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शासन के एक फरमान से लाखों कर्मचारियों के चेहरे पर मायूसी, अटका 1.75 लाख लोगों का वेतन

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 March 2019, 12:12 IST

मध्य प्रदेश में लाखों कर्मचारियों के चेहरे पर मायूसी छाई हुई है. दरअसल, मप्र शासन के कोष एवं लेखा विभाग द्वारा एक आदेश जारी किया गया है. इस आदेश के मुताबिक, "जिन कर्मचारियों के मोबाइल नंबर रजिस्टर नहीं है उनका वेतन तत्काल प्रभाव से रोका जा रहा है."

शासन के इस फैसले से भोपाल के 35 हजार कर्मचारियों के वेतन पर रोक लग गई. इसके साथ ही पूरे मध्य प्रदेश की बात करें, तो यहां पूरे 1.75 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को मार्च में वेतन नहीं दिया जाएगा.

मालूम हो कि मध्यप्रदेश में कर्मचारियों के वेतन, आहरण आवेदन और व्यक्तिगत दावों की मंजूरी समेत कई जानकारियां आईएफएमआईएस सॉफ्टवेयर के द्वारा कर्मचारियों को मोबाइल पर मैसेज की जरिए दी जाती है. इस मैसेज को पाने के लिए कर्मचारियों को इस सॉफ्टवेयर में सही नंबर दर्ज होना जरूरी होता है. एक अधिकारी द्वारा इन नंबर्स को वेरिफाई किया जाता है.

सरकार के इस फरमान से कर्मचारियों के संगठनों ने नाराजगी व्यक्त की है. कर्मचारी संगठन ने मांग की है कि उनका वेतन ना रोका जाए. कर्मचारियों द्वारा विवाद बढ़ने के बाद कोष और लेखा आयुक्त मुकेश गुप्ता ने सफाई दी कि किसी को परेशान नहीं किया जाएगा. नंबर दर्ज होने के बाद सभी को अगले महीने सैलेरी दे दी जाएगी.

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First published: 28 March 2019, 12:12 IST
 
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