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'प्रणब मुखर्जी के RSS इवेंट में जाने का असर, पांच गुना बढ़े संघ में शामिल होने के आवेदन'

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 June 2018, 11:14 IST

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दावा किया है कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के 7 जून को नागपुर में आरएसएस के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद संघ में शामिल होने के लिए आवेदनों की बाढ़ आ गई है. आरएसएस का कहना है कि संघ की सदस्यता को लेकर आवेदन में पांच गुना तक बढ़ोतरी हुई है. इसके लिए सबसे ज्यादा आवेदन पश्चिम बंगाल से ही आए हैं. आरएसएस की ओर से प्रणब को भेजे गए धन्यवाद पत्र में इस बात का जिक्र है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को यह पत्र संघ के सह सरकार्यवाह मनमोहन वैद्य ने भेजा है. इस पत्र में उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति को 'प्रणव बाबू' के नाम से संबोधित किया है. पत्र में उन्होंने प्रणब मुखर्जी के विचार 'वन इंडिया' और 'भारतीय संस्कृति' की तारीफ की है. पत्र के आखिर में वैद्य ने संघ में शामिल होने के लिए लोगों में बढ़ी दिलचस्पी के बारे में लिखा है.

बता दें कि इस बाबत पश्चिम बंगाल में संघ के प्रचार प्रमुख और प्रवक्ता विप्लव रॉय ने जानकारी दी. उन्होंने बताया, "कि हमें एक से 6 जून तक औसतन 378 आवेदन हर दिन प्राप्त हुए लेकिन 7 जून के दिन सबसे ज्यादा 1779 आवेदन हमारे पास आए." 

गौरतलब है कि 7 जून को ही प्रणब मुखर्जी आरएसएस के नागपुर स्थित संघ मुख्यालय में तृतीय वर्ष का प्रशिक्षण लेने वाले काडरों को संबोधित करने पहुंचे थे. इसके बाद कांग्रेसी नेताओं में हड़कंप मच गया था. कई नेताओं ने उनसे आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल न होने की अपील भी की थी. यहां तक कि उनकी बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी प्रणब के आरएसएस दौरे का मुखर विरोध किया था.

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पश्चिम बंगाल के बड़ाबाजार लाइब्रेरी में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में संघ के प्रांत कार्यवह डॉ जिष्णु बसु ने भी कहा कि प्रणब मुखर्जी की मौजूदगी के साथ आरएसएस का देशहित में कार्य भी महत्वपूर्ण रहा. जिस तरह से बंगाल में अलोकतांत्रिक स्थिति बन गयी थी, उसके बाद प्रणब मुखर्जी का आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल होना देशहित में आरएसएस का साथ देने का संकेत है. उन्होंने कहा कि देश को शक्तिशाली बनाना ही संघ का लक्ष्य है. 

First published: 26 June 2018, 11:11 IST
 
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