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संघ देश के हर शहर में बनाएगा गोशाला

समीर चौगांवकर | Updated on: 22 April 2016, 20:43 IST

देश में गो हत्याओं की घटनाओं और बीफ के बढ़ते चलन से निपटने और गायों को बचाने के लिए संघ पूरे देश में गोशाला बनाने की तैयारी में है. 

संघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष शंकरलाल ने राजस्थान पत्रिका से विशेष बातचीत में कहा कि हमारी योजना हर शहर में पांच एकड़ में इस प्रकल्प को शुरू करने की है. सवा एकड़ में ऊपर रिहायशी कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे और नीचे सवा एकड़ में गोशाला होगी.

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एक एकड़ में सब्जी उगाई जाएगी, एक एकड़ में मंदिर, यज्ञ शाला और धार्मिक कार्यों के लिए भवन बनाए जाएंगे. पांच एकड़ जमीन शहर में उपलब्ध न होने पर शहर के आसपास इसका निर्माण किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि कोलकाता, गुवाहाटी और चेन्नई में जगह मिल गई है और बाकी शहरों के लिए प्रयास जारी है. यह प्रकल्प पीपीपी मॉडल के जैसा होगा. संघ ने पहले देशभर में 120 गोशाला बनाने की योजना बनाई थी लेकिन अब संघ इसका दायरा बढ़ाना चाहता है. जहां गोशालाएं होंगी उसे कामधेनु नगर के नाम से जाना जाएगा. 

सरकार बनाए गौ अभ्यारण्य

शंकरलाल के मुताबिक मध्यप्रदेश सरकार ने आगर में 1200 एकड़ में गौ अभ्यारण्य बनाया है. गुजरात सरकार ने सौराष्ट्र में गौ अभ्यारण्य बनाया है. हरियाणा सरकार हर जिले में गौ अभ्यारण्य बनाने जा रही है. 

उनका कहना है कि सभी सरकारों को गौ अभ्यारण्य बनाने के लिए आगे आना चाहिए.

सरकार मदद दे तो स्वागत

शंकरलाल के मुताबिक सरकार से हम किसी तरह की सहायता नहीं मांगेंगे. लेकिन अगर सरकार मदद के लिए आगे आती है तो उसका स्वागत है. संघ इस गोशाला को बनाने में मदद करने वाले लोगों को गोशाला में बनने वाले दूध, गोमूत्र व ताजा सब्जियां उपलब्ध कराएगा.

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संघ की कोशिश समाज में गोशाला के प्रति सम्मान की भावना जगाना और गायों को सुरक्षित करना है. सघ इन गोशालाओं में भारतीय नस्ल की गायें रखेगा.

संघ के इस एजेंडे में गोधन पर आधारित खेती को बढ़ावा देने, जेलों में गौशालाए बनाने और स्कूली बच्चों को स्कॉलरशिप देने के लिए गायों के बारे में परीक्षा कराने, गो विज्ञान के अध्ययन के लिए एक विश्वविद्यालय खोलने, हर राज्य में एक गौ अभ्यारण्य खोलने और मंदिरों में हर सप्ताह गो कथा कराने की बातें शामिल हैं.

First published: 22 April 2016, 20:43 IST
 
समीर चौगांवकर @catchhindi

विशेष संवाददाता, राजस्थान पत्रिका

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