले जाने तक क्या हुआ

निहार गोखले | Updated on: 21 April 2016, 20:15 IST

द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट (टेरी) ने गुरुवार को पर्यावरण वैज्ञानिक आरके पचौरी से सभी तरह के संबंध खत्म करने की घोषणा की. पिछले साल फ़रवरी में पचौरी तब विवादों में घिर गए जब उनकी युवा महिला सहकर्मी ने उनपर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया.

76 वर्षीय पचौरी ने खुदपर लगे आरोपों से इनकार किया. लेकिन उसके बाद दो अन्य महिलाओं ने उनपर ऐसा ही आरोप लगाया. इनमें एक महिला विदेशी नागरिक है.

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पचौरी करीब तीन दशकों तक टेरी के डायरेक्टर जनरल रहे थे. यौन उत्पीड़न के आरोप लगने के बाद उन्हें पद छोड़ना पड़ा. बाद में उन्हें संस्था का एग्जिक्यूटिव वाइस चेयरमैन बना दिया गया. जिसपर संस्था की गवर्निंग काउंसिल की काफी आलोचना हुई.

टेरी के पूर्व प्रमुख आरके पचौरी पर तीन महिलाओं ने लगाया है यौन उत्पीड़न का आरोप

टेरी की आंतरिक जांच कमिटी ने पचौरी पर लगे आरोपों को सही पाया था. बाद में इंडस्ट्रियल ट्राइब्यूनल ने मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रखा.

मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल को दिल्ली के साकेत कोर्ट में होनी है. पचौरी ने फिलहाल दिल्ली हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत ले रखी है.

जानिए मामले में कब क्या हुआ-

13, फ़रवरी 2015


पुलिस ने पचौरी की सहयोगी द्वारा यौन उत्पीड़न का आरोप की एफआईआर दर्ज की.

19 फ़रवरी, 2015


दिल्ली हाई कोर्ट ने पचौरी को अग्रिम जमानत दी.

24 फ़रवरी, 2015

पचौरी ने संयुक्त राष्ट्र के इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज से इस्तीफा दिया. उन्होंने 2007 में इसी संस्था को नोबेल मिला था. संस्था के प्रमुख के तौर पर पचौरी ने पुरस्कार ग्रहण किया था.

28 फ़रवरी, 2015


पचौरी ने प्रधानमंत्री के काउंसिल ऑन क्लाइमेट चेंज से इस्तीफा दिया.

जून-जुलाई 2015

पुलिस ने पचौरी से पूचताछ की जिसके बाद पुलिस ने अदालत से कहा कि वो मामले में सहयोग नहीं कर रहे हैं.

17 जुलाई 2015


पचौरी को टेरी के परिसर में प्रवेश की इजाजत मिली. हालांकि उनके संस्था के मुख्यालय और गुड़गांव स्थित इकाई में प्रवेश पर पाबंदी जारी रही.

21 नवंबर 2015


शिकायत करने वाली लड़की के संस्थान छोड़ने के बाद पचौरी के संस्था में सभी दफ्तरों में जाने की इजाजत मिल गयी. शिकायतकर्ता ने नौकरी छोड़ते समय टेरी पर पचौरी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया था.

8 फ़रवरी, 2016


यौन उत्पीड़न के मामले में एफआईआर दर्ज होने के करीब साल भर बाद पचौरी को टेरी का एग्जिक्यूटिव वाइस चैयरमैन नियुक्त किया गया.

11 फरवरी 2016


टेरी यूनिवर्सिटी के छात्रों ने पचौरी के हाथों से डिग्री लेने से मना कर दिया. इसके बाद उन्होंने टेरी और टेरी यूनिवर्सिटी से अनिश्चितकालीन अवकाश ले लिया.

1 मार्च 2016


दिल्ली पुलिस ने पचौरी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया. पुलिस ने उनपर महिला के संग अभद्रता, आपराधिक धमकी, पीछा करना और यौन उत्पीड़न का आरोपी बनाया है.

31 मार्च, 2016


टेरी में पचौरी का कार्यकाल खत्म हुआ.

21 अप्रैल 2016


एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट (टेरी) की गवर्निंग काउंसिल ने पचौरी से अपने सारे संबंध खत्म करने का फैसला किया.

First published: 21 April 2016, 20:15 IST
 
निहार गोखले @nihargokhale

Nihar is a reporter with Catch, writing about the environment, water, and other public policy matters. He wrote about stock markets for a business daily before pursuing an interdisciplinary Master's degree in environmental and ecological economics. He likes listening to classical, folk and jazz music and dreams of learning to play the saxophone.

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