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मंदिर समेत विवादित मुद्दों पर चुप्पी साधकर वैचारिक प्रभाव बढ़ाएगा संघ

समीर चौगांवकर | Updated on: 15 March 2016, 14:09 IST

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अब अपनी रणनीति में व्यापक बदलाव लाने की योजना बनाई है. योजना मौजूदा नरेंद्र मोदी की सरकार के साथ सहयोग के साथ अपनी नीतियों को आगे बढ़ाने की है न कि उसके साथ टकराव करके. कहीं न कहीं संघ के भीतर यह सोच मजबूत हुई है कि मोदी का शांति से काम करना रहना उनके लिए ज्यादा फायदेमंद है बनिस्बत मंदिर और आरक्षण जैसे राजनीतिक मसलों में उलझाना.

यानी अपने कोर मुद्दों पर संघ अब धैर्य का परिचय देगा. नागौर अधिवेशन का मूलमंत्र यही है. संघ सूत्रों की मानें तो संघ की प्रतिनिधि सभा की बैठक में दो दिन तक डेरा डाले रहे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने विवादित मुद्दों पर कुछ समय तक संयम बरतने का आग्रह किया है. और संघ ने इसे स्वीकार भी कर लिया है.

खबर है कि शाह ने संघ को पूरी रह से मुतमईन रहने के लिए कहा है. सरकार धीरे-धीरे संघ के एजेंडे को लागू करने के लिए दृढ़ संकल्पित है. लेकिन संघ को थोड़ा धैर्य का परिचय देना होगा. क्योंकि देश का मौूदा माहौल ठीक नहीं है. हर तिल को ताड़ बनाने के लिए एक तबका लगा हुआ है. ऐसे में संघ के विवादित कोर मुद्दों पर सरकार की कोई पहल एक नए और गैरजरूरी विवाद को जन्म दे सकती है.

अमित शाह ने विवादित मुद्दों पर कुछ समय तक संयम बरतने का आग्रह किया है


सूत्रों के मुताबिक संघ ने भी शाह को पूरी तरह से आश्वस्त किया है. संघ अपनी तरफ से मोदी सरकार के लिए किसी तरह की मुश्किल नहीं खड़ा करना चाहती. लेकिन संघ इतना भरोसा जरूर चाहता है कि सरकार भी उनके हिंदुत्व के एजेंडे को लागू करने के लिए एक व्यापक रूपरेखा तैयार करे.

पहले से ही विपक्ष के निशाने पर चल रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संघ अपनी और से कोई और परेशानी नहीं देना चाहता है. संघ विवादति मुद्दों जैसे राम मंदिर, धारा 370, समान नागरिक संहिता, आरक्षण, घर वापसी और लव जेहाद जैसे मुद्दों पर चुप्पी साधने के साथ ही मोदी की योजनाओं को सफल बनाने के लिए भी जी जान से जुटेगा.

और सामाजिक होगा संघ

संघ देशभर में आनेवाले दिनों में पेयजल समस्या, स्वच्छता अभियान, प्रदुषणमुक्त भारत के साथ ही गंगा सफाई के लिए अपना योगदान देेने की तैयारी में है. संघ सामाजिक कार्यो में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है.

संघ जल प्रबंधन, जल संरक्षण और जल संवर्धन को लेकर समाज में जनजागृति लाने का अभियान संघ बड़े पैमाने पर चलाएगा. संघ के एक पदाधिकारी का कहना है अगर सरकार के साथ सामाजिक संस्थाए जुड़ती हैं तो सभी समस्याओं का निदान किया जा सकता है और संघ का भी मानना है कि सरकार के अच्छे विचारों और प्रयासों में सहयोग करने के साथ ही देश के आमजन तक पहुचाना चाहिए.

ब्राउन पैट बनी संघ का हिस्सा

1925 को संघ की स्थापना के बाद से संघ की पहचान बन चुकी खाकी निकर अब 90 साल बाद संघ के गणवेश से बाहर हो रही है. नागौर में तीन दिन चली संघ की सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में खाकी निकर के जगह ब्राउन पेट को गणवेश का हिस्सा बनाने का निर्णय हो गया है.

संघ के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने कहा है कि इस पर कुछ समय से विचार चल रहा था और समय की मांग को देखते हुए अब इसे स्वीकार कर लिया गया है. हालांकि यह परिवर्तन कब से लागू होगा इसकी निश्चित तिथि उन्होंने नहीं बताई लेकिन संघ सूत्रों के हवाले से खबर है कि संघ के स्थापना दिवस विजयादशमी के दिन से इसे लागू किया जाएगा.

संपन्न वर्ग आरक्षण का हठ छोड़े

हरियाणा में जाटों और गुजरात में पाटीदारों के आरक्षण की मांग पर संघ के सरकार्यवाह भैया जी जोशी ने कहा है कि समाज के सम्पन्न वर्गो की आरक्षण की मांग करना करना ठीक नहीं है. यह स्वस्थ समाज के लिए चिंता का विषय है. संघ चाहता है कि सक्षम वर्ग स्वेच्छा से आरक्षण की मांग का त्याग करे और सरकार भी यह देखे की कमजोर वर्ग को जिनके लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है उन तक पहुंच भी रहा है कि नहीं.

मंदिर में महिलाओं का विवाद संवाद से सुलझाएं

मंदिरों में महिलाओं के प्रवेश को लेकर चल रहे विवाद पर संघ ने कहा है कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है. जहां पर महिलाओं को मंदिरों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है वहां पर इस अनुचित पंरपरा को दोनों पक्ष आपसी संवाद से हल करें. संघ महिलाओं के मंदिरों में प्रवेश के पक्ष में है.

श्री श्री रविशंकर के दिल्ली में चल रहे कार्यक्रम पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के आरोप पर संघ ने कहा है कि पर्यावरण की रक्षा करना सबका कर्तव्य है और पर्यावरण को नुकसान किए बगैर कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, लेकिन इतने बड़े और गरिमापूर्ण कार्यक्रम को सिर्फ कानून की आड़ में रोकना भी सही नहीं होगा.

First published: 15 March 2016, 14:09 IST
 
समीर चौगांवकर @catchhindi

विशेष संवाददाता, राजस्थान पत्रिका

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