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कार्टून पर मचे महाभारत के बाद 'सामना' के कार्टूनिस्ट ने मांगी माफी

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 February 2017, 8:24 IST
(सामना)

सामना में छपे कार्टून के बाद मचे महाभारत के बीच अखबार के कार्टूनिस्ट ने माफी मांगी है. शिवसेना के मुखपत्र में एक मराठा संगठन के मौन जुलूस को लेकर कार्टून छापा गया था. इस मामले में विपक्ष के साथ ही शिवसेना की सहयोगी भाजपा ने माफी मांगने को कहा था.

कार्टून पर विरोध होने के बाद इसको बनाने वाले कार्टूनिस्ट श्रीनिवास प्रभुदेसाई ने खेद जताया है. सामना में मराठा क्रांति मोर्चा के मौन जुलूस को लेकर प्रकाशित कार्टून पर मराठा आंदोलन कर रहे संगठन के लोगों ने विरोध किया था. यही नहीं इस कार्टून को लेकर अखबार के दफ्तर को निशाना बनाया गया था.

'मैं राजनीतिक कार्टूनिस्ट नहीं'

कार्टूनिस्ट श्रीनिवास प्रभुदेसाई ने सामना में खेद जताते हुए लिखा, "किसी की भावनाओं को दुख पहुंचाने का हमारा कोई इरादा नहीं था. यह गैरजरूरी विवाद है. मैं एक आर्टिस्ट हूं, न कि राजनीतिक कार्टूनिस्ट. बिजी लाइफ में मेरा इरादा लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने का है. मैं इसीलिए कार्टून बनाता हूं."

प्रभुदेसाई ने कहा, "इस मुद्दे का राजनीतिकरण किया गया, शिवसेना और सामना का नाम इसमें बिना किसी जरूरत के खींचा गया." 

कैसे शुरू हुआ विवाद?

शिवसेना के मुखपत्र सामना में मराठा समुदाय द्वारा निकाले गए ‘मौन जुलूस’ के संबंध में छपे कार्टून को लेकर मंगलवार को कुछ नाराज लोगों के द्वारा अखबार के नवी मुंबई स्थित कार्यालय पर पथराव किया गया. 

पुलिस के मुताबिक मराठा समर्थक सामाजिक संगठन ‘संभाजी ब्रिगेड’ ने हमले की जिम्मेदारी ली. शिवसेना ने इसे मराठा समुदाय के भीतर दरार पैदा करने के लिए कुछ लोगों द्वारा ‘जानबूझकर की गई शरारत’ करार दिया. 

पुलिस के मुताबिक तीन युवक वाहन से दोपहर पौने दो बजे नवी मुंबई के सनपडा में सामना प्रिंटिंग प्रेस भवन पहुंचे. उन्होंने प्रेस के गार्ड को बुलाया और एक पत्र लेने का आग्रह किया.

गार्ड जब उनकी ओर जाने लगा तो युवक गाड़ी से उतर गए और प्रेस भवन की ओर जाने लगे और कथित तौर पर पथराव कर वहां से भाग निकले. 

संभाजी ब्रिगेड ने ली हमले की जिम्मेदारी

उन्होंने बताया कि हमले में भवन की बाहरी दीवार के दो-तीन शीशे टूट गये. हमले के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और सनपडा थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी. इस हमले की जिम्मेदारी संभाजी ब्रिगेड ने हमले की जिम्मेदारी ली और मुखपत्र में कार्टून प्रकाशित किये जाने की निंदा की.

ब्रिगेड के प्रवक्ता शिवानंद भानुसे ने कहा, "हम सामना में कार्टून प्रकाशित करने की निंदा करते हैं. शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और सामना के कार्यकारी संपादक संजय राउत को महाराष्ट्र की महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए."

First published: 28 September 2016, 2:03 IST
 
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