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अब संघ के स्वंयसेवक खाकी हाफ पैंट के बजाए भूरे फुल पैंट में नजर आएंगे

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 March 2016, 15:19 IST

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) के स्वंयसेवक अब खाकी हाफ पैंट के बजाए भूरी फुल पैंट पहनेंगे. यह निर्णय राजस्थान के नागौर में आरएसएस की अखिल भारतीय संघ प्रतिनिधि सभा में लिया गया है.

संघ के ड्रेसकोड में हुए इस बदलाव की जानकारी देते हुए सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने बताया कि 'हमारा संगठन वक़्त के साथ बदलता रहता है, हम कोई जड़तावादी संस्था नहीं हैं. हमारी पहचान केवल खाकी हाफ पैंट से ही नहीं है, बल्कि अन्य कई चीजें भी हैं, जो हमारी पहचान में शामिल हैं. जब हम नए रंग का उपयोग करना शुरू कर देंगे, तो लोगों को धीरे-धीरे इसकी भी आदत हो जाएगी'.

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इस बदलाव से पूर्व संघ के स्वंयसेवक खाकी पैंट के साथ काली टोपी, सफेद शर्ट, भूरे मोजे और बांस का डंडा लिए रहते हैं, जिन्हें आरएसएस का 'गणवेश' कहा जाता है.

संघ के ड्रेसकोड में बदलाव की कुछ वरिष्ठ स्वंयसेवक द्वारा विरोध भी किया गया. सदस्यों ने संघ के इस फैसले से असहमति जताते हुए शनिवार की बैठक में हाफ पैंट के बदलने के निर्णय पर पुनर्विचार करने की बात भी कही थी.

संघ के एक दिग्गज कार्यकर्ता का मानना था कि संघ के लिए खाकी रंग एक प्रतीक है, जिसे नहीं बदला जाना चाहिए. खाकी संघ का राजनीतिक प्रतीक है. लेकिन संघ के वरिष्ठ अधिकारियों ने सारे विरोध को दरकिनार करते हुए खाकी हाफ पैंट की जगह भूरी फुल पैंट को हरी झंडी दे दी.  

इस मौके पर भैया जी जोशी ने जेएनयू विवाद पर मोदी सरकार का बचाव करते हुए कहा की 'देशविरोधी नारे देश के किसी भी हिस्से में लगेंगे तो उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई तो करनी पड़ेगी. चाहे देश की कोई भी सरकार हो इस तरह से देश के टुकड़े करने वालों को कोई भी बर्दाश्त नहीं कर सकता'.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद की आरएसएस की तुलना आईएस से करने वाले बयान पर जोशी ने कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि 'ग़ुलाम नबी आज़ाद ने हमारे बारे में जो भी कहा उससे उनकी अज्ञानता झलकती है'.

First published: 13 March 2016, 15:19 IST
 
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