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मोदी सरकार को गोविंदाचार्य ने भेजा लीगल नोटिस, मौतों के लिए मांगा मुआवजा

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 November 2016, 16:23 IST
(आम आदमी पार्टी, फ़ेसबुक पेज)

नोटबंदी के फ़ैसले पर संघ विचारक गोविंदाचार्य ने मोदी सरकार को लीगल नोटिस भेजा है. उन्होंने कहा है कि इस फ़ैसले की आपाधापी में 40 लोगों की मौत की ख़बर है. मोदी सरकार तीन दिनों के भीतर पीड़ितों को मुआवज़ा दे. गोविंदाचार्य ने यह आरोप भी लगाया है कि 8 नवंबर की रात जारी नोटिफिकेशन में रिज़र्व बैंक के सेंट्रल बोर्ड की अनुशंसा ज़रूरी है जिसका पालन नहीं हुआ है. लिहाज़ा, आरबीआई के अनुमोदन के बाद नया कानून बनाया जाए.

गोविंदाचार्य ने इस नोटिस की जानकारी अपने फेसबुक हैंडल के ज़रिए दी है. उन्होंने लिखा है, 'सरकार द्वारा बड़े नोटों की बंदी का हड़बड़ी में लिया गये फैसले से पूरी अर्थव्यवस्था ठप्प सी हो गई है. इस आपाधापी में अभी तक 40 लोगों की मौत की खबर है, क्या उनके लिए सरकार की जवाबदेही नहीं? क्या सरकार द्वारा नोटबंदी के फैसले से आहत, मृत या पीड़ित लोगों को मुआवजा नहीं मिलना चाहिए?' 

8 नवंबर की रात अचानक हुए इस फ़ैसले की वैधता पर भी सवाल खड़ा करते हुए उन्होंने कहा है, 'सरकार द्वारा बड़े नोटों की बंदी के फैसले के बाद विभिन्न वर्गों को छूट देने का फैसले के लिए कानून में प्रावधान ही नहीं है. सरकार द्वारा नोटों के उपयोग की छूट के लिए आरबीआई एक्ट 1934 की धारा 26(2) के तहत 8 नवंबर को जो नोटिफिकेशन जारी की गई उसके लिए रिजर्व बैंक के सेंट्रल बोर्ड की अनुशंसा जरूरी है जिसका पालन ही नहीं हुआ. 

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यह नोटिस उन्होंने अपने वकील विराग गुप्ता के माध्यम से भिजवाया है. उन्होंने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए लिखा है, 'इतने बड़े फैसले में सरकार की विफलताओं से पूरा देश त्रस्त है जिस बारे में मैंने श्री विराग गुप्ता जी के माध्यम से लीगल नोटिस भेज कर तीन दिनों के भीतर पीड़ितों को मुआवजे तथा आरबीआई के अनुमोदन के बाद नए कानून की मांग की है. सरकार द्वारा देशहित में किए गए विमुद्रीकरण समेत हर अच्छे काम में हमारा सहयोग है पर गवर्नेंस में विफल होने पर सरकार को सजग करना बड़ी जिम्मेदारी भी है.'

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8 नवंबर की रात नोटबंदी की अचानक घोषणा के बाद से आम जनता काफी मुश्किलें आ रही हैं. विपक्ष समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री मोदी सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं. गुरुवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने मिलकर दिल्ली में तीखा विरोध किया. 

दिल्ली के आजादपुर में दोनों नेताओं ने जनता को संबोधित किया. इस दौरान पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि आज लोगों को भारी दिक्कत हो रही है. गरीब और मजदूर पैसे बदलवाने के लिए लाइन में लगे हैं.

ममता बनर्जी ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि मोदी सरकार का यह फैसला देश के गरीबों और अवाम के खिलाफ है. ममता ने कहा कि अगर तीन दिन के अंदर मोदी सरकार ने नोटबंदी का फैसला वापस नहीं लिया तो हम अपने विरोध प्रदर्शन को तेज करेंगे. वहीं केजरीवाल ने पीएम नरेंद्र मोदी पर ही बड़े कॉरपोरेट समूहों से रिश्वत लेने का आरोप लगाया है.  

First published: 17 November 2016, 16:23 IST
 
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