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केरल में आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या पर बवाल

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 February 2016, 17:29 IST
QUICK PILL
  • राज्य में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं. ऐसे में आएसएस कार्यकर्ता की हत्या से आने वाले दिनों में सियासी घमासान होने की आशंका बढ़ गई है.
  • आरएसएस का कहना है कि सीपीएम के कार्यकर्ताओं ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया है जबकि सीपीएम ने इस आरोप से इनकार किया है.

केरल के कन्नूर जिले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 27 वर्षीय कार्यकर्ता सुजीत की हत्या कर दी गई. घटना की क्रूरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सुजीत की हत्या उनके अभिभावकों के सामने की गई. आरएसएस का आरोप है कि सीपीएम के कार्यकर्ताओं ने सुजीत की हत्या की. जबकि सीपीएम ने इन आरोपों से इनकार किया है.

हत्याकांड के विरोध में आरएसएस ने कन्नूर जिले में एक दिन की हड़ताल बुलाई है. आरएसएस और बीजेपी नेताओं का आरोप है सीपीएम जिले का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है. 

बीजेपी के नए प्रेसिडेंट कुमानम राजशेखरन ने ट्वीट कर कहा, 'सीपीएम को यह बात समझ में आनी चाहिए कि इस तरह की हत्याओं से सीपीएम को कुछ भी हासिल नहीं होगा. तिरूअनंतपुमर में सीपीएम के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी समेत अन्य की सभा के कुछ ही घंटों के भीतर आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई. इससे क्या संदेश जाता है?'

मंगलवार को पुलिस ने इस मामले में 8 लोगों को हिरासत में लिया. सूत्रो के मुताबिक पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है वह सभी सीपीएम के कार्यकर्ता है. पुलिस ने हालांकि कहा है कि वह अभी तक इस मामले में राजनीतिक मकसद की कड़ी नहीं जोड़ पाई है. पुलिस ने कहा, 'फिलहाल सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है.'

सीपीएम के स्टेट सेक्रेटरी कोडियरी बालाकृष्णन ने तुरंत सफाई देते हुए कहा कि यह राजनीतिक हत्या नहीं है. उन्होंने कहा कि यह स्थानीय झड़प से जुड़ा मामला है. कन्नूर के सीनियर पार्टी नेता ने बताया कि यह पूरा मामला छेड़खानी से जुड़ा हुआ है.

कन्नूर का खूनी इतिहास

पिछले तीन दशक में राजनीतिक हिंसा कन्नूर का इतिहास रहा है. यहां आरएसएस और सीपीएम के बीच संघर्ष चलता रहा है. राजनीतिक हत्याएं यहां आम हैं. अधिकांश कार्यकर्ताओं की चाकू मारकर हत्या कर दी जाती है.

दोनों संगठनों के शीर्ष नेताओं ने अपने कैडरों से हिंसा नहीं करने की अपील की है लेकिन इसका कोई असर होता नहीं दिख रहा है. कुछ महीनों पहले केरल के दौरे पर गए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने दशकों से चले आ रहे खूनी संघर्ष को रोके जाने की अपील की थी. सीपीएम के नेता भी इस बारे में फिलहाल सोच रहे हैं.

सीपीएम के कार्यकर्ता भले ही इस हत्याकांड के पीछे हों या न हों लेकिन मौत को लेकर राजनीति की शुरुआत हो चुकी है. इससे केरल विधानसभा चुनाव के पहले राजनीतिक माहौल गरम होने की संभावना है.

First published: 17 February 2016, 17:29 IST
 
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