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सांसद सचिन तेंदुलकर ने फेसबुक को बना दिया राज्यसभा!

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 December 2017, 17:47 IST

सांसद सचिन तेंदुलकर ने शुक्रवार को फेसबुक के जरिए लोगों से अपनी मन की बात कही. सचिन ने फेसबुक में वीडियो संंदेश के जरिये 'राइट टू प्ले' पर लोगों को संबोधित किया. सचिन ने वीडियो के जरिये राज्यसभा में ना बोल पाने का दुख भी व्यक्त किया. सचिन ने कहा ''गुरुवार को कुछ ऐसी बातें थीं, जो मैं आप लोगों तक पहुंचाना चाहता था. मैं यहां भी वही कोशिश करूंगा."

सचिन ने शुक्रवार को फेसबुक को राज्यसभा में बदल डाला. सचिन ने फेसबुक के जरिए खेलों के महत्व और उसको बढ़ावा देने पर अपना भाषण दिया. सचिन ने युवाओं से खेल के क्षेत्र में आने की अपील करते हुए कहा कि हमें खुद को स्‍पोर्ट्स लविंग नेशन के बजाय स्‍पोर्ट्स प्‍लेइंग नेशन में बदलना होगा.

फेसबुक पर अपने वीडियो संदेश में सचिन ने मोदी सरकार से अपील करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतकर लाने वाले प्रत्येक खिलाड़ी को केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना (CGHS) का लाभ मिले.  

सचिन ने लड़कियों को खेल में आने को लेकर प्रोत्साहन देते हुए कहा, " हमारे घरों में जब लड़की पैदा होती है तो हम कहते हैं लक्ष्‍मी आई है. लेकिन हमें इन्‍हें लक्ष्‍मी की तरह ही रखना होगा तभी पीवी सिंधु, मिताली राज, सानिया मिर्जा और साइना नेहवाल जैसी बन सकती हैं."

गौरतलब है कि मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर गुरुवार को राज्यसभा में अपनी पहली स्पीच नहीं दे पाए थे. सचिन तेंदुलकर को संसद के उच्च सदन में 'राइट टू प्ले' पर बोलना था. लेकिन पीएम मोदी की माफी की मांग पर विपक्ष ने सदन में हंगामा जारी रखा. हंगामे के बीच सचिन तेंदुलकर राज्यसभा में बोलने के लिए खड़े हुए लेकिन कांग्रेस ने अपना हंगामा जारी रखा.

राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने विपक्ष से सचिन को बोलने देने की अपील की पर विपक्ष पर इसका असर नहीं पड़ा और उसने हंगामा जारी रखा. हंगामा शांत ना होते देख राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई. इस तरह विपक्ष के शोरगुल के कारण भारत रत्न सचिन की डेब्यू स्पीच ना हो सकी.

गौरतलब है कि सचिन तेंदुलकर को साल 2012 में राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया था. इसके बाद संसद में रेखा और उनकी संसद में अनुपस्थिति को लेकर सवाल भी उठा. मनोनीत होने के बाद सदन की 348 दिनों की कार्यवाही में सचिन मात्र 23 दिनों तक रहे, जबकि रेखा सदन में 18 दिन ही आईं हैं.

First published: 22 December 2017, 17:47 IST
 
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