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RSS की बड़े शहरों के लिए नई रणनीति, अब अपार्टमेंट में लगेगी शाखा

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 April 2018, 12:07 IST

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अब महानगरों में अपना प्रभाव बढ़ाने और विस्तार के लिए नई रणनीति अपनाई है. इसके तहत आरएसएस अलग-अलग शहरों में रिहायशी सोसाइटी को प्रचार का केंद्र बनाएगा. डोर-टू डोर प्रचार की इस योजना को बढ़ाने के लिए बाकायदा 'अपार्टमेंट्स प्रमुख' नियुक्त किए जाएंगे, जो लोगों तक संघ का संदेश पहुंचाएगा. ये प्रमुख घर-घर जाकर अपनी सोसाइटी या अपार्टमेंट में लोगों तक संघ के विचारों को पहुंचाएंगे और उन्हें अपने साथ जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगे.

संघ के विचारकों का मानना है कि जिस तरह से देश के शहरों में हाईराइज बिल्डिंग्स का कल्चर बढ़ रहा है. ऐसे में आरएसएस का प्रभाव बढ़ाने के लिए इन हाईराइज बिल्डिंग्स में शाखाएं आयोजित कराना संघ की योजनाओं का हिस्सा है.

 

योजना है कि बड़े शहरों जैसे दिल्ली, नोएडा, मेरठ, बेंगलुरु, लखनऊ, आगरा और गुरुग्राम आदि में अपार्टमेंट प्रमुख नियुक्त किए जाएं. इससे हर अपार्टमेंट में शाखा का आयोजन हो सकेगा. इंडियन एक्सप्रेस की मानें तो अकेले दिल्ली के 50 सोसाइटीज में अपार्टमेंट प्रमुख की नियुक्ति किए जाने पर विचार हो रहा है. अभी तक आरएसएस का प्रभाव कॉलोनियों, कस्बों और गांवों तक ही सीमित है.

 

संघ की योजना में दिल्ली के साकेत और रोहिणी जैसे इलाके प्रमुख हैं. योजना है कि अपार्टमेंट प्रमुख के अलावा एक गता-नायक या कहें कि आरएसएस के जमीनी कार्यकर्ता की भी नियुक्ति होगी, जो कि शाखा आयोजित करने के लिए समान मानसिकता के लोगों को इकट्ठा करेगा और उनके साथ बैठक करेगा. उसकी जिम्मेदारी शाखा आयोजित कराने के साथ ही अपार्टमेंट के लोगों के साथ हफ्ते या महीने में एक बैठक कर उन्हें आरएसएस की विचारधारा से जोड़ने की भी होगी.

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बता दें कि साल 2011 की जनगणना के अनुसार देश में 7,935 शहर हैं, इसकी तुलना में साल 2001 में यह संख्या 5,161 थी. शहरी जनसंख्या भी इस दौरान 3.35 प्रतिशत यानि कि करीब 377 मिलियन बढ़कर कुल जनसंख्या का 31.16 प्रतिशत हो गई है. दिल्ली देश का सबसे ज्यादा शहरी जनसंख्या वाला शहर है. वहीं महाराष्ट्र में 2001 से शहरी जनसंख्या में 50.83 मिलियन लोगों का इजाफा हो चुका है.

First published: 29 April 2018, 12:07 IST
 
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