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रोहतक: जहां हर दलित महिला बलात्कार की चीज है

श्रिया मोहन | Updated on: 22 July 2016, 10:55 IST
QUICK PILL
  • हरियाणा के रोहतक में एक ही लड़की के साथ दो बार सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया है. दोनो बार बलात्कारी वही एक ही समूह था.
  • आंकड़े बताते हैं कि हरियाणा में दलित बच्चों और महिलाओं के साथ बलात्कार की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है.
  • सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2001 से 2011 के बीच देश में बलात्कार की घटनाओं में 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इसी अवधि में हरियाणा में बलात्कार के मामलों में करीब 85 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.

हरियाणा के रोहतक पीजीआईएमएस मेडिलक कॉलेज का वेटिंग रूम पत्रकारों से भरा हुआ है. वार्ड में रोहतक के प्रतिष्ठित कॉलेज में बीएससी की पढ़ाई कर रही 20 साल की लड़की भर्ती है, जिसके साथ 13 जून को  दोपहर बाद करीब 2 बजे सामूहिक बलात्कार हुआ.

इसके बाद सड़क से गुजर रहे लोगों ने लड़की को देखा और फिर पुलिस को खबर दी. फिर शाम के करीब 6 बजे लड़की के अभिभावकों को बुलाया गया. लड़की के साथ न केवल बलात्कार किया गया बल्कि उसका गला घोंटा गया और बुरी तरह पीटा गया. लड़की के भाई ने बताया, 'उन्होंने बस उसे मारा नहीं.' 

लड़की की मां ने बताया कि होश में आने के बाद पहली बात उसने यही कहा, 'वहीं पांच.' यही वजह है कि रोहतक बलात्कार कांड लोगों को अंदर से डरा रहा है.

2013 का साल

पीड़ित लड़की के साथ 2013 में भी बलात्कार हुआ था. उस वक्त वह महज 17 साल की थी और उसके साथ पांच लोगों ने सामूहिक बलात्कार किया था. पीड़ित लड़की उस वक्त 11वीं कक्षा में पढ़ती थी.

लड़की की मां उन पांचों लड़कों का नाम बताती है. अमित, जगमोहन, संदीप, अकाश और मौसम.

अमित भिवानी में पीड़ित लड़की का पड़ोसी था और बाकी के चार उसके लिए अनजान चेहरे थे. साथ में वह उसके स्कूल के बाहर दिखे थे जब उन्होंने लड़की को कार में खींचा था. इनमें से केवल दो को गिरफ्तार किया गया और जल्द ही उन्हें जमानत मिल गई. बाकी के आरोपी कोर्ट में पेश भी नहीं हुए.

इस घटना के बाद लड़की का परिवार डर से रोहतक चला गया. लड़की की मां सिलाई करती है और उनके पिता मजदूर है. चमार समुदाय से ताल्लुक रखने के बावजूद पीड़ित लड़की अपने स्कूल की टॉपर रही. पिछले साल वह बीएससी में दाखिल हुई.

बुधवार को वह बीएससी सेकंड ईयर में दाखिला लेने के लिए कॉलेज गई थी जब उसके साथ यह हादसा हुआ. उन्हीं पांचों लोगों ने उसके साथ फिर से सामूहिक बलात्कार किया. अमित, जगमोहन और संदीप को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें पुलिस हिरासत में रखा गया है. बाकी बचे दो लोगों की पहचान भी कर ली गई है. डीजीपी मुहम्मद अकील ने मीडिया को बताया, 'पांचवे आरोपी को अभी पहचाना जाना है. हम उन्हें जल्द ही गिरफ्तार करेंगे.'

अकील ने कहा, 'हमनेे अभी एसआईटी बनाया है जिसमें 2 डीएसपी शामिल हैं और साथ ही 4 जांच अधिकारियों को शामिल किया गया है.'

पीजीआईएमएस में काम करने वाला लगभग हर व्यक्ति एक या दो बलात्कार के शिकार लोगों को जानने की बात कर रहा था. क्या आप नीचे के वार्ड में भर्ती तीन साल की बच्ची से मिली हैं? 

'एक लड़की कल आई थी. बलात्कार पीड़ित एक महिला कल आई थी लेकिन  उसकी मौत हो गई.' एक महिला सुरक्षा कर्मचारी ने कैच को अपना नाम नहीं छापे जाने की शर्त पर बताया, 'कई बार एक दिन में दो-तीन बलात्कार पीड़ित अस्पताल में आते हैं.'

एक और पीड़ित लड़की के पिता वार्ड नंबर 15 के बाहर बैठे हुए हैं. लड़की की उम्र पांच साल है. 11 जून को जब लड़की की मां उसे स्कूल लेने गई तो वह उन्हें वहां नहीं मिली. स्कूल के कर्मचारियों और उसकी मां ने लड़की को खोजने की कोशिश की. लड़की बाद में उन्हें मिली और उसके अंगों से खून बह रहा था. लड़की के परिवार वाले उसे लेकर पीजीआईएमएस में आए और फिर एफआईआर दर्ज किया  गया. लड़की के साथ हुई विभीषिका का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसकी तत्काल सर्जरी करनी पड़ी.

18 जुलाई को 18 साल के लड़के जुगनू को सोनीपत से गिरफ्तार किया गया और उसने बलात्कार का गुनाह कबूल लिया. लड़की के पिता बताते हैं, 'न्याय तत्काल मिलना चाहिए. अगर सुनवाई 10 साल चलती है तो इसका कोई मतलब नहीं है.'

बेरोजगारी, पितृसतात्मकता और बलात्कार में बढ़ोतरी

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2001 से 2011 के बीच देश में बलात्कार की घटनाओं में 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इसी अवधि में हरियाणा में बलात्कार के मामलों में करीब 85 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.

ऑल इंडिया डेमोक्रेेटिक वूमंस एसोसिएशन की तरफ से दायर आरटीआई के जरिए मिले जवाब के मुताबिक अकेले रोहतक जिले में पिछले चार साल में बलात्कार की 125 घटनाएं हुई हैं. उनके पास मौजूदा समाचार पत्रों की प्रति के मुताबिक अकेले इस महीने के 15 दिनों में बच्चों और महिलाओं के साथ बलात्कार के 26 मामले सामने आए हैं.

ऑल इंडिया डेमोक्रेेटिक वूमंस एसोसिएशन की महासचिव राजकुमारी दहिया बताती है कि राज्य में बढ़ती बेरोजगारी की वजह से युवा अपनी ऊर्जा गलत कामों में लगा रहे हैं. 2004 से 2014 के बीच रोहतक में 1,49,160 लोगों ने एंप्लॉयमेंट एक्सचेंज के तहत अपना पंजीकरण कराया और इनमें से केवल 733 लोगों को नौकरी मिली.

18 साल का जुगनू 9वीं कक्षा में पढ़ रहा था. वह बार-बार फेल हुआ लेकिन फिर भी स्कूल में बना रहा. दूसरी लड़की के साथ बलात्कार करने वाला गाड़ी चलाता था और साथ में प्रॉपर्टी डीलिंग का भी काम करता था.

जाति से मिलता है न्याय

हरियाणा में एक और स्थिति ज्यादा चिंताजनक है. दलित महिलाओं और बच्चों के साथ पहले कभी इतनी बड़ी संख्या में बलात्कार के मामले सामने नहीं आए. 4 जून को दलित नौकरानी नीतू के साथ बलात्कार कर उसे मार डाला गया. नीतू छह बच्चों की मां थी. यह घटना रोहतक के सेक्टर 3 की है. जब उसकी बॉडी मिली तब वह पूरी तरह से कंकाल में तब्दील हो चुकी थी. अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है.

एडवा की महासचिव सावित्री बताती हैं, 'अधिकांश पीड़ित दलित थे और आरोपी ऊंची जाति के.'

मौजूदा बलात्कार मामले के आरोपी अमित और जगमोहन को गिरफ्तार किया गया लेकिन उन्हें आसानी से जमानत मिल गई. जबकि बाकी के तीन आरोपी खुला घूमते रहे. लड़की के साथ बलात्कार करने वाले पांचों आरोपी में एक को छोड़कर सभी ऊंची जाति के थे. उनकी जातीय हैसियत की वजह से उन्हें आसान जमानत मिल गई.

जूगनू जाति से चमार है. उसकेे पास इस तरह के विशेेषाधिकार नहीं है. इसलिए उसे तुरंत गिरफ्तार किया गया और वह अभी भी हिरासत में है.

लड़की के भाई ने कहा, 'हमने फैसला किया है कि हम अपनी बहन को और नहीं पढ़ाएंगे. उसके बड़े सपने थे. वह आईएएस या आईपीएस बनना चाहती थी ताकि महिलाओं के लिए लड़ सके. लेकिन यह बेहद खतरनाक है. उसके लिए कौन खड़ा होगा?'

उन्होंंने कहा, 'हम न्याय चाहते हैं. उन्हें फांसी दी जानी चाहिए. हम हरियाणा में सुरक्षित नहीं महसूस कर रहे हैं. हम किसी और जगह जाने की कोशिश करेंगे.'

First published: 22 July 2016, 10:55 IST
 
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