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RTI डालकर PMO से पूछा खाते में कब आएंगे 15 लाख, मिला ये जवाब..

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 April 2018, 8:58 IST

साल 2014 के लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कथित तौर पर कहा था कि जब विदेशों से कालाधन वापस आएगा तो प्रत्येक नागरिक के खाते में 15-15 लाख रुपए दिए जाएंगे. इसे लेकर जब एक RTI कार्यकर्ता ने प्रधानमंत्री ऑफिस से सवाल पूछा तो उसे कहा गया कि यह सवाल सूचना के दायरे में नहीं आता. इसलिए इसका जवाब नहीं दिया जा सकता.

दरअसल, सूचना के अधिकार के तहत 26 नवंबर 2016 को एक RTI कार्यकर्ता मोहन कुमार शर्मा ने आवेदन देकर उपरोक्त जानकारी मांगी थी. इसमें अन्य बातों के अलावा तारीख के बारे में जानकारी मांगी गई कि मोदी जी के वादे के अनुसार प्रत्येक नागरिकों के खातों में कब 15 लाख रुपये डाले जाएंगे. इसके बाद उन्हें जानकारी नहीं दी गई.

 

इसके बाद RTI कार्यकर्ता ने मुख्य सूचना आयुक्त आर के माथुर से शिकायत की. उन्होंने कहा कि पीएमओ और रिजर्व बैंक ने उन्हें इस बाबत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई. इस पर मुख्य सूचना अधिकारी माथुर ने जवाब दिया, "पीएमओ की ओर से आवेदककर्ता को यह जानकारी दी गई कि उनकी ओर से आरटीआई के जरिए मांगी गई जानकारी आरटीआई एक्ट के सेक्शन 2(एफ) के अंतर्गत सूचना की परिभाषा के दायरे में नहीं आती."

 

आरटीआई एक्ट के सेक्शन 2 (एफ) के तहत सूचना का मतलब कोई भी सामग्री होती है जो रिकॉर्ड्स, दस्तावेज, मेमोज, ई-मेल, राय, सलाह, प्रेस रिलीज, सर्कुलर्स, ऑर्डर्स, लॉगबुक्स, रिपोर्ट्स, पेपर्स, नमूने, मॉडल्स, डेटा के तौर पर होती है. साथ ही सूचना किसी भी निजी निकाय से संबद्ध हो सकती है, जिस तक किसी भी कानून के तहत सार्वजनिक प्राधिकार की पहुंच हो सकती है.

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इस पर मुख्य सूचना अधिकारी माथुर ने निर्णय किया कि आरटीआई आवेदन के निपटान के संदर्भ में जवाब देने वाले दोनों पक्षों प्रधानमंत्री कार्यालय तथा रिजर्व बैंक द्वारा उठाए गए कदम उपयुक्त है.

First published: 24 April 2018, 8:53 IST
 
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