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जब तक समाज में भेदभाव रहेगा, तब तक आरक्षण रहेगा: मोहन भागवत

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 December 2015, 14:43 IST

बिहार चुनाव के दौरान आरक्षण पर दिए अपने बयान से यूटर्न लेते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को आरक्षण जारी रखने की वकालत की. उन्होंने कहा कि देश में जब तक सामाजिक भेदभाव कायम रहेगा तब तक आरक्षण की जरूरत रहेगी. 

भागवत के हवाले से आरएसएस द्वारा किए गए एक ट्वीट की पंक्ति है, "समाज में जब तक सामाजिक भेदभाव है, तब तक आरक्षण की जरूरत है." जबकि एक अन्य ट्वीट में आरएसएस ने कहा, "हमें समाज में जाति के आधार पर होने वाले भेदभाव को खत्म करने की खातिर मिलकर काम करने की जरूरत है."

जब तक समाज में भेदभाव रहेगा, तब तक आरक्षण को खत्म करना संभव नहीं है

हालांकि अपने बयान के दौरान भागवत ने मजाकिया लहजे में कहा कि मैंने जैसे ही आरक्षण का नाम लिया पत्रकारों के कान खड़े हो गए. 

नागपुर में बुधवार शाम को 'सामाजिक आत्मसात' पर एक व्याख्यान में भागवत ने कहा कि "आरक्षण को समाप्त करने का कोई सवाल ही नहीं उठता, इस पर संघ की दृढ़ राय है." 

आरएसएस प्रमुख बोले कि "समाज में विविधता का सम्मान करने पर ही यह संभव होगा, लेकिन यह हिंदू धर्म की भावना के पीछे के मूल्यों और दर्शन का पालन करते हुए ही किया जाना चाहिए." 

'सामाजिक सद्भाव और अखंडता' की अवधारणा को विस्तार से बताते हुए भागवत ने कहा कि "कोई धर्म, संप्रदाय, वर्ग, समाज सुधारक या संत मनुष्य के बीच भेदभाव का समर्थन नहीं करता." भागवत ने हालांकि, भेदभाव समाप्त करने और अनावश्यक परंपराओं को अस्वीकार करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि परंपरा के नाम पर, इस भेदभाव को आगे जारी रखने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.

समाज में विविधता का सम्मान करने पर ही देश का उत्थान संभव होगा

भागवत ने सामाजिक भेदभाव और समानता पर डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों के बारे में बात की और इनका गहराई में यह अध्ययन करने और उनकी शिक्षाओं को समझने की अपील की. 

गौरतलब है कि बिहार चुनाव के दौरान एक साक्षात्कार में भागवत ने मौजूदा आरक्षण नीति की समीक्षा की जरूरत बताई थी. इसके बाद भागवत को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. बिहार चुनाव के दौरान नीतीश कुमार, लालू यादव और कांग्रेस के महागठबंधन ने उनके इस बयान को लेकर बखेड़ा खड़ा कर दिया था. इसका उन्हें खूब फायदा भी हुआ.

भाजपा ने और बाद में संघ ने इस पर सफाई देने की कोशिश की लेकिन तब स्थिति हाथ से निकल चुकी थी. बाद में कुछ भाजपा नेताओं ने परिणामों के लिए भागवत के बयान को जिम्मेदार ठहराया.

First published: 17 December 2015, 14:43 IST
 
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