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संदीप पांडेय को बीएचयू ने दिया सेवा समाप्ति का पत्र, सिविल सोसाएटी समर्थन में

अभिषेक पराशर | Updated on: 7 January 2016, 7:51 IST
QUICK PILL
  • शिक्षा और नागरिक अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले संगठनों ने संदीप पांडेय की बर्खास्तगी को \'शिक्षा का भगवाकरण\' करने की कोशिश बताते हुए इस लड़ाई को आगे ले जाने की चेतावनी दी है.
  • बीएचयू ने पांडेय की बर्खास्तगी पर जो चिट्ठी जारी की है उसमें उनकी सेवा को समाप्त किए जाने के कारणों का जिक्र नहीं किया गया है.

शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहे मशहूर गांधीवादी विचारक संदीप पांडेय को आखिरकार बनारस हिंदू विश्विविद्यालय (बीएचयू) प्रशासन ने अध्यापन से प्रतिबंधित करने संबंधी चिट्ठी थमा दी है. 

बीएचयू प्रशासन की तरफ से जारी आदेश में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक के रिजॉल्यूशन संख्या 3.59 के हवाले से बताया गया है, 'संदीप पांडेय को यह सूचित किया जाता है कि डिपार्टमेंट ऑफ केमिकल इंजीनियरिंग में बतौर विजिटिंग फैकल्टी उनकी सेवा समाप्त की जाती है.' पांडेय को एक महीने का नोटिस दिया गया है. गौरतलब है कि संदीप पांडेय के बीएचयू की विजिटिंग फैकल्टी से हटाने की खबर सोमवार को कैच हिंदी ने दी थी. 

सिविल सोसाएटी ने विश्वविद्यालयों में सम्मेलन कर बीएचयू के 'भगवा चरित्र' का पर्दाफाश करने की तैयारी कर ली है

संदीप पांडेय को बीचएयू आईआईटी में अध्यापन से प्रतिबंधित करने को लेकर सिविल सोसाएटी ने उनके पक्ष में इंसाफ की मुहिम छेड़ दी है. शिक्षा के क्षेत्र और नागरिक अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले संगठनों ने पांडेय की बर्खास्तगी को 'शिक्षा का भगवाकरण' करने की कोशिश बताते हुए इस लड़ाई को आगे ले जाने की चेतावनी दी है.

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इस बीच सिविल सोसाएटी ने विश्वविद्यालयों में सम्मेलन कर बीएचयू के 'भगवा चरित्र' का पर्दाफाश करने की तैयारी कर ली है. रिहाई मंच के प्रवक्ता राजीव यादव ने कहा, 'हम लखनऊ और वर्धा समेत कई विश्वविद्यालयों में सम्मेलन कर इस फैसले के खिलाफ छात्रों और शिक्षकों को एकजुट करने की कोशिश करेंगे. इलाहाबाद विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन की तैयारी है.' 

यादव ने कहा, 'मोदी सरकार के आने के बाद देश के शिक्षा संस्थानों को भगवा विचारधारा से हांकने की कोशिश की जा रही है और हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे.'

वहीं सोशल मीडिया पर 'जस्टिस फॉर प्रोफेसर संदीप पांडेय' के नाम से मुहिम चल चुकी है. पांडेय की बर्खास्तगी को लेकर बुधवार शाम साझा संस्कृति मंच की भी बैठक हुई. बैठक में बीएचयू प्रशासन से तत्काल स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है. 

बीएचयू ने पांडेय की बर्खास्तगी पर जो चिट्ठी जारी की है उसमें उनकी सेवा को समाप्त किए जाने के कारणों का जिक्र नहीं किया गया है. पांडेय ने कहा, 'हमें इस फैसले के बारे में जानकारी थी. हम बस विश्वविद्यालय की तरफ से आधिकारिक तौर पर सूचित किए जाने का इंतजार कर रहे थे.'

संदीप पांडेय पिछले ढाई सालों से बीएचयू के आईआईटी में बतौर विजिटिंग फैकल्टी पढ़ाते रहे थे. उन्होंने कहा, 'मुझे अकादमिक कारणों से नहीं बल्कि राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाकर हटाया गया है.' 

वीसी जीसी त्रिपाठी और आईआईटी के डीन ऑफ फैकल्टी अफेयर्स धनंजय पांडेय का संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से रहा है: पांडेय

पांडेय का कहना है कि बीएचयू के वीसी गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने आईआईटी डायरेक्टर पर उन्हें हटाने का दबाव बनाया. उन्होंने कहा कि मुझे बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक में हटाने का फैसला लिया गया और इसके प्रमुख बीएचयू के वीसी हैं.

पांडेय आगे कहते हैं, 'वे शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी के करीबी है.इसी वजह से उन्हें बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में शामिल किया गया था.' उन्होंने कहा, 'वाइस चांसलर जीसी त्रिपाठी और आईआईटी के डीन ऑफ फैकल्टी अफेयर्स धनंजय पांडेय ने बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की सिफारिशों को जबरदस्ती नजरअंदाज किया. इन दोनों का संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से रहा है.'
First published: 7 January 2016, 7:51 IST
 
अभिषेक पराशर @abhishekiimc

चीफ़ सब-एडिटर, कैच हिंदी. पीटीआई, बिज़नेस स्टैंडर्ड और इकॉनॉमिक टाइम्स में काम कर चुके हैं.

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