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RSS के आए 'बुरे दिन', तेजी से घट रही हैं संघ की शाखाएं

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 September 2018, 12:44 IST

RSS यानि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और इसके सरसंघचालक मोहन भागवत के लिए बुरी खबर है. साल 2014 में देश में मोदी सरकार बनने के बाद तेजी से आरएसएस की शाखाएंं बढ़ी थीं लेकिन अब इसमें तेजी से गिरावट आ रही है. इसमें गिरावट पिछले साल यानि साल 2017 से देखने को मिल रही है.

बता दें कि मोदी सरकार बनने के साल 2014 में जहां आरएसएस की 2001 शाखाओं का विस्तार हुआ था, वहीं उसके अगले साल यानि 2015 में यह आंकड़ा बढ़कर 6350 पर पहुंच गया था. लेकिन इसके ठीक दो साल बाद यानि 2017 में आरएसएस की शाखाओं का विस्तार घटकर 664 पर आ गया. 

 

बता दें कि मोदी सरकार के कार्यकाल में औसतन 350 लोग प्रतिदिन संघ की ऑनलाइन सदस्यता ले रहे हैं. लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि जब पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आरएसएस के इवेंट में गए थे उसके बाद तीन से चार दिन तक आरएसएस की सदस्यता लेने वालों मेें बेतहाशा वृद्धि आई थी.

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प्रणब मुखर्जी इसी साल 7 जून को नागपुर में आरएसएस के कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे.इसके बाद संघ में शामिल होने के लिए आवेदनों की बाढ़ आ गई थी. आरएसएस ने कहा था कि संघ की सदस्यता को लेकर आवेदन में पांच गुना तक बढ़ोतरी हुई है. चौकाने वाली बात थी कि सबसे ज्यादा आवेदन पश्चिम बंगाल से आए थे. आरएसएस ने इसके लिए प्रणब मुखर्जी को धन्यवाद पत्र भेजा था.

 

लेकिन अब जो आंकड़े आ रहे हैं वो आरएसएस के लिए अच्छे नहीं हैं. खबर के अनुसार, साल 2009 में जब आरएसएस की कमान सरसंघचालक मोहन भागवत के हाथ में दी गई तो उस समय देश में कुल शाखाओं की संख्या 43905 थी. इसके बाद अगले साल 2010 में यह संख्या घटकर 39823 हो गई.

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तब सरसंघचालक मोहन भागवत ने इसकी संख्या को बढ़ाने की कोशिश शुरू की और इसका नतीजा देखने को मिलना चालू हुआ. इसके बाद साल 2011 में इसकी संख्या 85 बढ़कर 39908 हो गई. वहीं साल 2012 में 983 शाखाएं बढ़ीं और संख्या 40 हजार के पार चली गई. फिर साल 2013 में शाखा की संख्या 2000 बढ़ी और 42981 तक पहुंच गई.

साल 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद भी इसी औसत में शाखाओं की संख्या बढ़ी और 2001 की वृद्धि के साथ यह 44982 पहुंची. हालांकि अगले साल ही संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई और साल 2016 में 6350 की बढ़ोत्तरी के साथ यह संख्या 51 हजार के आंकड़े को पार करते हुए 51332 पहुंच गई. 

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फिर साल 2016 में इसमें थोड़ी बहुत गिरावट देखने को मिली और 5237 की बढ़ोत्तरी के साथ देश में संघ के कुल शाखाओं की संख्या 56569 तक पहुंची. लेकिन फिर आया गिरावट का दौर और इसके अगले साल 2017 में शाखाओं के विस्तार में काफी कमी आ गई. इस साल इसकी संख्या मात्र 664 बढ़ी और कुल संख्या 57233 तक पहुंची. हालांकि इस साल यानि 2018 में पिछले साल के मुकाबले संघ की शाखा में थोड़ा विस्तार हुआ है. अब तक इस साल शाखा में 1734 की वृद्धि हुई है इसके साथ यह आंकड़ा 58967 तक पहुंच गया है.

First published: 9 September 2018, 12:36 IST
 
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