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संजय दत्त: सज़ा से रिहाई तक का सफ़र

आशीष कुमार पाण्डेय | Updated on: 6 January 2016, 20:47 IST
QUICK PILL

महाराष्ट्र सरकार ने गैर-कानूनी हथियार रखने के जुर्म में पांच साल की सजा काट रहे अभिनेता संजय दत्त की बाकी सजा माफ कर दी है. 56 वर्षीय दत्त करीब चार साल की सज़ा पहले ही काट चुके हैं.

महाराष्ट्र के गृह मंत्री रंजीत पाटिल ने बुधवार को दत्त की सजा माफी की अर्जी को अपनी हरी झंडी दे दी. पुणे की यरवदा जेल में कैद दत्त को 27 फ़रवरी को रिहा किया जाएगा.

मुंबई की विशेष टाडा अदालत ने दत्त को साल 2007 में आर्म्स एक्ट के तहत छह साल की सजा सुनायी थी. टाडा अदालत ने दत्त को गैरकानूनी असलहे रखने, छुपाने और सबूत मिटाने का दोषी पाया था.

साल 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सज़ा कम करके पांच साल कर दी थी.

संजय दत्त को 1993 में हुए मुंबई बम धमाकों के बाद गिरफ्तार किया गया था. मुंबई बम धमाकों में 257 लोग मारे गये थे और 713 लोग घायल हुए थे. पहले संजय दत्त पर मुंबई बम धमाकों में शामिल होने का केस चला लेकिन अदालत में ये साबित नहीं हो पाया.

संजय दत्त ने बतौर हीरो अपने करियर की शुरुआत 1981 में फिल्म राॅकी से की थी. इसके बाद नाम, थानेदार, खलनायक, सड़क, साजन, मुन्ना भाई एमबीबीएस और लगे रहो मुन्ना भाई जैसी कई शानदार फिल्मों में अभिनय किया.

मशहूर फिल्म अभिनेता सुनील दत्त और अभिनेत्री नरगिस के पुत्र संजय दत्त का व्यक्तिगत जीवन भी किसी सिनेमा से कम नहीं है. मां-बाप के इकलौते संजय दत्त के कदम किशोराअवस्था से ही डगमगा गये थे. पहले वो ड्रग्स के नशे में गिरफ्तार हुए और ड्रग्स से रिहा होने के बाद अवैध हथियारों के सिलसिले में कानून के हाथों गिरफ्तार हुए.

आइये नजर डालते हैं संजय दत्त के जिंदगी में आये उतार-चढ़ाव पर

  • 15 जनवरी 1993 में संजय दत्त को समीर हिंगोरा और हनीफ नाम के दो फिल्म प्रोड्यूसर्स ने एके 56 और हथगोले दिये.
  • 12 मार्च 1993 में मुंबई में कई जगहों पर सिलसिलेवार बम धमाके हुए, जिसमें 257 लोग मारे गये और 713 लोग घायल हुए. मुंबई पुलिस की जांच में समीर हिंगोरा और हनीफ की गिरफ्तारी हुई.
  • 19 अप्रैल 1993 में संजय दत्त मॉरिशस से अपनी फिल्म आतिश की शूटिंग से आये तो पुलिस ने उन्हें टाडा के तहत गिरफ्तार किया. इससे पहले पुलिस दत्त के दोस्त यूसुफ नलवाला को दत्त के घर से हथियार को हटाने और उन्हें नष्ट करने के मामले में गिरफ्तार कर चुकी थी.
  • 28 अप्रैल 1993 को संजय दत्त ने कोर्ट में अपने बयान में हथियार रखने की बात कबूल की.
  • 5 मई 1993 को अदालत ने संजय दत्त को जमानत पर रिहाई दी.
  • 4 जुलाई 1994 को संजय की जमानत खारिज होती है और उन्हें ऑर्थर रोड जेल भेज दिया जाता है.
  • 17 अक्टूबर 1995 को सुप्रीम कोर्ट ने संजय दत्त को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया. इस दौरान 16महीने दत्त ने जेल में गुजारे.
  • 28 नवंबर 2006 को कोर्ट ने संजय दत्त को टाडा आरोप से बरी कर दिया.
  • 31 जुलाई 2007 कोर्ट ने संजय दत्त को गैरकानूनी असलहे को रखने, छुपाने और उन असलहों को नष्ट करके साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ का दोषी मानते हुए 6 साल की कठोर सजा दी. दत्त एक बार फिर जेल के सीकचो के पीछे भेज दिए गये.
  • 20 अगस्त 2007 को सुप्रीम कोर्ट ने संजय दत्त को अंतरिम जमानत दिया.
  • 22 अक्टूबर 2007 को संजय दत्त के अंतरिम जमानत की अवधि खत्म हुई और उन्हें फिर जेल जाना पड़ा.
  • 27 नवंबर 2007 को सुप्रीम कोर्ट ने संजय दत्त को नियमित जमानत दे दी.
  • 21 मार्च 2013 को सुप्रीम कोर्ट ने संजय दत्त को 5 साल की सजा सुनाई.
  • 16 मई 2013 को संजय दत्त को ऑर्थर रोड जेल भेजा गया.
  • संजय दत्त को एक हफ्ते बाद पुणे की यरवदा जेल भेज दिया गया. वहां वह कैदी नंबर 16656 हैं.
First published: 6 January 2016, 20:47 IST
 
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