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सारदा चिटफंड घोटाले में आरोपी मदन मित्रा को स्पेशल कोर्ट ने दी जमानत

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 September 2016, 12:46 IST
(कैच)

सारदा चिटफंड घोटाले के आरोपी और तृणमूल कांग्रेस के नेता मदन मित्रा को कोलकाता की विशेष अदालत ने करीब 21 महीने जेल में रहने के बाद शुक्रवार को जमानत दे दी.

इस मामले में जज उत्तम कुमार नंदी ने राज्य के पूर्व परिवहन मंत्री को 15-15 लाख रुपये के दो मुचलके पर जमानत दे दी. इसके साथ ही अदालत ने उन्हें 23 नवम्बर को पेश होने का भी आदेश दिया है.

जमानत देने के साथ ही कोर्ट ने मित्रा को अपना अपना पासपोर्ट सीबीआई के पास जमा कराने को कहा है. कोर्ट ने उन्हें कोलकाता से बाहर नहीं जाने का भी निर्देश दिया है.

मित्रा के वकील ने एक दिन पहले अदालत के सामने कहा था कि तृणमूल कांग्रेस के नेता अब प्रभावशाली व्यक्ति नहीं है, क्योंकि वह न तो मंत्री हैं और न ही पार्टी में किसी पद पर हैं.

मित्रा के वकील ने यह भी दावा किया कि सीबीआई जांच में देरी कर रही है और जमानत नहीं दिए जाने का कोई कारण नहीं है. सीबीआई के वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि जांच एजेंसी सारदा घोटाले में महत्वपूर्ण चरण में है और मित्रा को जमानत देने से जांच बाधित होगी क्योंकि पूर्व मंत्री अब भी काफी प्रभावशाली हैं और मामले में मुख्य गवाहों तक अब भी उनकी पहुंच है.

इस बीच तृणमूल कांग्रेस ने उनकी रिहाई का स्वागत किया है. पार्टी के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा कि वे खुश हैं और पार्टी हमेशा उनके साथ खड़ी है.

चटर्जी ने कहा, "हम आश्चर्यचकित हैं कि इतने बड़े सामाजिक कार्यकर्ता मदन मित्रा इतना समय जेल में कैसे रहे, जबकि हत्या के आरोपी को तीन महीने के अंदर जमानत मिल जाती है.’"

चटर्जी ने कहा, "बहरहाल हम खुश हैं कि आज उन्हें जमानत मिल गई. पार्टी हमेशा मदन मित्रा के साथ है."

First published: 10 September 2016, 12:46 IST
 
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