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रोहित के दलित दर्जे के लिए लड़ेगा उनका परिवार

ए साए सेखर | Updated on: 7 February 2017, 8:20 IST
QUICK PILL
  • रुपनवाल आयोग की रिपोर्ट यह बताती है कि रोहित वेमुला दलित नहीं था. आयोग अपनी रिपोर्ट यूजीसी को सौंप चुका है. अगर सरकार इस रिपोर्ट को स्वीकार कर लेती है तो जाहिर तौर पर यह केस प्रभावित होगा. मौजूदा मामले में बंडारु दत्तत्रेय एवं विश्वविद्यालय के खिलाफ एससी-एसटी कानून के तहत मामला दर्ज है. 
  • वेमुला का परिवार जस्टिस एके रुपनवाल आयोग की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है. केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने जस्टिस एके रुपनवाल की अध्यक्षता में रोहित वेमुला की मौत के कारणों की जांच के लिए इस आयोग का गठन किया था.

रुपनवाल आयोग की रिपोर्ट यह बताती है कि रोहित वेमुला दलित नहीं था. आयोग अपनी रिपोर्ट यूजीसी को सौंप चुका है. अगर सरकार इस रिपोर्ट को स्वीकार कर लेती है तो जाहिर तौर पर यह केस प्रभावित होगा. मौजूदा मामले में बंडारु दत्तात्रेय एवं विश्वविद्यालय के खिलाफ एससी एसटी कानून के तहत मामला दर्ज है. 

वेमुला का परिवार जस्टिस ए के रुपनवाल आयोग की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है. केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने जस्टिस ए के रुपनवाल की अध्यक्षता में रोहित वेमुला की मौत के कारणों की जांच के लिए इस आयोग का गठन किया था.

वेमुला का परिवार जस्टिस एके रुपनवाल आयोग की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है. केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने जस्टिस ए के रुपनवाल की अध्यक्षता में रोहित वेमुला की मौत के कारणों की जांच के लिए इस आयोग का गठन किया था.

पूरे मामले में सबसे बडा विवाद रोहित की जाति को लेकर था. 17 जनवरी 2016 को हैदराबाद विश्वविद्यालय में रोहित वेमुला की खुदकुशी के बाद उनकी जाति को लेकर विवाद हो गया था. वेमुला के पिता ने तब मीडिया के सामने आकर कहा कि वह पिछड़ी जाति में वडेरा समुदाय से ताल्लुक रखते है. जबकि उनकी मां का कहना है कि वह एवं उनके बच्चे अनुसूचित जाति से संबंधित हैं. राधिका वेमुला का कहना रहा है कि वह माला जाति की हैं.

रुपनवाल आयोग की रिपोर्ट यह बताती है कि रोहित वेमुला दलित नहीं था, अब सरकार की राय का इंतजार है

रुपनवाल आयोग की रिपोर्ट यह बताती है कि रोहित वेमुला दलित नहीं था. आयोग अपनी रिपोर्ट यूजीसी को सौंप चुका है. अगर सरकार इस रिपोर्ट को स्वीकार कर लेती है तो जाहिर तौर पर यह केस प्रभावित होगा. मौजूदा मामले में बंडारु दत्तात्रेय एवं विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ एससी एसटी कानून के तहत मामला दर्ज है. 

हालांकि रोहित के भाई चैतन्य कुमार वेमुला ने कैच को बताया कि वह दलित समुदाय से आते हैं. उन्होंने कहा,'हमने अभी तक न्यायिक आयोग की रिपोर्ट नहीं देखी है. एक बार इसे देखने के बाद ही हम इस बारे में कुछ कह पाएंगे.'

तत्कालीन शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा था कि यह दलित आैर गैर दलित के बीच का मुद्दा नहीं है. रोहित वेमुला की मां आैर अन्य संगठनों ने उनके इस बयान का विरोध किया था. 

रोहित वेमुला की मौत को लेकर पूरे देश भर में विरोध प्रदर्शन हुआ था. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक रुपनवाल समिति ने अगस्त महीने के पहले सप्ताह में अपनी यूजीसी को अपनी रिपोर्ट सौंपी है.

हालांकि राज चैैतन्य ने कहा कि अभी जिस मुदृदे पर चर्चा हो रही है, वह महज एक न्यूज रिपोर्ट है. सरकार ने इस आयोग का गठन किया था. अगर यह खबर सही है कि रोहित वेमुला दलित नहीं था तो कोई भी समझ सकता है कि सरकार ने जिस मकसद की खातिर इस आयोग का गठन किया था वह पूरा हो चुका है. चैतन्य ने कहा, 'हम आयोग की रिपोर्ट का सावधानी पूर्वक अध्ययन करने के बाद ही कुछ कहेंगे.'

केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज आैर थावरचंद गहलोत ने रोहित वेमुला की जाति को लेकर कई सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था कि वेमुला की जाति को लेकर जातीय संघर्ष की जमीन तैयार की जा रही है.

केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज आैर थावरचंद गहलोत ने रोहित वेमुला की जाति को लेकर कई सवाल उठाए थे

चैतन्य कुमार का कहना है कि हमारा परिवार दलित की तरह रहता आया है आैर राधिका भी दलित हैं. गुंटूर जिला के कलेक्टर ने भी इस मामले में जांच कर रिपोर्ट सौंपी थी. रिपोर्ट में बताया गया था कि रोहित वेमुला दलित ही था.

गुंटूर जिला कलेक्टर ने अपनी रिपोर्ट 15 जून 2016 को सौंपी थी. उन्होंने बताया कि तहसीलदार के पास जमा दस्तावेज बताते हैं कि रोहित चक्रवर्ती वेमुला माला जाति से आते हैं जो आंध्र प्रदेश में अनुसूचित जाति के तहत सूचीबद्घ है. उन्होंने कहा था कि रोहित वेमुला का परिवार भी गरीबी रेखा से नीचे आता है. जिला कलेेक्टर ने अपनी रिपोर्ट में इससे संबंधित दस्तावेज भी लगाए थे. चैतन्य ने कहा कि नेशनल कमीशन फॅार शेडयूल्ड कास्ट ने भी इसकी पुष्टि की थी.

हालांकि उन्होंने कहा कि रोहित वेमुला के लिए आंदोलन कर रहे लोगों की मांग हैदराबाद विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर अप्पा राव के अलावा अन्य जिम्मेदार लोगों को अरेस्ट किए जाने के साथ रोहित एक्ट नाम से कानून बनाए जाने की है ताकि उच्च शिक्षा संस्थानों में पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल तैयार की जा सके.

हैदराबाद विश्वविद्यालय के एक अन्य छात्र नेता ने सुकन्ना वेपुला नेे कैच को बताया, 'अपनी मांग को लेकर हम हैदाराबाद में 29 अगस्त को महाधरना का आयोजन करने जा रहे है. दलित कार्यकर्ता आनंद तेलतुंबडे, प्रकाश आंबेडकर आैर तीस्ता शीतलवाड भी इस महाधरना में शामिल होंगे.'

सुकन्ना ने कहा कि सरकार ने जिस आयोग का गठन किया था कि उसने जाहिर तौर पर सरकार को खुश करने का काम किया है. हालांकि इसके बावजूद हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे. हैदराबाद विश्वविद्यालय के अन्य छात्र नेता वेंकटेश चौहान ने बताया सरकार की गलत मंशा से अब पर्दा उठ गया है. उन्होंने कहा, 'हालांकि छात्र अपनी लड़ाई जारी रखेंगे. हम इससे निपटने के लिए कानूनी रास्ता अख्तियार करेंगे.'

एनसीएसएसी के चेयरमैन पी एल पुनिया के हवाले से इंडियन एक्सप्रेस ने जिला कलेक्टर की रिपोर्ट को वैैधता प्रदान की है. उन्होंने सरकार की मौजूदा रिपोर्ट को दलितों के खिलाफ साजिश करार दिया. उन्होंने कहा कि सरकार अपने मंत्रियोंं को बचाने की कोशिश कर रही है.

राधिका वेमुला फिलहाल आंदोलन की अगुआ हैं. हाल ही में उन्होंने गुजरात के उना में दलितों की रैली को भी संबोधित किया. राधिका ने कहा कि यह वक्त देश भर के दलितों के एकजुट होने का है. उन्होंने कहा कि अब दलितों को एकजुट होकरर सत्ताधारी वर्ग सेे लड़ना होगा.

क्या रोहित वेमुला का परिवार इस लड़ाई कोर्ट में ले जाएगा, के बारे में पूछे जाने पर चैतन्य कुमार ने कहा कि न्याायिक आयोग की सिफारिशाें का अध्ययन करने के बाद हम इस मामले में जरूरी कदम उठाएंगे. हमें यह याद रखने की जरूरत है कि अदालत की कुछ पीठों ने हाल ही में यह कहा है कि केवल पिता की जाति के आधार पर आधार ही किसी व्यक्ति की जाति तय नहीं की जा सकती. किसी व्यक्ति की जाति तय किए जाने के मामले में उसकी मां की जाति आैर उसकी परिवरिश को भी ध्यान में रखा जाएगा.

First published: 25 August 2016, 10:21 IST
 
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